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विधान सभा के पटल पर गूंजेगा ब्यासी कांड

Sun, 10 Jan 2021 09:56 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 10 Jan 2021 09:56 PM IST
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On the floor of the Legislative Assembly, the byasi kand will be heard
प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी। - फोटो : BALLIA
बलिया। दुबहड़ थाना क्षेत्र के ब्यासी गांव में पुलिस द्वारा ग्रामीणों पर किए गए अत्याचार की घटना को विधानसभा के अगले सत्र में उठाया जाएगा। यह घटना निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। उक्त बातें नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कही। रविवार को प्रेस को जारी बयान में कहा कि ब्यासी गांव में जो भी पुलिसिया कार्रवाई हुई है, सपा उसकी निन्दा करती है। किसी भी व्यक्ति के घर में घुस कर महिलाओं को अपशब्द बोलना, बूढ़े-बुजुर्गों पर डंडा चलना, गाड़ियों का शीशा तोड़ना, दरवाजा तोड़ना न्याय संगत नहीं है। सरकार से मृतक विश्वकर्मा पासवान के परिवार को मुआवजा देने की मांग की। साथ ही जिनके घरों पर पुलिस द्वारा तोड़-फोड़ किया गया है, उन लोगों को भी उसका मुआवजा दिया जाए और फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएं।
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चौधरी ने बताया कि इस संबंध में मैंने पुलिस अधीक्षक व अपर पुलिस अधीक्षक से भी बात किया है। दोनों अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि अब पुलिस द्वारा किसी से भी बदसलूकी नहीं होगी तथा किसी भी निर्दोष को नहीं फंसाया जाएगा और आश्वस्त किया कि ऐसे लोगों की जांच कराकर उनके संबंध में सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। उधर, समाजवादी पार्टी के जिला प्रवक्ता सुशील पाण्डेय कान्हजी ने भी प्रेस को बताया कि नेता प्रतिपक्ष का निर्देश हुआ है कि जनपदीय पार्टी के नेता उस गांव के लोगों से हमेशा मिलते रहें और प्रशासन से वार्ता कर वहां के लोगों को राहत दिलाएं।
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माकपा का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा ब्यासी, पीड़ितों से मिला
बलिया। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का छह सदस्यीय प्रतिनिधमंडल शनिवार की शाम को शिवपुर दियर के ब्यासी गांव में पहुंचा और छह जनवरी को ग्रामीणों व पुलिस के बीच हुई घटना की जानकारी ली। प्रतिनिधि मंडल को ग्रामीणों ने बताया कि विश्वकर्मा पासवान की सड़क हादसे में मौत के बाद लोग परिजनों की आर्थिक मदद की मांग कर रहे थे। लेकिन प्रशासन समाधान निकालने के बजाए लोगों को मारने को दौड़ा लिया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने त्रिभुवन यादव, दिलीप यादव, सुनील मिश्र, अर्जुन सिंह, वीरेंद्र पासवान व उनके परिवार की महिलाओं व बच्चों से मिला। साथ ही सरकार से मामले की न्यायिक जांच कराने, पुलिस की ज्यादती, तोड़-फोड़, व लूट की प्रथमिकी दर्ज कराने, मृतक आश्रित को 15 लाख की सहायता प्रदान देने और बेगुनाहों को रिहा करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में शैलेश कुमार सिंह, परमात्मानंद राय, तेजनारायण, अशोक कुमार पांडेय, मुन्ना सिंह, राजकुमार मौर्य थे।
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