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अब यूनिवर्सल सेनिटेशन कवरेज से गांवों को किया जाएगा ओडीएफ
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बलिया। अब यूनिवर्सल सेनिटेशन कवरेज के तहत गांवों को ओडीएफ किया जाएगा। इसके तहत छूटे हुए पात्रों को चिह्नित कर उन्हें शौचालय आवंटित किया जाएगा। इसके लिए सर्वे का कार्य शुरू हो गया है जो 25 अगस्त तक चलेगा।
जिले में वर्ष 2016-17 से ही स्वच्छ भारत मिशन लागू है। इसके तहत सभी गांवों को ओडीएफ करने के लिए जिले के 1844 राजस्व गांवों में कुल 318246 शौचालयों का निर्माण कराया जाना था। इसके लिए धनराशि भी उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जागरूक किया गया। वर्ष 2018 में कुल 380 स्वेच्छाग्रही को पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया और प्रशिक्षण के बाद स्वेच्छाग्रही की टीमों के माध्यम से अलग-अलग गांवों में पांच दिनों तक ट्रिेगरिंग कराई गई। इसके लिए विभाग की ओर से तीन लाख 97 हजार रुपये का भुगतान किया गया जबकि इनके प्रशिक्षण पर कुल 20 लाख का भुगतान किया गया। हालांकि जिले में कुल 615 स्वेच्छाग्रही बनाने व प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के कारण 380 स्वेच्छाग्रही को ही प्रशिक्षण दिया जा सका। शासन की ओर से दो अक्तूबर 18 तक सभी गांवों को ओडीएफ करने का लक्ष्य निर्धारित किया लेकिन शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के कारण समय सीमा बढाई गई और दिसंबर 18 में सभी गांवों को बेसलाइन सर्वे के आधार पर ओडीएफ घोषित कर दिया गया। हालांकि इसके बाद विभाग ने दो बार अलग-अलग समयों में सर्वे किया और 86338 लाभार्थी मिले। इसमें 73361 को धनराशि भेजी गई है और 12977 लाभार्थियों को धनराशि भेजने की प्रकिया चल रही है। लेकिन मंडलीय टीम के सत्यापन में कई कमियां सामने आने पर जिले के 1094 गांवों का ओडीएफ अमान्य कर दिया।
उधर, भारत सरकार ने गांवों को ओडीएफ करने के लिए यूनिवर्सल सेनिटेशन कवरेज योजना को लागू की है। शासन ने निर्देश दिया है कि इसके तहत प्रत्येक गांव के छूटे पात्रों को चिह्नित कर शौचालय से संतृप्त किया जाए। इसके लिए 25 अगस्त तक सर्वे का काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है। शासन के निर्देश पर डीपीआरओ ने सभी ग्राम प्रधान, सचिव व एडीओ को पत्र जारी कर छूटे पात्रों को चिह्नित करने को कहा है। डीपीआरओ की मानें तो छूटे पात्रों को शौचालय से संतृप्त कर गांवों को ओडीएफ किया जाएगा।
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डीपीआरओ एसडी पांडेय ने कहा कि शासन की ओर से यूनिवर्सल सेनिटेशन कवरेज के तहत छूटे पात्रों को चिह्नित करने का निर्देश मिला है। इसके तहत सर्वे के लिए सभी ब्लॉकों और ग्राम पंचायतों को निर्देश दिया गया है। सर्वे का कार्य 25 अगस्त तक पूरा किया जाना है।
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जिले में वर्ष 2016-17 से ही स्वच्छ भारत मिशन लागू है। इसके तहत सभी गांवों को ओडीएफ करने के लिए जिले के 1844 राजस्व गांवों में कुल 318246 शौचालयों का निर्माण कराया जाना था। इसके लिए धनराशि भी उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जागरूक किया गया। वर्ष 2018 में कुल 380 स्वेच्छाग्रही को पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया और प्रशिक्षण के बाद स्वेच्छाग्रही की टीमों के माध्यम से अलग-अलग गांवों में पांच दिनों तक ट्रिेगरिंग कराई गई। इसके लिए विभाग की ओर से तीन लाख 97 हजार रुपये का भुगतान किया गया जबकि इनके प्रशिक्षण पर कुल 20 लाख का भुगतान किया गया। हालांकि जिले में कुल 615 स्वेच्छाग्रही बनाने व प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के कारण 380 स्वेच्छाग्रही को ही प्रशिक्षण दिया जा सका। शासन की ओर से दो अक्तूबर 18 तक सभी गांवों को ओडीएफ करने का लक्ष्य निर्धारित किया लेकिन शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के कारण समय सीमा बढाई गई और दिसंबर 18 में सभी गांवों को बेसलाइन सर्वे के आधार पर ओडीएफ घोषित कर दिया गया। हालांकि इसके बाद विभाग ने दो बार अलग-अलग समयों में सर्वे किया और 86338 लाभार्थी मिले। इसमें 73361 को धनराशि भेजी गई है और 12977 लाभार्थियों को धनराशि भेजने की प्रकिया चल रही है। लेकिन मंडलीय टीम के सत्यापन में कई कमियां सामने आने पर जिले के 1094 गांवों का ओडीएफ अमान्य कर दिया।
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उधर, भारत सरकार ने गांवों को ओडीएफ करने के लिए यूनिवर्सल सेनिटेशन कवरेज योजना को लागू की है। शासन ने निर्देश दिया है कि इसके तहत प्रत्येक गांव के छूटे पात्रों को चिह्नित कर शौचालय से संतृप्त किया जाए। इसके लिए 25 अगस्त तक सर्वे का काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है। शासन के निर्देश पर डीपीआरओ ने सभी ग्राम प्रधान, सचिव व एडीओ को पत्र जारी कर छूटे पात्रों को चिह्नित करने को कहा है। डीपीआरओ की मानें तो छूटे पात्रों को शौचालय से संतृप्त कर गांवों को ओडीएफ किया जाएगा।
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डीपीआरओ एसडी पांडेय ने कहा कि शासन की ओर से यूनिवर्सल सेनिटेशन कवरेज के तहत छूटे पात्रों को चिह्नित करने का निर्देश मिला है। इसके तहत सर्वे के लिए सभी ब्लॉकों और ग्राम पंचायतों को निर्देश दिया गया है। सर्वे का कार्य 25 अगस्त तक पूरा किया जाना है।