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जिले के अन्नदाता की राह आसान करेगा माइक्रो एटीएम
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बलिया। किसानों को अब रुपये निकालने और जमा करने की सुविधा साधन सहकारी समितियों पर मिलेगी। माइक्रो एटीएम से वह खाद और बीज का भुगतान कर सकेंगे। साथ ही किसी भी बैंक की शाखा में रुपये जमा कर सकेंगे। जिले के सभी 160 समितियों के सचिवों को माइक्रो एटीएम से एक स्थान पर सभी सुविधाएं मिलेंगी।
जिले की साधन सहकारी समितियों को मजबूत करने के लिए शासन की ओर से नई पहल की गई है। अब समितियों के सचिवों को माइक्रो एटीएम दिया जा रहा है। इस एटीएम से खाद और बीज की बिक्री करने पर किसान ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे और जिले के किसी अन्य शाखा में रुपये जमा करने की सुविधा उपलब्ध होगी। मगर, वही किसान रुपये निकाल सकेंगे, जिनका जिला सहकारी बैंक में खाता होगा। 940 ग्राम पंचायतों के 160 न्याय पंचायतों में स्थापित साधन सहकारी समितियों पर अब बिजली के बिल का भुगतान किया जा सकता है। साधन सहकारी समितियों को हाईटेक बनाने के लिए यह कठोर कदम उठाया जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में स्थित इन समितियों पर अभी तक खाद और बीज की बिक्री के सिवा और कोई भी कार्य नहीं होता था। इससे समितियों का व्यवसाय इतना कम होता था कि सचिवों के नियमित वेतन देना बेहद मुश्किल होता था। मगर शासन की इस पहल से अब किसानों की राह जहां आसान होगी, वहीं समितियों की कमाई बढ़ जाएगी। रुपये निकालने और जमा करने के लिए जो शुल्क की कटौती होगी, वह समिति की आमदनी मानकर सचिवों को कमीशन दिया जाएगा।
सचिवों को नहीं मिलता वेतन, कमीशन पर करते हैं काम
जिले की साधन सहकारी समितियों पर तैनात सचिवों को हर माह वेतन नहीं दिया जाता है, बल्कि समिति जो व्यवसाय करती है, उसका एक हिस्सा सचिवों को कमीशन के रूप के दिया जाता है। यही सचिवों का वेतन होता है। अधिकांश समितियों पर व्यवसाय ठीक से नहीं होने के कारण उन्हें हर माह कमीशन नहीं मिल पाता है।
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किसानों को गांव में ही रुपये निकालने और जमा करने की सुविधा देने के लिए माइक्रो एटीएम की व्यवस्था जिले की सभी साधन सहकारी समितियों शीघ्र ही आरंभ होगी। इसके लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही किसानों को यह सुविधा मिलनी प्रारंभ हो जाएगी।
- जगदीश चंद्रा, महाप्रबंधक, जिला सहकारी बैंक, बलिया।
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जिले की साधन सहकारी समितियों को मजबूत करने के लिए शासन की ओर से नई पहल की गई है। अब समितियों के सचिवों को माइक्रो एटीएम दिया जा रहा है। इस एटीएम से खाद और बीज की बिक्री करने पर किसान ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे और जिले के किसी अन्य शाखा में रुपये जमा करने की सुविधा उपलब्ध होगी। मगर, वही किसान रुपये निकाल सकेंगे, जिनका जिला सहकारी बैंक में खाता होगा। 940 ग्राम पंचायतों के 160 न्याय पंचायतों में स्थापित साधन सहकारी समितियों पर अब बिजली के बिल का भुगतान किया जा सकता है। साधन सहकारी समितियों को हाईटेक बनाने के लिए यह कठोर कदम उठाया जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में स्थित इन समितियों पर अभी तक खाद और बीज की बिक्री के सिवा और कोई भी कार्य नहीं होता था। इससे समितियों का व्यवसाय इतना कम होता था कि सचिवों के नियमित वेतन देना बेहद मुश्किल होता था। मगर शासन की इस पहल से अब किसानों की राह जहां आसान होगी, वहीं समितियों की कमाई बढ़ जाएगी। रुपये निकालने और जमा करने के लिए जो शुल्क की कटौती होगी, वह समिति की आमदनी मानकर सचिवों को कमीशन दिया जाएगा।
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सचिवों को नहीं मिलता वेतन, कमीशन पर करते हैं काम
जिले की साधन सहकारी समितियों पर तैनात सचिवों को हर माह वेतन नहीं दिया जाता है, बल्कि समिति जो व्यवसाय करती है, उसका एक हिस्सा सचिवों को कमीशन के रूप के दिया जाता है। यही सचिवों का वेतन होता है। अधिकांश समितियों पर व्यवसाय ठीक से नहीं होने के कारण उन्हें हर माह कमीशन नहीं मिल पाता है।
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किसानों को गांव में ही रुपये निकालने और जमा करने की सुविधा देने के लिए माइक्रो एटीएम की व्यवस्था जिले की सभी साधन सहकारी समितियों शीघ्र ही आरंभ होगी। इसके लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही किसानों को यह सुविधा मिलनी प्रारंभ हो जाएगी।
- जगदीश चंद्रा, महाप्रबंधक, जिला सहकारी बैंक, बलिया।