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सिंथेटिक रंगों की होली में बुरा मान जाएगा आपका सेहत
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Tue, 22 Mar 2016 06:34 PM IST
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होली
- फोटो : amar ujala
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बुरा न मानो होली है के शोर के साथ होली में खूब मस्ती होती है। अब आपकी मस्ती का कोई बुरा माने या न मानें लेकिन आपकी सेहत जरूर बुरा मान सकती है। होली आपके तथा आपके अपनों के लोगों के लिए अच्छी रहे, इसके लिए हर्बल रंगों का प्रयोग करें ।
होली को आनंददायक बनाने के लिए हर्बल रंग बनाने के लिए लाल रंग के लिए चंदन पावडर का इस्तेमाल करें। रंग के साथ ही चंदन इसकी खुश्बू त्यौहार का आनंद बढ़ा देगी। अनार के छिलकों को पानी में उबालकर बढ़िया लाल रंग मिल सकता है।
गुलाब की सुखी पंखुड़ियों से भी बढ़िया खुश्बूदार लाल रंग का पावडर बनाया जा सकता है। अगर आपको चटक हरा रंग चाहिए तो मेंहदी पावडर इसके लिए अच्छा उदाहरण है। पुदीने और पालक की पत्तियों से भी हरा रंग बनाया जा सकता है। पीले रंग के लिए हल्दी पावडर का इस्तेमाल करें या फिर इसमें बेसन मिला लें।
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गेंदे और टिसू के फूलों को सारी रात पानी मेें भिंगोकर रखें या फिर पानी में उबाल लें। इससे अच्छा पीला रंग तैयार हो जाएगा। चुकंदर का एक बड़ा टुकड़ा काटकर मिला लें यह आपको बेहतर गुलाबी रंग देगा।
वार्निश और कीचड़ से होने वाली परेशानी
वार्निश और कीचड़ से होली खेलने वालों की होली कई बार रंग में भंग डाल देती है। ऐसे वार्निश का प्रयोग काफी घातक हो जाता है। कई बारे आंखों के साथ चेहरे की त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है। वहीं कीचड़ से भी लोगों को काफी परेशानियां होने की संभावना बनी रहती है।
होली के दौरान रखी जाने वाली सावधानी
होली के मौके पर आने वाले सिंथेटिक पावडर में कॉपर सल्फेट होता है। जिसकी बजह से कुछ समय के लिए मनुष्य को अंधापन भी हो सकता है। रंगों में चमक लाने के लिए इनमें माइका डाला जाता है। जो आंखों की क्रार्निया को नुकसान पहुंचा सकता है। गुब्बारे से भी लोग होली खेलते है। इससे भी चोटें लगती है ।
होली खेलने से पूर्व का बचाव :
चिकित्सक डा. बीके गुप्ता ने बताया कि होली खेलने से पूर्व कोई भी कोल्ड क्रीम या फिर नारियल का तेल अच्छी तरह से लगाएं। इससे कलर आसानी के साथ उतर भी जाएगा। आंखों को नुकसान भी नहीं होगा। आंख को रंगों वाले पानी से बचाने के लिए धूपी चश्मा पहनना चाहिए।
होली खेलना अगर जरुरी है तो आंखों से कांटेक्ट लेंस उतार दें। रंग उतारने के लिए हल्के गरम पानी का प्रयोग करें। सुबह होली खेलने से पहले क्लींजिंग मिल्क का प्रयोग करें जिससे चेहरे की नाजुक त्वचा पूरी सुरक्षित रह सके।
रंग छुड़ाने के उपाय :
बलिया। रंग छुड़ाने के समय होली तब भारी पड़ती जब रंग काफी मशक्कत के बाद भी चेहरे पर दिखने लगता है। इसके लिए जरुरी है कि बेसन और दही का पेस्ट बनाकर लगाएं और कुछ देर बाद पानी से धो लें। त्वचा रंग हटाने के बाद एंटीसेप्टिक और माश्चराइजर लगाना न भूलें।
