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Ballia News: मौनी अमावस्या कल, पूर्वजों की पूजा से मिलेगी पितृदोष से मुक्ति
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बलिया। थम्हनपुरा निवासी ज्योतिषाचार्य डॉ. अखिलेश उपाध्याय ने बताया कि मौनी अमावस्या शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस दिन पूजा पाठ पूर्वजों के लिए किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि विधान से पूर्वजों की पूजा पाठ की जाए तो पितृ दोष से भी मुक्ति मिल जाती है। इसलिए जिले के गंगा नदी के तट पर स्नान व दान के लिए श्रद्धालुओं का रेला उमड़ता है।
पद्मपुराण के उत्तरखंड में माघ मास की अमावस्या के महात्म्य का वर्णन करते हुए कहा गया है कि व्रत, दान और तपस्या से भी भगवान श्रीहरि को उतनी प्रसन्नता नहीं होती, जितनी कि माघ महीने में स्नान मात्र से होती है। इसलिए स्वर्ग लाभ, सभी पापों से मुक्ति और भगवान वासुदेव की प्रीति के लिए प्रत्येक मनुष्य को माघ स्नान करना चाहिए।
मौन रहकर स्नान करने का विशेष महत्व
पंडित उपाध्याय ने बताया कि प्रात: काल मौन रख कर स्नान-ध्यान से सहस्र गोदान का पुण्य फल प्राप्त होता है। वैसे मौनी अमावस्या पर स्नान के बाद दान का भी विशेष महत्व होता है। दान में भूमि, स्वर्ण, अश्व, गज दान के साथ ही आम जनमानस तिल से बनी सामग्री, उष्ण वस्तुएं, कंबल स्वेटर, शाक-सब्जी दान से भी विशेष पुण्य लाभ होता है। इस दिन साधु-महात्मा व ब्राह्मणों के लिए अग्नि प्रज्ज्वलित करनी चाहिए। उन्हें कंबल आदि जाड़े के वस्त्र देने चाहिए।
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पद्मपुराण के उत्तरखंड में माघ मास की अमावस्या के महात्म्य का वर्णन करते हुए कहा गया है कि व्रत, दान और तपस्या से भी भगवान श्रीहरि को उतनी प्रसन्नता नहीं होती, जितनी कि माघ महीने में स्नान मात्र से होती है। इसलिए स्वर्ग लाभ, सभी पापों से मुक्ति और भगवान वासुदेव की प्रीति के लिए प्रत्येक मनुष्य को माघ स्नान करना चाहिए।
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मौन रहकर स्नान करने का विशेष महत्व
पंडित उपाध्याय ने बताया कि प्रात: काल मौन रख कर स्नान-ध्यान से सहस्र गोदान का पुण्य फल प्राप्त होता है। वैसे मौनी अमावस्या पर स्नान के बाद दान का भी विशेष महत्व होता है। दान में भूमि, स्वर्ण, अश्व, गज दान के साथ ही आम जनमानस तिल से बनी सामग्री, उष्ण वस्तुएं, कंबल स्वेटर, शाक-सब्जी दान से भी विशेष पुण्य लाभ होता है। इस दिन साधु-महात्मा व ब्राह्मणों के लिए अग्नि प्रज्ज्वलित करनी चाहिए। उन्हें कंबल आदि जाड़े के वस्त्र देने चाहिए।
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जवाहरपुरी में टूटी पड़ी सड़क। संवाद

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