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अब मोहल्ला पाठशाला में शिक्षित होंगे नौनिहाल
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बलिया। कोरोना की दूसरी लहर कमजोर पड़ने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने अब गांव के बच्चों को भी शिक्षा से जोड़ने की पहल की है। इसके तहत गांव के छात्रों को पठन-पाठन से जोड़ने के लिए मोहल्ला पाठशाला शुरू की जा रही है। बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवनारायन सिंह ने इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए है। जिसके तहत ग्रामीण स्तर पर मोहल्ला पाठशाला के लिए ग्राम प्रधानों की मदद ली जाएगी।
गांव में मोहल्ला पाठशाला के लिए खुली जगह का चयन कर बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग के अनुसार बैठाकर पढ़ाया जा सके। जबकि ग्राम प्रधान गांवों में मोहल्ला पाठशाला चलाने के लिए खुली जगह की तलाश करेंगे। इसके लिए पंचायत भवन, खेल का मैदान, सामुदायिक भवन जैसी जगह के चयन को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां मोहल्ला पाठशाला के जरिए कक्षाएं शुरू की जाएंगी। मोहल्ला पाठशाला खुली जगह में आयोजित करने पर बच्चों को संक्रमण से बचाया जा सकेगा और आसानी से कोविड के मानकों का पालन किया जा सकेगा। प्रधानाध्यापकों को शिक्षकों और प्रेरणा साथियों के साथ मिलकर कक्षाओं का संचालन करने को कहा गया है। बच्चों के लिए शैक्षिक सामग्री वितरण का भी निर्देश दिया गया है। प्रधानाध्यापक से कहा गया है कि हर दिन शिक्षण के बाद अगले दिन के लिए स्कूल आकर कार्ययोजना तैयार करें।
मोहल्ला पाठशाला में मददगार बनेंगे अभिभावक
बेसिक शिक्षाधिकारी ने बताया कि ई-पाठशाला का पांचवां चरण चल रहा है। इसमें तरह-तरह के बदलाव भी किए जा रहे हैं। अब स्कूलों के शिक्षक अपने आवंटित क्षेत्र के मोहल्ले या गांव में किसी स्थान पर पांच या 10 बच्चों को इकट्ठा कर प्रेरणा साथी की मदद से पढ़ाएंगे। स्थान का चयन बच्चों व शिक्षकों की सहूलियत के अनुसार किया जा सकता है। गांव की चौपाल या पंचायत भवन के साथ किसी भी सार्वजनिक स्थान पर कक्षाएं चलाई जा सकती है। इसमें अभिभावकों की भी मदद ली जाएगी।
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कोविड-19 प्रोटोकाल का करना होगा पालन
मोहल्ला पाठशाला में आने वाले विद्यार्थियों को दूर-दूर बैठाया जाएगा। कोविड-19 के सभी प्रोटोकाल का भी पालन करना होगा। यदि क्षेत्र के गणमान्य लोग भी इस पाठशाला में बच्चों को पढ़ाना चाहें तो उनकी भी मदद ली जाएगी।
10 बच्चों के लिए एक प्रेरणा साथी होगा
मिशन प्रेरणा के तहत सभी स्कूलों में प्रेरणा साथी का चयन करना है। एक प्रेरणा साथी अधिकतम 10 बच्चों को पढ़ाएंगे। वह विभाग की ओर से जारी शैक्षणिक सामग्री भी विद्यार्थियों को अपने मोबाइल के जरिए उपलब्ध कराएंगे। अन्य पाठ्य पुस्तकों के सहारे बच्चों को विषय वस्तु का ज्ञान कराया जा सकता है।
एक नजर जिले के परिषदीय स्कूलों पर
-जिले में कुल परिषदीय विद्यालय 2249
-प्राथमिक विद्यालय 1598
-उच्च प्राथमिक विद्यालय 259
-कंपोजिट विद्यालय 392
