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Ballia News: युवक की पिटाई के मामले में सिपाही समेत नौ पर प्राथमिकी दर्ज
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बलिया। कुंवर सिंह चौराहे पर युवक को रोककर मारपीट करने के आरोप में कोतवाली पुलिस ने एक सिपाही समेत नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामला न्यायालय के आदेश के बाद दर्ज हुआ। पुलिस प्रकरण की विवेचना शुरू कर दी है।
रामपुर उदयभान निवासी गीता देवी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि 21 फरवरी को बेटा प्रिंस यादव होली के कपड़े खरीदने बाजार जा रहा था। आरोप है कि कुंवर सिंह चौराहे पर सिपाही विजय राय ने उसे रोक लिया। इसी दौरान वहां मौजूद रौनक सिंह, सग्राम सिंह, सोनू सिंह, धन्नन सिंह, हैप्पी सिंह, सूरज सिंह यादव, आयुष सिंह और अंशु राय ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की।
आरोप है कि सिपाही विजय राय ने भीड़ के बीच युवक को आरोपियों से पिटवाया। घटना का वीडियो भी बनाए जाने की बात प्रार्थना पत्र में कही गई है। शोर सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से चले गए। इसके बाद पुलिस युवक को वाहन से कोतवाली ले गई। प्रिंस की मां गीता देवी के अनुसार उन्होंने घटना की सूचना कोतवाली पुलिस को वीडियो सहित दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरन न्यायालय में आवेदन दिया।
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कोतवाल प्रवीण सिंह ने कहा कि न्यायालय के आदेश के बाद कोतवाली पुलिस ने 20 सितंबर को प्राथमिकी में सिपाही विजय राय समेत नौ लोगों को आरोपी बनाया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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पहले चौराहे पर पकड़ा गया, फिर थाने से भागा प्रिंस
बलिया। 21 फरवरी को कुंवर सिंह चौराहे पर मारपीट के दौरान पुलिस के हाथ लगा प्रिंस यादव कुछ महीने बाद पुलिस हिरासत से ही भाग गया। इसके बीच उसके खिलाफ प्राथमिकी में धाराएं बढ़ीं।पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। जून में सुखपुरा थाने से फरारी के अगले दिन उसने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया और न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
कोतवाल प्रवीण सिंह ने बताया कि रिकॉर्ड के अनुसार रामपुर उदयभान निवासी प्रिंस के खिलाफ मारपीट, जानलेवा हमला सहित कई मामले में सदर कोतवाली सहित कई थानों में प्राथमिकी दर्ज है। 21 फरवरी को कुंवर सिंह चौराहे पर युवकों के दो पक्षों में मारपीट हुई थी। एक पक्ष की तहरीर पर प्रिंस समेत चार युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई, जबकि दूसरे पक्ष ने प्राथमिकी न होने पर न्यायालय की शरण ली। पुलिस के मुताबिक, 22 मार्च की रात रामपुर उदयभान में मारपीट और चाकूबाजी के मामले में भी प्रिंस समेत कई लोगों को नामजद किया गया। इसके बाद उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित हुआ।
फिर जून में करनई क्षेत्र में हंगामे के बाद पकड़े गए प्रिंस को डायल-112 पुलिसकर्मी सुखपुरा थाने ले गए थे। वहां से वह पुलिस हिरासत से फरार हो गया। मामले में तीन पुलिसकर्मी निलंबित किए गए। फरारी के अगले ही दिन प्रिंस ने अदालत में सरेंडर कर दिया।
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रामपुर उदयभान निवासी गीता देवी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि 21 फरवरी को बेटा प्रिंस यादव होली के कपड़े खरीदने बाजार जा रहा था। आरोप है कि कुंवर सिंह चौराहे पर सिपाही विजय राय ने उसे रोक लिया। इसी दौरान वहां मौजूद रौनक सिंह, सग्राम सिंह, सोनू सिंह, धन्नन सिंह, हैप्पी सिंह, सूरज सिंह यादव, आयुष सिंह और अंशु राय ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की।
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आरोप है कि सिपाही विजय राय ने भीड़ के बीच युवक को आरोपियों से पिटवाया। घटना का वीडियो भी बनाए जाने की बात प्रार्थना पत्र में कही गई है। शोर सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से चले गए। इसके बाद पुलिस युवक को वाहन से कोतवाली ले गई। प्रिंस की मां गीता देवी के अनुसार उन्होंने घटना की सूचना कोतवाली पुलिस को वीडियो सहित दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरन न्यायालय में आवेदन दिया।
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कोतवाल प्रवीण सिंह ने कहा कि न्यायालय के आदेश के बाद कोतवाली पुलिस ने 20 सितंबर को प्राथमिकी में सिपाही विजय राय समेत नौ लोगों को आरोपी बनाया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
पहले चौराहे पर पकड़ा गया, फिर थाने से भागा प्रिंस
बलिया। 21 फरवरी को कुंवर सिंह चौराहे पर मारपीट के दौरान पुलिस के हाथ लगा प्रिंस यादव कुछ महीने बाद पुलिस हिरासत से ही भाग गया। इसके बीच उसके खिलाफ प्राथमिकी में धाराएं बढ़ीं।पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। जून में सुखपुरा थाने से फरारी के अगले दिन उसने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया और न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
कोतवाल प्रवीण सिंह ने बताया कि रिकॉर्ड के अनुसार रामपुर उदयभान निवासी प्रिंस के खिलाफ मारपीट, जानलेवा हमला सहित कई मामले में सदर कोतवाली सहित कई थानों में प्राथमिकी दर्ज है। 21 फरवरी को कुंवर सिंह चौराहे पर युवकों के दो पक्षों में मारपीट हुई थी। एक पक्ष की तहरीर पर प्रिंस समेत चार युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई, जबकि दूसरे पक्ष ने प्राथमिकी न होने पर न्यायालय की शरण ली। पुलिस के मुताबिक, 22 मार्च की रात रामपुर उदयभान में मारपीट और चाकूबाजी के मामले में भी प्रिंस समेत कई लोगों को नामजद किया गया। इसके बाद उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित हुआ।
फिर जून में करनई क्षेत्र में हंगामे के बाद पकड़े गए प्रिंस को डायल-112 पुलिसकर्मी सुखपुरा थाने ले गए थे। वहां से वह पुलिस हिरासत से फरार हो गया। मामले में तीन पुलिसकर्मी निलंबित किए गए। फरारी के अगले ही दिन प्रिंस ने अदालत में सरेंडर कर दिया।