अमेरिका में कंप्यूटर साइंस से छात्रों का मोहभंग: दो साल में दाखिले 18% घटे, एआई से बढ़ा नौकरियों पर खतरा
AI Impact On Jobs: एआई के बढ़ते इस्तेमाल का असर अब अमेरिका में छात्रों के करियर चुनाव पर भी दिख रहा है। कंप्यूटर साइंस के अंडरग्रेजुएट कोर्स में दो साल के भीतर छात्रों की संख्या 18.4% और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में 27.1% घट गई है। कंपनियों में कोडिंग से जुड़े शुरुआती काम एआई से कराए जाने के कारण युवाओं को नौकरी की संभावनाओं को लेकर चिंता सता रही है।

अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का असर अब पढ़ाई और करियर के चुनाव पर भी दिखने लगा है। वहां कंप्यूटर साइंस और सूचना विज्ञान के कोर्स में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या तेजी से कम हो रही है। पिछले दो साल में अंडरग्रेजुएट स्तर पर कंप्यूटर साइंस के छात्रों की संख्या 18.4% और पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर 27.1% घटी है। माना जा रहा है कि कोडिंग से जुड़ी शुरुआती नौकरियों में AI के बढ़ते इस्तेमाल ने युवाओं की चिंता बढ़ाई है।

दो साल में कंप्यूटर साइंस के छात्रों की संख्या में बड़ी गिरावट
- नेशनल स्टूडेंट क्लियरिंगहाउस के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में इस साल के शरद सत्र में कंप्यूटर और सूचना विज्ञान के अंडरग्रेजुएट कोर्स में दाखिले 12% से ज्यादा घटे हैं। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में छात्रों की संख्या में 10% से अधिक की कमी आई है।
- पिछले दो वर्षों के आंकड़े देखें तो गिरावट और बड़ी नजर आती है। इस दौरान कंप्यूटर साइंस के अंडरग्रेजुएट कोर्स में छात्रों की संख्या 18.4% कम हुई, जबकि पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर यह गिरावट 27.1% रही।
- यह बदलाव इसलिए भी अहम है, क्योंकि कुछ साल पहले तक कंप्यूटर साइंस अमेरिका में तेजी से लोकप्रिय हो रहे विषयों में शामिल था। बड़ी टेक कंपनियों में नौकरी और बेहतर सैलरी की उम्मीद में बड़ी संख्या में युवा इस क्षेत्र की पढ़ाई चुन रहे थे। अब एआई के कारण इसी करियर की संभावनाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

एआई ने छीनीं एंट्री-लेवल नौकरियां
- कंप्यूटर साइंस में दाखिले घटने की एक बड़ी वजह एआई का बढ़ता इस्तेमाल माना जा रहा है। कंपनियां अब कोड लिखने, कोड की जांच करने और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से जुड़े कई कामों के लिए एआई टूल्स का इस्तेमाल कर रही हैं।
- इससे खास तौर पर शुरुआती स्तर की कोडिंग नौकरियों पर दबाव बढ़ रहा है। पहले इन पदों के जरिए नए ग्रेजुएट्स को इंडस्ट्री में काम सीखने और अनुभव हासिल करने का मौका मिलता था। लेकिन कंपनियां जब कुछ काम एआई की मदद से करने लगी हैं, तो नए उम्मीदवारों के लिए नौकरी पाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
- अमेरिका के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स ने भी अगस्त में जारी अपनी रिपोर्ट में संकेत दिया था कि एआई का सबसे ज्यादा असर कंप्यूटर और गणित से जुड़े पेशों पर पड़ सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि टेक्नोलॉजी से जुड़ी सभी नौकरियां खत्म हो जाएंगी। एआई के बढ़ते इस्तेमाल से कुछ नई भूमिकाएं और स्किल्स की मांग भी बढ़ सकती है।
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