यूपी: हादसे में मां-बेटे की ऑन द स्पॉट मौत, 16 घंटे बाद तीसरे की भी निकली जान; 5 दिन पहले खरीदी थी स्कॉर्पियो
बलिया से वाराणसी जाते समय गाजीपुर में अनियंत्रित स्कॉर्पियो डिवाइडर तोड़ते हुए 40 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे में मां-बेटे समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक घायल को लखनऊ रेफर किया गया है। स्कॉर्पियो चालक का बीएचयू में इलाज चल रहा है। मृतक बलिया के निवासी बताए जा रहे हैं।
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गाजीपुर के जंगीपुर थाना क्षेत्र के शेखपुर के पास ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर बुधवार रात तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए करीब 40 फीट गहरी खाई में जा गिरी।
हादसे में स्कॉर्पियो में सवार मां क्षमा उपाध्याय (55), बेटे अनमोल (28) की मौत हो गई। जबकि गंभीर रूप से घायल तीन अन्य लोगों को बेहतर उपचार के लिए वाराणसी रेफर कर दिया गया, जहां बृहस्पतिवार को उपचार के दौरान घायल युवक व मृतक के मौसेरे भाई मनोज चौबे (28) की भी मौत हो गई। वहीं, घायल रत्नेश मिश्रा (40) का लखनऊ के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
गाजीपुर के अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ. राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि हादसा बुधवार रात करीब 10:20 बजे हुआ। स्कॉर्पियो बलिया की ओर से आ रही थी। इसमें सवार लोग बलिया से वाराणसी जा रहे थे। शेखपुर के पास तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए खाई में जा गिरी। दुर्घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया।
परिजनों में कोहराम
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान बलिया जिले के नरही थाना क्षेत्र के नरही गांव निवासी क्षमा उपाध्याय (55) और उनके बेटे अनमोल (28) के रूप में हुई है। वहीं, मृतका के भाई व वाराणसी के शिवपुर निवासी रत्नेश मिश्रा (40) के अलावा बलिया के सुखपुरा थाना क्षेत्र के भरखरा निवासी मनोज चौबे (42) और मिर्जापुर जिले के चुनार निवासी स्कॉर्पियो चालक रमेश वर्मा घायल हो गए। तीनों को गंभीर हालत में वाराणसी रेफर किया गया।
उधर, सुखपुरा थाना क्षेत्र के भरखरा गांव निवासी लल्लन चौबे ने बताया कि हादसे में घायल उनके भतीजे मनोज चौबे की बृहस्पतिवार को वाराणसी में उपचार के दौरान मौत हो गई। जंगीपुर थाना प्रभारी ओम प्रकाश ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्कॉर्पियो तेज रफ्तार में थी। चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और गाड़ी डिवाइडर तोड़ते हुए खाई में जा गिरी। पुलिस आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
मामा के साथ मां को लेकर वाराणसी जा रहा था अनमोल
नरही निवासी परमात्मा उपाध्याय ने बताया कि भतीजा अनमोल उपाध्याय बुधवार को अपने मामा रत्नेश मिश्रा (35) निवासी शिवपुर- वाराणसी, मौसेरे भाई मनोज चौबे (28) निवासी भरखरा- सुखपुरा(बलिया) और चालक रमेश वर्मा के साथ पहले बक्सर स्थित सोलर पैनल के गोदाम पर गया था। वहां से सभी रात करीब सात बजे नरही स्थित घर पहुंचे। चचेरे भाई अखिलेश उपाध्याय के बेटे की बरही के भोज में शामिल होने के बाद अनमोल अपनी मां क्षमा उपाध्याय का इलाज कराने के लिए रात करीब साढ़े आठ बजे बलिया से वाराणसी के लिए निकला था।
घायलों को अस्पताल पहुंचाने गईं दो एंबुलेंस हुईं खराब
स्थानीय निवासी कमलेश यादव ने आरोप लगाया कि घटनास्थल पर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और मिर्जापुर टोल प्लाजा की ओर से एनएचएआई की दो एंबुलेंस पहुंचीं, लेकिन दोनों खराब हो गईं। इसके चलते घायलों को अस्पताल पहुंचाने में देरी हुई। बाद में 108 नंबर की एंबुलेंस पहुंचने पर घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया।
इस मामले में ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे मानपुर टोल हेड अरुण सागर ने बताया कि एंबुलेंस समय पर पहुंच गई थी। एक एंबुलेंस ग्रीन फील्ड से और एक क्यामपुर टोल प्लाजा से मौके पर पहुंची, लेकिन दोनों अचानक खराब हो गई। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को भी अवगत करा दिया है। हादसे में जान गंवाने वाले अनमोल उपाध्याय अविवाहित थे। तीन माह पहले सगाई हुई थी और दिसंबर में शादी होने वाली थी। वह ईपीसी सोलर सर्विस में कार्यरत थे।
इकलौते बेटे की शादी की तैयारी में था परिवार
अनमोल अपने पिता राजाराम उपाध्याय का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनों की शादी हो चुकी है। अनमोल की सगाई भी हो गई थी और दिसंबर में उसकी शादी होनी थी। घर में बेटे की शादी को लेकर तैयारियां और सपने संजोए जा रहे थे, लेकिन हादसे ने सब कुछ छीन लिया। मां को दवा दिलाने निकला बेटा खुद मां के साथ दुनिया से चला गया। परिवार के लिए यह दोहरा आघात था।
पांच दिन पहले ही स्कॉर्पियो खरीदी थी
परिजनों के मुताबिक, रत्नेश मिश्र ने करीब पांच दिन पहले ही स्कॉर्पियो खरीदी थी। कारोबार के सिलसिले में बिहार समेत कई जिलों में आना-जाना होता था। वाहन का पंजीकरण भी नहीं हुआ था। बृहस्पतिवार सुबह हादसे की खबर नरहीं पहुंची तो घर पर रिश्तेदारों और शुभचिंतकों की भीड़ जुट गई। जहां एक दिन पहले भोज और पारिवारिक मिलन का माहौल था, वहां अब चीख-पुकार और आंसुओं के बीच हर कोई इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध था। दिसंबर में शहनाई बजने का इंतजार कर रहे परिवार के घर अब मातम पसरा है।