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सहायता के नाम पर हो रही राजनीति
अमर उजाला ब्यूरोः बलिया
Updated Sun, 25 Sep 2016 11:35 PM IST
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बाढ़ पीड़ितों को बांटने के लिए साइकल ब्रांड आलू।
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बाढ़के बहाने राजनैतिक दल अपनी-अपनी डफली बजा रहे हैं। सूबे की सरकार द्वारा बाढ़ पीड़ितों को दी जाने वाली राहत सामग्री में चुनाव चिह्न लगाकर सपा वोटरों को लुभा रही है। ऐसा ही एक मामला शनिवार को क्षेत्र के बघेजी गांव में तब प्रकाश में आया है जब राहत सामग्री की बोरी में साइकल का निशान देखा गया। इसे लेकर बाढ़ पीड़ितों में नाराजगी है, उनका कहना है कि एक तो ऊंट में जीरा जैसी राहत सामग्री दे रहे हैं और ऊपर से हमसे आशा भी रखते हैं।
हुआ यूं कि बीते दिनों आई भयंकर बाढ़ में क्षेत्र के बघेजी गांव बुरी तरह प्रभावित हो गया था। लगभग 1300 की आबादी पानी से घिर गई थी। शनिवार को गांव में शासन से मिलने वाली राहत सामग्री का वितरण हो रहा था। राहत सामग्री की बोरी में साइकल का निशान देख देख बाढ़ पीड़ितों में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी।
पीड़ित डा. अशोक सिंह ने कहा कि 20 किलो चावल देकर समाजवादी पार्टी की सरकार अब वोट बैंक तैयार करना चाह रही है।
वहीं पीड़ित गोपाल सिंह का कहना है कि एक तो हम बाढ़ में वैसे ही तबाह हो गए है। दर्जनों बार की गई मांग के बाद अब जाकर शासन को हमारी याद आई है। कुछ राहत साम्रगी मिल भी रही है, तो उसमें भी वोट बैंक तैयार करने की राजनीति शुरू हो गई है।
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हुआ यूं कि बीते दिनों आई भयंकर बाढ़ में क्षेत्र के बघेजी गांव बुरी तरह प्रभावित हो गया था। लगभग 1300 की आबादी पानी से घिर गई थी। शनिवार को गांव में शासन से मिलने वाली राहत सामग्री का वितरण हो रहा था। राहत सामग्री की बोरी में साइकल का निशान देख देख बाढ़ पीड़ितों में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी।
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पीड़ित डा. अशोक सिंह ने कहा कि 20 किलो चावल देकर समाजवादी पार्टी की सरकार अब वोट बैंक तैयार करना चाह रही है।
वहीं पीड़ित गोपाल सिंह का कहना है कि एक तो हम बाढ़ में वैसे ही तबाह हो गए है। दर्जनों बार की गई मांग के बाद अब जाकर शासन को हमारी याद आई है। कुछ राहत साम्रगी मिल भी रही है, तो उसमें भी वोट बैंक तैयार करने की राजनीति शुरू हो गई है।
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