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प्रवासी कामगार वापसी को बेताब, नहीं मिल रहा टिकट
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बैरिया। कोरोना संक्रमण का प्रकोप कुछ कम होते ही बाहर से आये प्रवासी मजदूर रोजी-रोटी कमाने के लिए पुन: शहरों में जाने को बेताब हैं। लेकिन लंबी दूरी की अधिकांश ट्रेनों में टिकट नहीं मिलने के कारण उन्हें मायूस होना रहा है। टिकट के प्रयास में सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन के आरक्षण बुकिंग काउंटर पर कोरोना के प्रोटोकाल को लोग तार-तार कर रहे हैं।
कोरोना की दूसरी लहर में बाहर के शहरों में काम करने वाले मजदूरों की भारी तादाद अपने घर वापस लौट आई थी। कोरोना कर्फ्यू हटाने की सूचना पर लोग शहरों में अपनी रोजी-रोटी के लिए जाने लगे हैं। लेकिन पंजाब, हरियाणा, गुजरात, छतीसगढ़, मुंबई सहित कई शहरों को जाने वाली ट्रेनों की सभी सीटें अगले एक माह तक फुल हैं। कुछ गाड़ियों में वेटिंग टिकट की लंबी सूची है तो कुछ में टिकट ही नहीं मिल रहा है। फलस्वरूप टिकट काउंटर पर काफी मशक्कत करने के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ता है। ऐसे में प्रवासी मजदूर अपने गंतव्य तक पहुंचने को परेशान हैं।
यात्रियों को बार-बार समझाने के बावजूद उनके द्वारा कोरोना प्रोटोकाल का पालन नहीं किया जा रहा है। स्टेशन पर जीआरपी की अनुपलब्धता के कारण लोग मास्क नहीं पहन रहे हैं। बार-बार बताया जा रहा है कि ट्रेनों में कोई टिकट नहीं है, बावजूद इसके कोरोना प्रोटोकाल को टिकट काउंटर पर तार-तार लोग कर रहे हैं। - कमलेश मीणा, वाणिज्य अधीक्षक, सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन।
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कोरोना की दूसरी लहर में बाहर के शहरों में काम करने वाले मजदूरों की भारी तादाद अपने घर वापस लौट आई थी। कोरोना कर्फ्यू हटाने की सूचना पर लोग शहरों में अपनी रोजी-रोटी के लिए जाने लगे हैं। लेकिन पंजाब, हरियाणा, गुजरात, छतीसगढ़, मुंबई सहित कई शहरों को जाने वाली ट्रेनों की सभी सीटें अगले एक माह तक फुल हैं। कुछ गाड़ियों में वेटिंग टिकट की लंबी सूची है तो कुछ में टिकट ही नहीं मिल रहा है। फलस्वरूप टिकट काउंटर पर काफी मशक्कत करने के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ता है। ऐसे में प्रवासी मजदूर अपने गंतव्य तक पहुंचने को परेशान हैं।
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यात्रियों को बार-बार समझाने के बावजूद उनके द्वारा कोरोना प्रोटोकाल का पालन नहीं किया जा रहा है। स्टेशन पर जीआरपी की अनुपलब्धता के कारण लोग मास्क नहीं पहन रहे हैं। बार-बार बताया जा रहा है कि ट्रेनों में कोई टिकट नहीं है, बावजूद इसके कोरोना प्रोटोकाल को टिकट काउंटर पर तार-तार लोग कर रहे हैं। - कमलेश मीणा, वाणिज्य अधीक्षक, सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन।
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