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Ballia News: गंगा की कटान को रोकने के प्रयास में बाधा, तीसरा कटर नदी में समाया
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लालगंज क्षेत्र के शिवपुर गांव के समीप गंगा नदी के कटान में बहा कटर।संवाद
लालगंज । गंगा के कटान को रोकने के लिए बाढ़ विभाग की तरफ से शिवपुर घाट से सेमरिया डेरा तक बनाए जा रहे कटर में एक का आधा हिस्सा नदी में सोमवार की देर शाम को समा गया। इससे कटानरोधी कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए है। इस इलाके में गंगा की धारा मोड़ने के लिए दस कटर और तीन सौ मीटर पार्कोवाइन का कार्य किया चल रहा है। तीसरे कटर का आधा हिस्सा नदी में धराशायी होने के बाद सेमरिया डेरा पुरवा के लोगों को भय सताने लगा है। वहां के वाशिंदे काम के गुणवत्ता पर सवाल उठाने लगे हैं। गंगा नदी का कटान को रोकने के लिए बाढ़ विभाग ने शिवपुर घाट से सेमरिया डेरा पुरवा तक लगभग दस करोड़ लागत से दस कटर और तीन सौ मीटर पार्कोवाइन का काम अप्रैल से शुरू किया गया है।
कटर लगभग तैयार कर दिए गए हैं। इनमें कुछ काम बाकी है जिसके लिए काम भी चल रहा है। सोमवार के शाम बारिश के बीच गंगा के बढ़ते पानी का दबाव में तीसरा कटर का आधा भाग नदी में गिरकर क्षतिग्रस्त हो गया। ठाकुर यादव, सुभाष यादव, धर्मेंद्र सिंह, दिलीप सिंह, धरीक्षन यादव आदि ने आरोप लगाया कि काम का गुणवत्ता ठीक नहीं होने से कटर का हिस्सा नदी में ढह गया। एसडीएम ने सरयू तटीय गांवों को किया निरीक्षण, लोगों ने ली जानकारी: चौकियामोड़। सरयू नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।
मंगलवार को उपजिलाधिकारी शरद चौधरी ने बाढ़ प्रभावित संभावित तटवर्ती इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने हल्दीरामपुर तुर्तीपार चैनपुर टंगुनिया खैरा और मुजौना गांवों का दौरा कर नदी की स्थिति तटबंधों की सुरक्षा तथा संभावित कटान वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने की अपील की। एसडीएम शरद चौधरी ने बताया कि मंगलवार को सरयू नदी का जलस्तर 62.60 मीटर दर्ज किया गया जबकि खतरे का निशान 64.10 मीटर है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है और कहीं भी कटान या बाढ़ जैसी स्थिति फिलहाल नहीं है।
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कटर लगभग तैयार कर दिए गए हैं। इनमें कुछ काम बाकी है जिसके लिए काम भी चल रहा है। सोमवार के शाम बारिश के बीच गंगा के बढ़ते पानी का दबाव में तीसरा कटर का आधा भाग नदी में गिरकर क्षतिग्रस्त हो गया। ठाकुर यादव, सुभाष यादव, धर्मेंद्र सिंह, दिलीप सिंह, धरीक्षन यादव आदि ने आरोप लगाया कि काम का गुणवत्ता ठीक नहीं होने से कटर का हिस्सा नदी में ढह गया। एसडीएम ने सरयू तटीय गांवों को किया निरीक्षण, लोगों ने ली जानकारी: चौकियामोड़। सरयू नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।
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मंगलवार को उपजिलाधिकारी शरद चौधरी ने बाढ़ प्रभावित संभावित तटवर्ती इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने हल्दीरामपुर तुर्तीपार चैनपुर टंगुनिया खैरा और मुजौना गांवों का दौरा कर नदी की स्थिति तटबंधों की सुरक्षा तथा संभावित कटान वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने की अपील की। एसडीएम शरद चौधरी ने बताया कि मंगलवार को सरयू नदी का जलस्तर 62.60 मीटर दर्ज किया गया जबकि खतरे का निशान 64.10 मीटर है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है और कहीं भी कटान या बाढ़ जैसी स्थिति फिलहाल नहीं है।
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