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Ballia News: तीन अवैध अस्पतालों को नोटिस, इसमें सरकारी डाॅक्टर का भी है
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इंदरपुर। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. पद्मावती गौतम व प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. राहुल सिंह ने नगरा क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया। एससीएमओ ने तीन अपंजीकृत चिकित्सालयों की जांच कर पत्रावली उपलब्ध न कराने पर नोटिस दिया। इसमें एक सरकारी डॉक्टर का भी अस्पताल है।
नगरा में अवैध अस्पताल में जच्चा-बचा की मौत के बाद अमर उजाला ने शुक्रवार को ''नीम-हकीम जान के दुश्मन, 100 पंजीकृत, चल रहे 400 से ज्यादा'' शीर्षक से खबर प्रकाशित की है। खबर का संज्ञान लेकर जिला प्रशासन ने कार्रवाई के निर्देश दिए। मालीपुर में निरीक्षण के समय एसीएमओ यह देख कर दंग रह गए कि मधुबन में तैनात सरकारी चिकित्सक बगैर पंजीकरण के अस्पताल संचालित कर रहे हैं। एसीएमओ ने अस्पताल को बंद करने के लिए डॉ. अमित यादव को नोटिस दिया।
नगरा सिकंदरपुर मार्ग पर संचालित एक अवैध चिकित्सालय के संचालक अपना लंबा चौड़ा बोर्ड उतार कर भूमिगत हो गए थे। इसी के बगल में संचालित आयुष अस्पताल के संचालक मंतोष यादव ने एसीएमओ को बताया कि उन्होंने पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। एसीएमओ ने रजिस्ट्रेशन कराने के लिए तीन दिन का समय देते हुए नोटिस दिया। नगरा चचयां नहर मार्ग पर संचालित बिंदु अस्पताल पर ताला लटका मिला। एसीएमओ ने नगरा-भिटकुना मोड़ के निजी अस्पताल का भी निरीक्षण किया। यह अस्पताल पंजीकृत पाया गया।
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प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. राहुल सिंह ने बताया कि अधिकांश अस्पतालों के संचालक ताला लटका भाग गए थे। किसी भी कीमत पर अवैध अस्पताल संचालित नहीं होने दिए जाएंगे। निरीक्षण अभियान हमेशा चलता रहेगा।
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महिला का ऑपरेशन करने वाले डाॅक्टर को चार दिन में भी नहीं खोज सका विभाग
इंदरपुर। जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में नगरा स्थित अवैध क्लीनिक की संचालिका को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया लेकिन ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक को स्वास्थ्य विभाग नहीं तलाश सका। तब से चार दिन बीत गए।
दीपावली के दिन कसौंडर की महिला संगीता अपने मायके देवढि़या आई हुई थी। प्रसव पीड़ा होने पर उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बगल में स्थित एक अवैध क्लीनिक की महिला चिकित्सक मंजू के यहां भर्ती कराया गया। मामले के अनुसार रात में महिला को प्रसव हुआ लेकिन प्लेसेंटा नहीं निकल सका। महिला की हालत गंभीर होती गई। आरोपी महिला झोलाछाप मंजू देवी ने नगरा के ही किसी झोलाछाप चिकित्सक को बुलाकर महिला का ऑपरेशन करा दिया।
ऑपरेशन करने के बाद चिकित्सक भाग गया। जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक का अभी तक पता नहीं चल पाने से क्षेत्र में तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। आरोपित महिला चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई और पुलिस ने उसे गिरफ्तार चालान कर दिया। नगरा के प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. राहुल सिंह का कहना है कि महिला का ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसका पता लगा कर उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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नगरा में अवैध अस्पताल में जच्चा-बचा की मौत के बाद अमर उजाला ने शुक्रवार को ''नीम-हकीम जान के दुश्मन, 100 पंजीकृत, चल रहे 400 से ज्यादा'' शीर्षक से खबर प्रकाशित की है। खबर का संज्ञान लेकर जिला प्रशासन ने कार्रवाई के निर्देश दिए। मालीपुर में निरीक्षण के समय एसीएमओ यह देख कर दंग रह गए कि मधुबन में तैनात सरकारी चिकित्सक बगैर पंजीकरण के अस्पताल संचालित कर रहे हैं। एसीएमओ ने अस्पताल को बंद करने के लिए डॉ. अमित यादव को नोटिस दिया।
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नगरा सिकंदरपुर मार्ग पर संचालित एक अवैध चिकित्सालय के संचालक अपना लंबा चौड़ा बोर्ड उतार कर भूमिगत हो गए थे। इसी के बगल में संचालित आयुष अस्पताल के संचालक मंतोष यादव ने एसीएमओ को बताया कि उन्होंने पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। एसीएमओ ने रजिस्ट्रेशन कराने के लिए तीन दिन का समय देते हुए नोटिस दिया। नगरा चचयां नहर मार्ग पर संचालित बिंदु अस्पताल पर ताला लटका मिला। एसीएमओ ने नगरा-भिटकुना मोड़ के निजी अस्पताल का भी निरीक्षण किया। यह अस्पताल पंजीकृत पाया गया।
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प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. राहुल सिंह ने बताया कि अधिकांश अस्पतालों के संचालक ताला लटका भाग गए थे। किसी भी कीमत पर अवैध अस्पताल संचालित नहीं होने दिए जाएंगे। निरीक्षण अभियान हमेशा चलता रहेगा।
महिला का ऑपरेशन करने वाले डाॅक्टर को चार दिन में भी नहीं खोज सका विभाग
इंदरपुर। जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में नगरा स्थित अवैध क्लीनिक की संचालिका को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया लेकिन ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक को स्वास्थ्य विभाग नहीं तलाश सका। तब से चार दिन बीत गए।
दीपावली के दिन कसौंडर की महिला संगीता अपने मायके देवढि़या आई हुई थी। प्रसव पीड़ा होने पर उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बगल में स्थित एक अवैध क्लीनिक की महिला चिकित्सक मंजू के यहां भर्ती कराया गया। मामले के अनुसार रात में महिला को प्रसव हुआ लेकिन प्लेसेंटा नहीं निकल सका। महिला की हालत गंभीर होती गई। आरोपी महिला झोलाछाप मंजू देवी ने नगरा के ही किसी झोलाछाप चिकित्सक को बुलाकर महिला का ऑपरेशन करा दिया।
ऑपरेशन करने के बाद चिकित्सक भाग गया। जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक का अभी तक पता नहीं चल पाने से क्षेत्र में तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। आरोपित महिला चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई और पुलिस ने उसे गिरफ्तार चालान कर दिया। नगरा के प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. राहुल सिंह का कहना है कि महिला का ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसका पता लगा कर उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।