{"_id":"61eee9e26506bd5ca2271a78","slug":"now-netaji-s-criminal-horoscope-will-not-be-hidden-ballia-news-vns635303331","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब घर बैठे जान सकेंगे नेताजी का आपराधिक इतिहास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब घर बैठे जान सकेंगे नेताजी का आपराधिक इतिहास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस बार विधानसभा चुनाव में उतरने वाले उम्मीदवारों का आपराधिक इतिहास सरकारी अभिलेखों में ही कैद नहीं रहेगा, बल्कि आयोग के एप के जरिए कभी भी लोग इसके बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे। उम्मीदवारों का ब्योरा चुनाव आयोग के एप पर अपलोड होगा।
चुनाव आयोग ने इस बार केवाईसी (नो योर कैंडिडेट) एप लांच किया है। नामांकन दाखिल होते ही प्रत्याशियों के आपराधिक इतिहास समेत अन्य जानकारियां इस एप पर अपलोड कर दी जाएंगी। मतदाता अपने मोबाइल में एप को डाउनलोड कर प्रत्याशियों के बारे में सब कुछ जान सकेंगे। मतदाताओं की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने केवाईसी एप लांच किया है। इससे पूर्व के चुनावों में प्रत्याशियों का ब्योरा आयोग अपनी वेबसाइट पर डालता था। 2022 के विधानसभा चुनाव में आयोग द्वारा तैयार एप के जरिए नेताजी का आपराधिक इतिहास घर बैठे लोग जान सकेंगे।
ऑनलाइन नामांकन करने की सुविधा
जिले की सात विधानसभा सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया चार फरवरी से शुरू हो जाएगी। कोरोना संक्रमण को देखते हुए चुनाव आयोग ने इस बार प्रत्याशियों को ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन नामांकन करने की सुविधा दी है। नामांकन के लिए प्रत्याशियों को नामांकन कक्ष में आना पड़ता है। इस बार विधानसभा चुनाव में कोरोना संक्रमण अधिक होने के कारण आयोग ने नामांकन के दौरान भीड़ भाड़ पर पाबंदी लगा दी है। आयोग द्वारा दावेदारों को ऑनलाइन नामांकन करने की सुविधा दी गई है। राजनैतिक दलों व निर्दलीय उम्मीदवार घर बैठे चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर नामांकन कर सकते हैं। ऑनलाइन नामांकन के बाद एक प्रति नामांकन कक्ष में भी जमा करनी होगी। प्रशासन भी इस बार ऑनलाइन नामांकन को बढ़ावा देने के लिए दावेदारों को प्रेरित करने की कोशिश कर रहा है।
विज्ञापन
आचार संहिता उल्लंघन करने वालों पर कसेगा शिकंजा
आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले लोगों पर शिकंजा कसने के लिए सी विजिल एप के प्रयोग के लिए मतदाताओं को जागरूक करने के लिए प्रशासनिक अमले को निर्देश दिया है। प्रचार के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होने पर उसका वीडियो बनाकर एप के माध्यम से शिकायत की जा सकती है। यदि कोई प्रत्याशी व उसके समर्थक शराब व रुपये आदि बांटकर मतदाताओं को प्रलोभन दे रहे हैं तो उसका वीडियो बनाकर एप से शिकायत की जा सकती है।
चुनाव आयोग द्वारा केवाईसी और सी विजिल एप लांच किया गया है। केवाईसी एप पर उम्मीदवारों का आपराधिक इतिहास अपलोड किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल से उम्मीदवारों की क्राइम हिस्ट्री जान सकेगा। -राजेश कुमार, उप जिला निर्वाचन अधिकारी,बलिया।
विज्ञापन
चुनाव आयोग ने इस बार केवाईसी (नो योर कैंडिडेट) एप लांच किया है। नामांकन दाखिल होते ही प्रत्याशियों के आपराधिक इतिहास समेत अन्य जानकारियां इस एप पर अपलोड कर दी जाएंगी। मतदाता अपने मोबाइल में एप को डाउनलोड कर प्रत्याशियों के बारे में सब कुछ जान सकेंगे। मतदाताओं की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने केवाईसी एप लांच किया है। इससे पूर्व के चुनावों में प्रत्याशियों का ब्योरा आयोग अपनी वेबसाइट पर डालता था। 2022 के विधानसभा चुनाव में आयोग द्वारा तैयार एप के जरिए नेताजी का आपराधिक इतिहास घर बैठे लोग जान सकेंगे।
विज्ञापन
ऑनलाइन नामांकन करने की सुविधा
जिले की सात विधानसभा सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया चार फरवरी से शुरू हो जाएगी। कोरोना संक्रमण को देखते हुए चुनाव आयोग ने इस बार प्रत्याशियों को ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन नामांकन करने की सुविधा दी है। नामांकन के लिए प्रत्याशियों को नामांकन कक्ष में आना पड़ता है। इस बार विधानसभा चुनाव में कोरोना संक्रमण अधिक होने के कारण आयोग ने नामांकन के दौरान भीड़ भाड़ पर पाबंदी लगा दी है। आयोग द्वारा दावेदारों को ऑनलाइन नामांकन करने की सुविधा दी गई है। राजनैतिक दलों व निर्दलीय उम्मीदवार घर बैठे चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर नामांकन कर सकते हैं। ऑनलाइन नामांकन के बाद एक प्रति नामांकन कक्ष में भी जमा करनी होगी। प्रशासन भी इस बार ऑनलाइन नामांकन को बढ़ावा देने के लिए दावेदारों को प्रेरित करने की कोशिश कर रहा है।
विज्ञापन
आचार संहिता उल्लंघन करने वालों पर कसेगा शिकंजा
आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले लोगों पर शिकंजा कसने के लिए सी विजिल एप के प्रयोग के लिए मतदाताओं को जागरूक करने के लिए प्रशासनिक अमले को निर्देश दिया है। प्रचार के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होने पर उसका वीडियो बनाकर एप के माध्यम से शिकायत की जा सकती है। यदि कोई प्रत्याशी व उसके समर्थक शराब व रुपये आदि बांटकर मतदाताओं को प्रलोभन दे रहे हैं तो उसका वीडियो बनाकर एप से शिकायत की जा सकती है।
चुनाव आयोग द्वारा केवाईसी और सी विजिल एप लांच किया गया है। केवाईसी एप पर उम्मीदवारों का आपराधिक इतिहास अपलोड किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल से उम्मीदवारों की क्राइम हिस्ट्री जान सकेगा। -राजेश कुमार, उप जिला निर्वाचन अधिकारी,बलिया।