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अंकपत्र के लिए छात्रों का प्रदर्शन
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Thu, 30 Apr 2015 10:58 PM IST
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सुदिष्ट बाबा इंटर कालेज के दसवीं के छात्रों का वर्ष 2014 का अंकपत्र नहीं दिए जाने के विरोध में सुदिष्टपुरी महाविद्यालय के छात्रनेताओं ने गुरुवार को इंटर कालेज के गेट पर प्रदर्शन किया और अनशन पर बैठ गए। छात्रनेताओं ने प्रधानाचार्य के निलंबन की मां करते हुए जमकर नारेबाजी की।
मौके पर पहुंचे बैरिया एसडीएम सुशील प्रताप सिंह ने डीएम को पत्र भेजकर प्रधानाचार्य पर कार्रवाई की सिफारिश की। साथ ही ऐसे छात्र जिनका अंकपत्र विद्यालय पर उपलब्ध था, उनका वितरण कराकर अनशन समाप्त कराया।
सुदिष्ट बाबा इंटर कालेज के 2013-2014 सत्र में 650 छात्र-छात्राएं थे। इसमें 280 छात्र-छात्राओं के अंकपत्र में बोर्ड ने प्रेक्टिकल का अंक नहीं जुड़ने से रिजल्ट रोक दिया था। लेकिन प्रधानाचार्य ने पता नहीं किन परिस्थितियों में किसी भी छात्रों का अंकपत्र वितरित नहीं कराया था।
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ऐसे में छात्रों की आगे की पढ़ाई बाधित हो गई। वहीं विद्यालय प्रशासन ने लापरवाही बरतते हुए अधूरे अंकपत्र को दुरुस्त कराने के लिए छह माह बाद पांच जनवरी 2015 को बोर्ड को भेजा। इससे नाराज बोर्ड के सचिव ने प्रधानाचार्य से स्पष्टीकरण मांगा।
उधर जब साल भर तक अंकपत्र नहीं मिला तो सुदिष्टपूरी महाविद्यालय के छात्रनेता इंटर के छात्रों के समर्थन में उतर कर गत 13 अप्रैल को अनशन पर बैठे थे। उस समय प्रधानाचार्य ने 10 दिन का मोहलत लेकर अनशन समाप्त करा दिया। आश्वासन के बावजूद अंकपत्र नहीं मिला तो छात्रनेता फिर गुरुवार को सुदिष्टपुरी इंटर कालेज के गेट पर अनशन शुरू कर दिए।
साथ ही प्रधानाचार्य के निलंबन की मांग शुरू कर दी। मौके पर पहुंचे एसडीएम बैरिया सुशील प्रताप सिंह और तहसीलदार श्रीप्रकाश सिंह ने ऐसे छात्र कुछ छात्र जिनके पूर्ण अंकपत्र विद्यालय पर उपलब्ध थे, वितरित कराया। साथ ही उप जिलाधिकारी ने प्रधानाचार्य के विरुद्ध कार्रवाई के लिए डीएम को पत्र लिखा।
साथ ही अधूरे अंकपत्र को शीघ्र पूर्ण करने का आश्वासन दिलाया, तब जाकर छात्रों ने अनशन समाप्त किया। अनशन करने वाले छात्रनेताओं में महाविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष रवि कुमार सिंह, मंत्री गजेंद्र मौर्य, कोषाध्यक्ष अभिषेक गिरि शामिल रहे। वहीं मौके पर छात्रनेता नितेश सिंह, गोविंद सिंह, विनय चौबे, विकास गुप्ता, अरविंद कुमार गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
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मौके पर पहुंचे बैरिया एसडीएम सुशील प्रताप सिंह ने डीएम को पत्र भेजकर प्रधानाचार्य पर कार्रवाई की सिफारिश की। साथ ही ऐसे छात्र जिनका अंकपत्र विद्यालय पर उपलब्ध था, उनका वितरण कराकर अनशन समाप्त कराया।
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सुदिष्ट बाबा इंटर कालेज के 2013-2014 सत्र में 650 छात्र-छात्राएं थे। इसमें 280 छात्र-छात्राओं के अंकपत्र में बोर्ड ने प्रेक्टिकल का अंक नहीं जुड़ने से रिजल्ट रोक दिया था। लेकिन प्रधानाचार्य ने पता नहीं किन परिस्थितियों में किसी भी छात्रों का अंकपत्र वितरित नहीं कराया था।
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ऐसे में छात्रों की आगे की पढ़ाई बाधित हो गई। वहीं विद्यालय प्रशासन ने लापरवाही बरतते हुए अधूरे अंकपत्र को दुरुस्त कराने के लिए छह माह बाद पांच जनवरी 2015 को बोर्ड को भेजा। इससे नाराज बोर्ड के सचिव ने प्रधानाचार्य से स्पष्टीकरण मांगा।
उधर जब साल भर तक अंकपत्र नहीं मिला तो सुदिष्टपूरी महाविद्यालय के छात्रनेता इंटर के छात्रों के समर्थन में उतर कर गत 13 अप्रैल को अनशन पर बैठे थे। उस समय प्रधानाचार्य ने 10 दिन का मोहलत लेकर अनशन समाप्त करा दिया। आश्वासन के बावजूद अंकपत्र नहीं मिला तो छात्रनेता फिर गुरुवार को सुदिष्टपुरी इंटर कालेज के गेट पर अनशन शुरू कर दिए।
साथ ही प्रधानाचार्य के निलंबन की मांग शुरू कर दी। मौके पर पहुंचे एसडीएम बैरिया सुशील प्रताप सिंह और तहसीलदार श्रीप्रकाश सिंह ने ऐसे छात्र कुछ छात्र जिनके पूर्ण अंकपत्र विद्यालय पर उपलब्ध थे, वितरित कराया। साथ ही उप जिलाधिकारी ने प्रधानाचार्य के विरुद्ध कार्रवाई के लिए डीएम को पत्र लिखा।
साथ ही अधूरे अंकपत्र को शीघ्र पूर्ण करने का आश्वासन दिलाया, तब जाकर छात्रों ने अनशन समाप्त किया। अनशन करने वाले छात्रनेताओं में महाविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष रवि कुमार सिंह, मंत्री गजेंद्र मौर्य, कोषाध्यक्ष अभिषेक गिरि शामिल रहे। वहीं मौके पर छात्रनेता नितेश सिंह, गोविंद सिंह, विनय चौबे, विकास गुप्ता, अरविंद कुमार गुप्ता आदि उपस्थित रहे।