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कटानरोध्ाी कार्य आधा भी नहीं
ballia
Updated Tue, 04 Jul 2017 10:55 PM IST
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बरसात शुरु होने के बाद भी 40 फीसदी हुए कटानरोधी कार्य।
- फोटो : ballia
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बाढ़ नियंत्रण विभाग और ठेकेदारों को जिलाधिकारी के निर्देशों की अवहेलना भारी पड़ सकती है। हालत यह है कि अपने निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने दूबेछपरा में चल रहे बाढ़ निरोधक कार्य में तत्काल मजदूर व संसाधन बढ़ाने का सख्त निर्देश दिया था। बावजूद विभाग व ठेकेदारों ने न तो मजदूर बढ़ाए न ही संसाधन। अब बारिश शुरू हो जाने से मौके पर न तो बोल्डर लदा ट्रक पहुंच पा रहा है न मानक के अनुरूप कार्य ही हो रहा है। लापरवाही का आलम यह कि अभी तक मात्र 40 फीसदी ही कटानरोधी कार्य पूरा हो सका है।
दूबेछपरा में 29 करोड़ की लागत से कटानरोधी कार्य जून महीने में शुरू हुआ था। जिसमें एक ठेकेदार को 21 करोड़ की लागत से 750 मीटर लंबा जीओ विधि से प्लेटफार्म के साथ ही लांचिंग-पिचिंग एप्रन का कार्य कराना है। जबकि दूसरे ठेकेदार को दो सौ मीटर लांचिंग एप्रन आठ करोड़ के साथ ही एक स्पर का निर्माण कराने को ठेका दिया गया है। गोपालपुर गांव के पंकज तिवारी नवीन दुबे. गुड्डू तिवारी, सरोज पाल ने बताया कि बारिश शुरू हो गई पर अभी तक मात्र 40 फीसदी ही कटानरोधी कार्य पूरा हो सका है।
उधर, बारिश शुरू होने के साथ गंगा में बढ़ाव भी शुरू हो गया है देखना यह है कि गंगा की लहरों से इन गांवों को बचाने के लिए बना यह स्पर व जीओ विधि का प्लेटफार्म कितना सफल होता है। अभी हालत यह है कि बरसात होने पर न ट्रैक्टर से मिट्टी कार्यस्थल पर पहुंच पा रही है और न तो बोल्डर लेकर ट्रक। जिलाधिकारी की भृकुटी टेढ़ी न हो इसलिए बाढ़ नियंत्रण विभाग अभी से पैंतरे दिखाने लगा है। किसी ठेकेदार के कार्य को 80 फीसदी तो किसी को 70 फीसदी तक पूरा बताया जा रहा है।
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ग्रामीणों ने मांग की कि टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी से कटानरोधी कार्यों की जांच हो तो बाढ़ नियंत्रण विभाग और ठेकेदारों के कटानरोधी कार्यों की पोल खुल जाएगी। बाढ़ नियंत्रण विभाग के अवर अभियंता मुन्ना यादव ने बताया कि कटानरोधी काम तेजी से चल रहा है। कहीं 70 तो कहीं 80 फीसदी तक काम हो चुका है।
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दूबेछपरा में 29 करोड़ की लागत से कटानरोधी कार्य जून महीने में शुरू हुआ था। जिसमें एक ठेकेदार को 21 करोड़ की लागत से 750 मीटर लंबा जीओ विधि से प्लेटफार्म के साथ ही लांचिंग-पिचिंग एप्रन का कार्य कराना है। जबकि दूसरे ठेकेदार को दो सौ मीटर लांचिंग एप्रन आठ करोड़ के साथ ही एक स्पर का निर्माण कराने को ठेका दिया गया है। गोपालपुर गांव के पंकज तिवारी नवीन दुबे. गुड्डू तिवारी, सरोज पाल ने बताया कि बारिश शुरू हो गई पर अभी तक मात्र 40 फीसदी ही कटानरोधी कार्य पूरा हो सका है।
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उधर, बारिश शुरू होने के साथ गंगा में बढ़ाव भी शुरू हो गया है देखना यह है कि गंगा की लहरों से इन गांवों को बचाने के लिए बना यह स्पर व जीओ विधि का प्लेटफार्म कितना सफल होता है। अभी हालत यह है कि बरसात होने पर न ट्रैक्टर से मिट्टी कार्यस्थल पर पहुंच पा रही है और न तो बोल्डर लेकर ट्रक। जिलाधिकारी की भृकुटी टेढ़ी न हो इसलिए बाढ़ नियंत्रण विभाग अभी से पैंतरे दिखाने लगा है। किसी ठेकेदार के कार्य को 80 फीसदी तो किसी को 70 फीसदी तक पूरा बताया जा रहा है।
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ग्रामीणों ने मांग की कि टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी से कटानरोधी कार्यों की जांच हो तो बाढ़ नियंत्रण विभाग और ठेकेदारों के कटानरोधी कार्यों की पोल खुल जाएगी। बाढ़ नियंत्रण विभाग के अवर अभियंता मुन्ना यादव ने बताया कि कटानरोधी काम तेजी से चल रहा है। कहीं 70 तो कहीं 80 फीसदी तक काम हो चुका है।