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नरहीं एसओ, कोरंटाडीह चौकी प्रभारी निलंबित
ब्यूरो/ अमर उजाला बलिया
Updated Fri, 23 Oct 2015 11:22 PM IST
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तीसरे चरण के चुनाव में नरहीं थाने के रामगढ़ गांव में रिटायर्ड सिपाही की हत्या और उसके दो बेटों के गंभीर रूप से घायल होने के मामले में नरहीं थानाध्यक्ष संतलाल यादव तथा कोरंटाडीह पुलिस चौकी प्रभारी पीएन यादव को एसपी अनीस अहमद अंसारी ने बुधवार रात निलंबित कर दिया।
प्रकरण में थानाध्यक्ष तथा चौकी प्रभारी पर आरोप है कि पुरानी रंजिश को लेकर लंबे समय से विवाद था, लेकिन दोनों ने लापरवाही बरतते हुए अब तक कार्रवाई नहीं की थी। इस कारण चुनाव के दिन खूनी संघर्ष हुआ। नरहीं थानाध्यक्ष के निलंबन के साथ ही वहां नए एसओ के रूप में रामरतन सिंह को तैनात कर दिया गया है। जबकि चौकी प्रभारी के पद पर अब तक कोई तैनाती नहीं है।
तीसरे चरण के पंचायत चुनाव में बूथ संख्या 391 और 392 पर पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों में मारपीट हुई थी। इस दौरान चली गोली में में नरहीं थाने के रामगढ़ गांव निवासी रिटायर्ड सिपाही रामनाथ यादव की मौत हो गई थी। जबकि उसके दो बेटे कामता और जितेंद्र गंभीर रूप गंभीर रूप से घायल गए थे।
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प्रकरण में पुलिस कप्तान ने जांच के आदेश दिए थे। उधर हत्याकांड के बाद नरहीं पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हत्यारोपियों की गिरफ्तारी चंद दिनों के अंदर कर ली थी लेकिन मामला काफी पुराना था जिसमें पुलिस की उदासीनता के कारण ही चुनाव के दिन गोली चलने की नौबत आई थी।
पुलिस ने पहले ही कार्रवाई कर दी होती तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं हुई होती। प्रकरण में प्रथम दृष्टया नरहीं थानाध्यक्ष तथा कोरंटाडीह चौकी प्रभारी की लापरवाही उजागर होने पर पुलिस अधीक्षक ने नरहीं थानाध्यक्ष तथा कोरंटाडीह पुलिस चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया।
दोनों के निलंबन की वजह यह बताई गई है कि लंबे समय से विवाद चल रहा था। जिस पर पुलिस ने थोड़ा भी ध्यान नहीं दिया। पुलिस ने इस मामले में लापरवाही बरतते हुए अब तक कोई कार्रवाई नहीं की थी।
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प्रकरण में थानाध्यक्ष तथा चौकी प्रभारी पर आरोप है कि पुरानी रंजिश को लेकर लंबे समय से विवाद था, लेकिन दोनों ने लापरवाही बरतते हुए अब तक कार्रवाई नहीं की थी। इस कारण चुनाव के दिन खूनी संघर्ष हुआ। नरहीं थानाध्यक्ष के निलंबन के साथ ही वहां नए एसओ के रूप में रामरतन सिंह को तैनात कर दिया गया है। जबकि चौकी प्रभारी के पद पर अब तक कोई तैनाती नहीं है।
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तीसरे चरण के पंचायत चुनाव में बूथ संख्या 391 और 392 पर पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों में मारपीट हुई थी। इस दौरान चली गोली में में नरहीं थाने के रामगढ़ गांव निवासी रिटायर्ड सिपाही रामनाथ यादव की मौत हो गई थी। जबकि उसके दो बेटे कामता और जितेंद्र गंभीर रूप गंभीर रूप से घायल गए थे।
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प्रकरण में पुलिस कप्तान ने जांच के आदेश दिए थे। उधर हत्याकांड के बाद नरहीं पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हत्यारोपियों की गिरफ्तारी चंद दिनों के अंदर कर ली थी लेकिन मामला काफी पुराना था जिसमें पुलिस की उदासीनता के कारण ही चुनाव के दिन गोली चलने की नौबत आई थी।
पुलिस ने पहले ही कार्रवाई कर दी होती तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं हुई होती। प्रकरण में प्रथम दृष्टया नरहीं थानाध्यक्ष तथा कोरंटाडीह चौकी प्रभारी की लापरवाही उजागर होने पर पुलिस अधीक्षक ने नरहीं थानाध्यक्ष तथा कोरंटाडीह पुलिस चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया।
दोनों के निलंबन की वजह यह बताई गई है कि लंबे समय से विवाद चल रहा था। जिस पर पुलिस ने थोड़ा भी ध्यान नहीं दिया। पुलिस ने इस मामले में लापरवाही बरतते हुए अब तक कोई कार्रवाई नहीं की थी।