-कुल बच्चे 2.97 लाख
-छात्राएं 157410
-अध्यापकों की तादाद करीब 8000
स्कूल खुलने तक बच्चों को मोहल्ला पाठशाला के जरिए शिक्षा से जोड़ने का काम किया जाएगा, जिससे उनकी पढ़ाई पिछड़ने न पाए और बच्चे पढ़ाई-लिखाई न भूलें।
- शिव नारायन सिंह, बीएसए, बलिया।
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गांव में मोहल्ला पाठशाला के लिए खुली जगह का चयन कर बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग के अनुसार बैठाकर पढ़ाया जा सके। जबकि ग्राम प्रधान गांवों में मोहल्ला पाठशाला चलाने के लिए खुली जगह की तलाश करेंगे। इसके लिए पंचायत भवन, खेल का मैदान, सामुदायिक भवन जैसी जगह के चयन को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां मोहल्ला पाठशाला के जरिए कक्षाएं शुरू की जाएंगी। मोहल्ला पाठशाला खुली जगह में आयोजित करने पर बच्चों को संक्रमण से बचाया जा सकेगा और आसानी से कोविड के मानकों का पालन किया जा सकेगा। प्रधानाध्यापकों को शिक्षकों और प्रेरणा साथियों के साथ मिलकर कक्षाओं का संचालन करने को कहा गया है। बच्चों के लिए शैक्षिक सामग्री वितरण का भी निर्देश दिया गया है। प्रधानाध्यापक से कहा गया है कि हर दिन शिक्षण के बाद अगले दिन के लिए स्कूल आकर कार्ययोजना तैयार करें।
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मोहल्ला पाठशाला में मददगार बनेंगे अभिभावक
बेसिक शिक्षाधिकारी ने बताया कि ई-पाठशाला का पांचवां चरण चल रहा है। इसमें तरह-तरह के बदलाव भी किए जा रहे हैं। अब स्कूलों के शिक्षक अपने आवंटित क्षेत्र के मोहल्ले या गांव में किसी स्थान पर पांच या 10 बच्चों को इकट्ठा कर प्रेरणा साथी की मदद से पढ़ाएंगे। स्थान का चयन बच्चों व शिक्षकों की सहूलियत के अनुसार किया जा सकता है। गांव की चौपाल या पंचायत भवन के साथ किसी भी सार्वजनिक स्थान पर कक्षाएं चलाई जा सकती है। इसमें अभिभावकों की भी मदद ली जाएगी।
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कोविड-19 प्रोटोकाल का करना होगा पालन
मोहल्ला पाठशाला में आने वाले विद्यार्थियों को दूर-दूर बैठाया जाएगा। कोविड-19 के सभी प्रोटोकाल का भी पालन करना होगा। यदि क्षेत्र के गणमान्य लोग भी इस पाठशाला में बच्चों को पढ़ाना चाहें तो उनकी भी मदद ली जाएगी।
10 बच्चों के लिए एक प्रेरणा साथी होगा
मिशन प्रेरणा के तहत सभी स्कूलों में प्रेरणा साथी का चयन करना है। एक प्रेरणा साथी अधिकतम 10 बच्चों को पढ़ाएंगे। वह विभाग की ओर से जारी शैक्षणिक सामग्री भी विद्यार्थियों को अपने मोबाइल के जरिए उपलब्ध कराएंगे। अन्य पाठ्य पुस्तकों के सहारे बच्चों को विषय वस्तु का ज्ञान कराया जा सकता है।
एक नजर जिले के परिषदीय स्कूलों पर
-जिले में कुल परिषदीय विद्यालय 2249
-प्राथमिक विद्यालय 1598
-उच्च प्राथमिक विद्यालय 259
-कंपोजिट विद्यालय 392
-कुल बच्चे 2.97 लाख
-छात्राएं 157410
-अध्यापकों की तादाद करीब 8000
स्कूल खुलने तक बच्चों को मोहल्ला पाठशाला के जरिए शिक्षा से जोड़ने का काम किया जाएगा, जिससे उनकी पढ़ाई पिछड़ने न पाए और बच्चे पढ़ाई-लिखाई न भूलें।
- शिव नारायन सिंह, बीएसए, बलिया।