रसड़ा। क्षेत्र के जाम गांव के किसान धान रोपाई के 15 दिन बाद ही धान के पौधों से बाल निकलता देख चिंतित हो गए हैं।
जाम गांव के किसान उमाशंकर सिंह, रणजीत सिंह, गणेश ठाकुर, धनंजय शर्मा, विजय शंकर, टिंकू शर्मा, रामजी सिंह, विपिन शर्मा, सुबोध ठाकुर सहित दर्जनों किसान 19 जून को ब्लाक मुख्यालय से धान का बीज लिया गया। खेत की तैयारी कर किसानों ने नर्सरी में धान का बीज भी डाल दिया। बीज तैयार होने पर किसानों ने 12 जुलाई से रोपाई भी कर दिया। धान की रोपाई के 15 दिन बाद ही धान फूटना शुरू हो गया। जबकि धान के पौधों का कोई विकास नहीं हुआ है। किसानों कई एकड़ धान की फसल बर्बाद होती देख किसान के पैरों तले जमीन ही खिसक गई है। उमाशंकर सिंह ने अकेले लगभग 16 बीघे सीओ 51 धान की रोपाई की है। ब्लाक मुख्यालय से सरकार द्वारा इस तरह का प्रमाणित बीज मिल रहा है तो प्राइवेट दुकान से बीज लेने वाले किसानों का क्या हाल होगा। किसानों ने संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुये जांच कर मुआवजा की मांग किया।