मेथी पावडर का पेस्ट लगाएं। सूखे गुलाल को हाथ से ही साफ करें। पानी का प्रयोग न करें। रंग को हटाने के लिए नींबू रखड़े।
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होली को आनंददायक बनाने के लिए हर्बल रंग बनाने के लिए लाल रंग के लिए चंदन पावडर का इस्तेमाल करें। रंग के साथ ही चंदन इसकी खुश्बू त्यौहार का आनंद बढ़ा देगी। अनार के छिलकों को पानी में उबालकर बढ़िया लाल रंग मिल सकता है।
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गुलाब की सुखी पंखुड़ियों से भी बढ़िया खुश्बूदार लाल रंग का पावडर बनाया जा सकता है। अगर आपको चटक हरा रंग चाहिए तो मेंहदी पावडर इसके लिए अच्छा उदाहरण है। पुदीने और पालक की पत्तियों से भी हरा रंग बनाया जा सकता है। पीले रंग के लिए हल्दी पावडर का इस्तेमाल करें या फिर इसमें बेसन मिला लें।
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गेंदे और टिसू के फूलों को सारी रात पानी मेें भिंगोकर रखें या फिर पानी में उबाल लें। इससे अच्छा पीला रंग तैयार हो जाएगा। चुकंदर का एक बड़ा टुकड़ा काटकर मिला लें यह आपको बेहतर गुलाबी रंग देगा।
वार्निश और कीचड़ से होने वाली परेशानी
वार्निश और कीचड़ से होली खेलने वालों की होली कई बार रंग में भंग डाल देती है। ऐसे वार्निश का प्रयोग काफी घातक हो जाता है। कई बारे आंखों के साथ चेहरे की त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है। वहीं कीचड़ से भी लोगों को काफी परेशानियां होने की संभावना बनी रहती है।
होली के दौरान रखी जाने वाली सावधानी
होली के मौके पर आने वाले सिंथेटिक पावडर में कॉपर सल्फेट होता है। जिसकी बजह से कुछ समय के लिए मनुष्य को अंधापन भी हो सकता है। रंगों में चमक लाने के लिए इनमें माइका डाला जाता है। जो आंखों की क्रार्निया को नुकसान पहुंचा सकता है। गुब्बारे से भी लोग होली खेलते है। इससे भी चोटें लगती है ।
होली खेलने से पूर्व का बचाव :
चिकित्सक डा. बीके गुप्ता ने बताया कि होली खेलने से पूर्व कोई भी कोल्ड क्रीम या फिर नारियल का तेल अच्छी तरह से लगाएं। इससे कलर आसानी के साथ उतर भी जाएगा। आंखों को नुकसान भी नहीं होगा। आंख को रंगों वाले पानी से बचाने के लिए धूपी चश्मा पहनना चाहिए।
होली खेलना अगर जरुरी है तो आंखों से कांटेक्ट लेंस उतार दें। रंग उतारने के लिए हल्के गरम पानी का प्रयोग करें। सुबह होली खेलने से पहले क्लींजिंग मिल्क का प्रयोग करें जिससे चेहरे की नाजुक त्वचा पूरी सुरक्षित रह सके।
रंग छुड़ाने के उपाय :
बलिया। रंग छुड़ाने के समय होली तब भारी पड़ती जब रंग काफी मशक्कत के बाद भी चेहरे पर दिखने लगता है। इसके लिए जरुरी है कि बेसन और दही का पेस्ट बनाकर लगाएं और कुछ देर बाद पानी से धो लें। त्वचा रंग हटाने के बाद एंटीसेप्टिक और माश्चराइजर लगाना न भूलें।
मेथी पावडर का पेस्ट लगाएं। सूखे गुलाल को हाथ से ही साफ करें। पानी का प्रयोग न करें। रंग को हटाने के लिए नींबू रखड़े।