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युवाओं में बढ़ा खादी का क्रेज
ballia
Updated Wed, 15 Nov 2017 10:58 PM IST
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ददरी मेले में फूल की दूकान पर खरीददारी करती महिलाएं।
- फोटो : ballia
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ददरी मेला के मीना बाजार में बुधवार को रविवार की तरह भीड़ रही। इससे जहां गैर जनपद और गैर प्रांत से आए दूकानदार खुश थे। वहीं मेले में आए लोग हर चीज को देखने और खरीदने में जुटे रहे। खास तौर से खादी वस्त्रों का क्रेज युवाओं के सिर चढ़कर बोला। जहां महिलाएं चाट पकौड़ी और सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर खरीदारी करती रहीं तो बच्चे झूले का लुत्फ लेते रहे।
हर साल के तरह से इस बार भी मेले में खादी ग्रामोद्योग की ओर लगाई गई प्रदर्शनी को देखने के लिए भीड़ जुटी रही। प्रदर्शनी में ही सर्वोदय प्रकाशन की पुस्तकों का मेला लगा है। जिससे लोग ज्ञानवर्धक किताबे खरीदते नजर आए। आलम यह रहा कि हर साल की तरह से इस बार प्रदर्शनी में खादी के कपड़े, रजाई, गद्दे, चादर, बेडसीट, आंवला के आचार, आंवला के मुरब्बे, कैंडी, बर्फी, लड्डू सहित विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों के स्टाल लगाए गए है। युवाओं में खादी के वस्त्रों का क्रेज रहा। मेले में लगी पुष्प प्रदर्शनी में जहां भीड़ हो रही है।
वहीं आर्टीफिशियल फूलों को खरीदने में महिलाओं की रुचि देखी जा रही है। कानपूर से अपनी दूकान लेकर आए राजेंद्र रस्तोगी का कहना है कि वह 30-35 सालों से मेले में आ रहे है। लेकिन पिछले साल नोटबंदी के चक्कर में बिक्री प्रभावित रही। इस बार लोग खरीददारी तो कर रहे है।
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हर साल के तरह से इस बार भी मेले में खादी ग्रामोद्योग की ओर लगाई गई प्रदर्शनी को देखने के लिए भीड़ जुटी रही। प्रदर्शनी में ही सर्वोदय प्रकाशन की पुस्तकों का मेला लगा है। जिससे लोग ज्ञानवर्धक किताबे खरीदते नजर आए। आलम यह रहा कि हर साल की तरह से इस बार प्रदर्शनी में खादी के कपड़े, रजाई, गद्दे, चादर, बेडसीट, आंवला के आचार, आंवला के मुरब्बे, कैंडी, बर्फी, लड्डू सहित विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों के स्टाल लगाए गए है। युवाओं में खादी के वस्त्रों का क्रेज रहा। मेले में लगी पुष्प प्रदर्शनी में जहां भीड़ हो रही है।
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वहीं आर्टीफिशियल फूलों को खरीदने में महिलाओं की रुचि देखी जा रही है। कानपूर से अपनी दूकान लेकर आए राजेंद्र रस्तोगी का कहना है कि वह 30-35 सालों से मेले में आ रहे है। लेकिन पिछले साल नोटबंदी के चक्कर में बिक्री प्रभावित रही। इस बार लोग खरीददारी तो कर रहे है।
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