फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Married after breaking a vow, yet the administration did not come

प्रण तोड़कर रचाई शादी, फिर भी प्रधानी हाथ न आई

Tue, 04 May 2021 01:28 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 04 May 2021 01:28 AM IST
विज्ञापन
Married after breaking a vow, yet the administration did not come
बलिया। पंचायत चुनाव में रोचक मामले सामने आ रहे हैं। आजीवन शादी नहीं करने का प्रण करने वाले ने महिला सीट आरक्षित होने पर बिना मुहूर्त ही शादी कर ली। दुल्हन को चुनावी मैदान में उतारा, लेकिन मतदाताओं ने जीत किसी और की झोली में डाल दी। यह मामला इलाके में हर किसी की जुबां पर छाया हुआ है।
विज्ञापन

मुरलीछपरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत शिवपुर कर्ण छपरा के जितेंद्र सिंह उर्फ हाथी सिंह ने 2015 में प्रधानी चुनाव लड़ा और केवल 57 वोटों से हार गए। बावजूद पांच साल लगातार समाजसेवा में लगे रहे। इस बार भी ताल ठोकने वाले थे, लेकिन सीट महिलाओं के लिए आरक्षित कर दी गई। मैदान में उतरने का ख्वाब टूटने लगा। यह देख समर्थकों ने शादी का सुझाव दिया। इसके बाद 45 साल पार कर चुके हाथी सिंह ने शादी की ठान ली। 13 अप्रैल को नामांकन से पहले शादी करनी थी। आननफानन बिहार में कोर्ट मैरिज की। इसके बाद 26 मार्च को गांव के धर्मनाथजी मंदिर में बिना मुहूर्त शादी की। फिर पत्नी निधि को चुनावी मैदान में उतार दिया। खुद प्रचार में जुटे और पत्नी को भी लगाया। मेहंदी लगे हाथों से ही निधि सिंह प्रचार प्रसार करती रहीं। लोगों ने खूब आशीर्वाद दिया। साथ ही वोट देने का वादा भी किया, लेकिन परिणाम जब आया तो निराशा हाथ लगी। हाथी सिंह की तरह उनकी पत्नी भी चुनाव हार गईं। वहीं, हरि सिंह की पत्नी सोनिका देवी 564 वोट पाकर जीत गईं। हाथी सिंह की पत्नी निधि को 525 वोटों से संतोष करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed