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धूमधाम से मनाया विजयादशमी का पर्व
ब्यूरो/ अमर उजाला बलिया
Updated Tue, 20 Oct 2015 10:07 PM IST
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नगर के विभिन्न विद्यालयों में मंगलवार को विजया दशमी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। आरके मिशन स्कूल में दशहरा उत्सव धूमधाम से मनाया गया।
कक्षा नर्सरी से यूके जी के छात्र-छात्राओं ने हर्षोल्लास के साथ विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया। इस अवसर पर डांडिया नृत्य, रामयण पर आधारित लघु नाटिका आदि की प्रस्तुति की गई।
सरस्वती शिशु विद्या मंदिर जगदीशपुर में विजयादशमी के पूर्व सप्तमी तिथि पर विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रेमशरण मिश्र की देखरेख में मां सरस्वती व जगत जननी मां दुर्गा के चित्र पर पुष्पार्चन व दीप प्रज्ज्वलन कर विजयादशमी का पर्व मनाया गया।
इस अवसर पर सुरेश सिंह आचार्य ने नवरात्र की महता पर प्रकाश डालते हुए मां दुर्गा के स्वरूपों का वर्णन किया। कहा कि विजया दशमी के दिन भगवान राम ने लंकापति रावण को पराजित कर अधर्म को समाप्त कर धर्म ध्वजा को फहराया। मां दुर्गा ने राक्षसी प्रवृत्ति से अधर्म पर विजय प्राप्त कर देव संस्कृति धर्म को पद स्थापित किया।
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इसी क्रम में नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर में प्रधानाचार्य ज्ञानेंद्र पांडेय की देखरेख में दशहरा का पर्वा मनाया गया। इस मौके पर बृजेश शंकर, सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी, प्रमोद श्रीवास्तव, हरेंद्र नाथ मिश्र आदि रहे।
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कक्षा नर्सरी से यूके जी के छात्र-छात्राओं ने हर्षोल्लास के साथ विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया। इस अवसर पर डांडिया नृत्य, रामयण पर आधारित लघु नाटिका आदि की प्रस्तुति की गई।
सरस्वती शिशु विद्या मंदिर जगदीशपुर में विजयादशमी के पूर्व सप्तमी तिथि पर विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रेमशरण मिश्र की देखरेख में मां सरस्वती व जगत जननी मां दुर्गा के चित्र पर पुष्पार्चन व दीप प्रज्ज्वलन कर विजयादशमी का पर्व मनाया गया।
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इस अवसर पर सुरेश सिंह आचार्य ने नवरात्र की महता पर प्रकाश डालते हुए मां दुर्गा के स्वरूपों का वर्णन किया। कहा कि विजया दशमी के दिन भगवान राम ने लंकापति रावण को पराजित कर अधर्म को समाप्त कर धर्म ध्वजा को फहराया। मां दुर्गा ने राक्षसी प्रवृत्ति से अधर्म पर विजय प्राप्त कर देव संस्कृति धर्म को पद स्थापित किया।
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इसी क्रम में नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर में प्रधानाचार्य ज्ञानेंद्र पांडेय की देखरेख में दशहरा का पर्वा मनाया गया। इस मौके पर बृजेश शंकर, सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी, प्रमोद श्रीवास्तव, हरेंद्र नाथ मिश्र आदि रहे।