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कोहरे और ठंड से लोग बेहाल
ब्यूरो/ अमर उजाला बलिया
Updated Thu, 31 Dec 2015 11:08 PM IST
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पूरा जनपद गुरुवार को घने कोहरे की आगोश में रहा। पूरे दिन सूर्य और बादलों के बीच लुकाछिपी का खेल चलता रहा। दोपहर बाद हल्की-हल्की धूप निकली। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
कोहरे के चलते अधिकांश ट्रेनें और रोडवेज बस फाग लाइट जलाकर चलते नजर आए। यातायात प्रभावित होने से यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जनपद के कुछ सरकारी और गैरसरकारी दफ्तर भी विलंब से खुले तथा कई विभागों में कर्मचारियों के भी पहुंचने में देर हुई।
देश के पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी का असर पूर्वी क्षेत्रों में दिखाई पड़नेे लगा है। इन दिनों कोहरे के साथ ही सर्द हवाएं पूरे दिन चलने से गलन और कंपकंपाती बढ़ी रही। आलम यह था सुबह 11 बजे तक वाहन सड़कों पर लाइट जलाकर रेंगने को मजबूर थे।
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उधर सूर्य और बादलों का लुका-छिपी का खेल पूरे दिन तक चलता रहा। जैसे ही धूप खिली, लोग छतों पर और खुले मैदानों में गए। कुछ देर के लिए धूप निकली तो लोगों ने राहत की सांस ली। इन दिनों कड़ाके की ठंड में सबसे अधिक परेशान बुजुर्ग, महिलाएं और नन्हे मुन्ने मासूम रहे।
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कोहरे के चलते अधिकांश ट्रेनें और रोडवेज बस फाग लाइट जलाकर चलते नजर आए। यातायात प्रभावित होने से यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जनपद के कुछ सरकारी और गैरसरकारी दफ्तर भी विलंब से खुले तथा कई विभागों में कर्मचारियों के भी पहुंचने में देर हुई।
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देश के पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी का असर पूर्वी क्षेत्रों में दिखाई पड़नेे लगा है। इन दिनों कोहरे के साथ ही सर्द हवाएं पूरे दिन चलने से गलन और कंपकंपाती बढ़ी रही। आलम यह था सुबह 11 बजे तक वाहन सड़कों पर लाइट जलाकर रेंगने को मजबूर थे।
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उधर सूर्य और बादलों का लुका-छिपी का खेल पूरे दिन तक चलता रहा। जैसे ही धूप खिली, लोग छतों पर और खुले मैदानों में गए। कुछ देर के लिए धूप निकली तो लोगों ने राहत की सांस ली। इन दिनों कड़ाके की ठंड में सबसे अधिक परेशान बुजुर्ग, महिलाएं और नन्हे मुन्ने मासूम रहे।