फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   NCR registered on SDM accused of beating shopkeeper

पब्लिक को पीटने वाले एसडीएम के खिलाफ एनसीआर दर्ज

Fri, 21 Aug 2020 09:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 21 Aug 2020 09:51 PM IST
विज्ञापन
NCR registered on SDM accused of beating shopkeeper
बेल्थरारोड। मास्क लगाने और मुंह पर रुमाल बांधने के बाद भी व्यापारी भाइयों की बृहस्पतिवार को डंडे से पिटाई मामले में पीडि़त दुकानदार की तहरीर पर तत्कालीन एसडीएम अशोक चौधरी के खिलाफ पुलिस ने एनसीआर दर्ज किया है।
विज्ञापन

दुकानदार रजत चौरसिया ने कहा कि चौकिया मोड़ पर उसकी दुकान है। वह गुड़गांव ( हरियाणा ) में एक कंपनी आईसीएटी में ट्रेनी इंजीनियर है। पुलिस को दी तहरीर में उसने कहा है कि बृहस्पतिवार को अपरान्ह वह अपने भाई आशुतोष के साथ दुकान पर बैठा था। वह मास्क पहने हुए था और भाई ने मुंह पर रुमाल बांध रखा था। इसी बीच दुकान पर अचानक तत्कालीन एसडीएम अशोक चौधरी आए और उनके कहने पर साथ आए होमगार्ड ने भाई को बाहर खींच लिया। जब वह बात करने के इरादे से बाहर आया तो एसडीएम डंडे बरसाने लगे। उसने अपनी शिक्षा व नौकरी का हवाला दिया लेकिन इसका कोई असर नहीं पड़ा। डंडे से चोट लगने से उसकी दोनों अंगुली फट गई है। नाखून उखड़ गया है। हाथ में भी चोट लग गई है। भाई के दोनों हाथ भी जख्मी हैं। पुलिस ने तहरीर के आधार पर एनसीआर दर्ज किया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। रजत ने संबंधित वीडियो भी पुलिस को दिया है। रजत ने बातचीत में बताया कि उनके साथ मारपीट करने से भी तत्कालीन एसडीएम का मन नहीं भरा तो उन्होंने दोनों को थाने भेज दिया। इसके काफी देर बाद तहसील से एक कर्मचारी आया तथा उनसे एक माफीनामा लिखवाने के बाद छोड़ा गया।
विज्ञापन

-
आरोपी एसडीएम को बर्खास्त किया जाए: राम इकबाल सिंह
नगरा। भाजपा नेता व पूर्व विधायक रामइकबाल सिंह ने कहा कि 20 अगस्त को बिल्थरारोड में तत्कालीन एसडीएम अशोक चौधरी ने अंग्रेजी हुकूमत की याद को ताजा कर दिया। एसडीएम ने ये कार्रवाई योगी सरकार को बदनाम करने के उद्देश्य से किया। दुकानदारों की दुकान से खींच कर पिटाई की गई। ऐसी घटना कभी राजनैतिक जीवन में कभी नहीं देखी।
विज्ञापन
विज्ञापन

शुक्रवार को अतिथि गृह में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने दोषी एसडीएम को निलंबित तो कर दिया लेकिन इससे जनता के घाव पर मरहम नहीं लग पाएगा। एसडीएम को बर्खास्त किया जाना चाहिए। इसकी जांच मंडलायुक्त से करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एसडीएम के मामले में केवल एनसीआर दर्ज कर औपचारिकता पूरी की गई है। एसडीएम व घटना में शामिल पुलिसकर्मियों पर आपराधिक मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस समय हालात ये हैं कि भाजपा कार्यकर्ता थाने जाने से डर रहे हैं। थाने में उनकी पिटाई हो रही है। कोरोना के नाम पर अधिकारी मालामाल हो रहे हैं। इस खेल में स्वास्थ्य विभाग व प्रशासनिक अधिकारी लिप्त हैं। 50 प्रतिशत अस्पतालों में डाक्टर नहीं हैं। कोरोना काल में मास्क व हेलमेट चेकिंग के नाम पर पुलिस जम कर वसूली कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed