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चौथे दिन कठौड़ा रेगुलेटर से रिसाव बंद

Tue, 12 Jul 2016 10:16 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया Updated Tue, 12 Jul 2016 10:16 PM IST
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kathauda regulator se ho raha risav band
हजारा नहर मे पानी बढ़ा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
क्षेत्र के  कठौड़ा गांव स्थित रेगुलेटर से विगत चार दिनों से हो रहा रिसाव सोमवार की शाम को बंद करा दिया गया। इससे किसानों को राहत तो मिली है लेकिन अब तक  रिसाव से सैकड़ों किसानों का हजारों एकड़ जोता हुआ खेत व पांच सौ एकड़ से  अधिक बोई हुई फसल डूब चुकी है जिससे किसानों में भारी आक्रोश है।
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 कठौड़ा रेगुलेटर में हो रहे रिसाव से फसल नष्ट होने से किसानों के समक्ष विकट स्थिति उत्पन्न हो गई है, वह अब मुआवजे की मांग कर रहे हैं। रिसाव से  अब तक पांच सौ एकड़ से अधिक ज्वार, बाजड़ा, धान, मक्का की बोई फसल डूब चुकी है। जिन किसानों की फसल पानी में डूबी है, उनमें कठौड़ा गांव निवासी अरुणेंद्र राय, प्रबल प्रताप राय ,सर्वेंदु राय, मुन्ना राय ,विनय सिंह ,सुरेश प्रसाद कनौजिया, रामेश्वर प्रसाद ,केदार मल्लाह ,कृपा शंकर शाहनी, रविंदर वर्मा, शिवजी राय ,
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परमेश्वर राय, शशि प्रकाश राय,बैजनाथ राय,सोनू राय, प्रवीण कुमार ,अरविंद राय, विश्वनाथ राय ,तारकेश्वर, नमो नारायण राय, देवभूषण राय ,नरेंद्र राय ,धनु राय ,प्रदीप द्विवेदी, रामजन्म राय ,उपेंद्र राय ,चिंटू राय, आदि शामिल हैं। किसानों का कहना है कि खेतों में पानी भर जाने से उनकी बोई फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है,
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पानी निकलने अथवा सूखने में कई दिन बीत जाएंगे। ऐसे में दोबारा फसल बोना मुश्किल होगा। पिछले साल सूखे के कारण खेतों में अनाज पैदा नहीं हुई थी। अब रेगुलेटर के रिसाव में फसल चौपट हो गई। किसानों का कहना है कि वे अपने नुकसान के लिए जिला प्रशासन से मिलकर मुआवजे की मांग करेंगे।
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