मझौवां। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह शुक्रवार को नौरंगा और चक्की नौरंगा का औचक निरीक्षण किए। इस दौरान कटानरोधी कार्य का जो दृश्य सामने आए उससे वह भी चौंक गए। गंगा नदी के बढ़ते कटान से तटवर्ती गांवों को बचाने के लिए 44.8 करोड़ रुपये की लागत से तीन बड़ी कटानरोधी परियोजनाएं चल रही हैं। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के सामने शिकायतों का अंबार लगा दिया। लोगों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार मजदूरों को समय से मजदूरी नहीं देते, जिसकी वजह से श्रमिक काम छोड़कर भाग रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के सहयोग से करीब 60 मजदूर उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन भुगतान न होने से 45 मजदूर कार्य छोड़कर चले गए। ग्रामीणों ने कहा कि ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की मंशा ही मजदूर रखने की नहीं है, इसलिए जानबूझकर काम को धीमा किया जा रहा है। डीएम ने मौके पर मौजूद एई श्रवण कुमार प्रियदर्शी और जेई अमर नाथ वर्मा को जमकर फटकार लगाई। कहा कि अधिकारी आखिर रहते कहां हैं, क्योंकि कार्यस्थल पर कोई जिम्मेदार व्यक्ति दिखाई ही नहीं देता। ग्रामीणों ने भी बताया कि साइड पर केवल एक महिला कर्मी मौजूद रहती हैं जबकि जिम्मेदार अधिकारी नदारद रहते हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि बचाव कार्य केवल कागजों पर नहीं चलेगा। अधिकारी प्रोजेक्ट स्थल पर रहकर निर्माण कार्य कराएं और पीड़ितों से सीधे संवाद करें, तभी वास्तविक स्थिति का पता चलेगा। चेतावनी देते हुए कहा कि अब वह स्वयं ग्रामीणों से प्रतिदिन जानकारी लेंगे और कार्य की फोटो व वीडियो भी मंगाएंगे। लापरवाही मिली तो सिर्फ एक्सईएन ही नहीं बल्कि एई और जेई पर भी कार्रवाई तय होगी। उन्होंने ठेकेदारों और अधिशासी अभियंता को भी जमकर फटकार लगाई। निर्देश दिए कि बोल्डर पिचिंग और जियो बैग से जुड़े सभी कटर कार्य हर हाल में तय समय के भीतर पूरे कराए जाएं। साथ ही सभी संरचनाओं को मजबूती से आपस में जोड़ने का निर्देश दिया, ताकि कटान का दबाव बढ़ने पर कोई हिस्सा कमजोर न पड़े। जिलाधिकारी ने तत्काल 2600 मीटर लंबाई में बनने वाले 18 कटरों का कार्य शीघ्र पूरा करने का आदेश दिया। इसके अलावा पार्कोंपाइन विधि का भी जल्द पूरी की जाय। वहीं, चक्की नौरंगा में 315 मीटर क्षेत्र में 9.50 मीटर ऊंचाई तक रिवेटमेंट कार्य हर हाल में पूरा कराने के निर्देश दिया। चक्की नौरंगा और नौरंगा भुआल छपरा के ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मांग किया कि बचाव कार्य में मशीन, संसाधनों और मजदूरों की संख्या बढ़ाई जाए तथा गुणवत्ता के साथ तेजी लाई जाए। निरीक्षण के दौरान एसडीएम बैरिया संजय कुमार कुशवाहा, अधिशासी अभियंता संजय कुमार मिश्र, एई श्रवण कुमार प्रियदर्शी, जेई अमर नाथ वर्मा, राकेश रोशन सहित सत्या ठाकुर, अभिनंदन ठाकुर, जयप्रकाश ठाकुर, राम औतार ठाकुर, शिवधन ठाकुर, संजय ठाकुर समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।