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चिकित्साकर्मियों ने चौथे दिन बंद रखा कामकाज
ब्यूरो, अमर उजाला,बलिया
Updated Thu, 05 May 2016 08:10 PM IST
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मनियर पर तैनात एक फार्मासिस्ट के पिटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। नाराज कर्मचारियों ने कामकाज ठप करने के साथ ही पीएचसी में तालाबंदी कर चौथे दिन भी विरोध जताया। वहीं पुलिस प्रशासन द्वारा लाख समझाने के प्रयास के बाद भी मामला सिफर रहा।
पीएचसी मनियर के अंतर्गत न्यू पीएचसी के कर्मचारियों ने भी अपना कामकाज ठप कर समर्थन दिया। वहीं पीएचसी के कर्मचारियों ने बैठक कर गिरफ्तारी न होने तक कामकाज ठप रखने का निर्णय लिया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मनियर पर सोमवार को कस्बा के कुछ लोग मरीज लेकर गए थे।
चिकित्सक द्वारा बलिया रेफर कर देने पर मरीज के साथ आए तीमारदारों द्वारा 108 एंबुंलेंस के आने में देरी होने के कारण कथित तौर पर फार्मासिस्ट रवींद्र से मारपीट हुई थी। जिससे नाराज कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर पीएचसी पर तालाबंदी का एलान कर दिया।
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वहीं बुधवार की शाम मनियर पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ बैठक कर समझाने-बुझाने का प्रयास किया। लेकिन कर्मचारी अपने जिद पर अड़े रहे। गुरुवार को मनियर पीएचसी अंतर्गत बड़ागांव, बालूपुर और काजीपुर के ऐलोपैथिक न्यू पीएचसी के कर्मचारियों ने अपने-अपने कर्मचारियों में तालाबंदी कर समर्थन में जुट गए।
वहीं डा. शहाबुद्दीन की अध्यक्षता में आपातकालीन बैठक कर सर्वसम्मत से निर्णय लिया कि जब तक मारपीट करने वाले किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती तब किसी भी कीमत पर सेवा बहाल नहीं की जाएगी। पीएचसी पर हुई मारपीट की घटना के चार दिन बीतने के बावजूद न तो पुलिस प्रशासन किसी आरोपी को गिरफ्तार ही कर सका। न तो किसी सक्षम अधिकारी ही पीएचसी मनियर पर सुध लेने पहुंचा।
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पीएचसी मनियर के अंतर्गत न्यू पीएचसी के कर्मचारियों ने भी अपना कामकाज ठप कर समर्थन दिया। वहीं पीएचसी के कर्मचारियों ने बैठक कर गिरफ्तारी न होने तक कामकाज ठप रखने का निर्णय लिया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मनियर पर सोमवार को कस्बा के कुछ लोग मरीज लेकर गए थे।
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चिकित्सक द्वारा बलिया रेफर कर देने पर मरीज के साथ आए तीमारदारों द्वारा 108 एंबुंलेंस के आने में देरी होने के कारण कथित तौर पर फार्मासिस्ट रवींद्र से मारपीट हुई थी। जिससे नाराज कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर पीएचसी पर तालाबंदी का एलान कर दिया।
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वहीं बुधवार की शाम मनियर पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ बैठक कर समझाने-बुझाने का प्रयास किया। लेकिन कर्मचारी अपने जिद पर अड़े रहे। गुरुवार को मनियर पीएचसी अंतर्गत बड़ागांव, बालूपुर और काजीपुर के ऐलोपैथिक न्यू पीएचसी के कर्मचारियों ने अपने-अपने कर्मचारियों में तालाबंदी कर समर्थन में जुट गए।
वहीं डा. शहाबुद्दीन की अध्यक्षता में आपातकालीन बैठक कर सर्वसम्मत से निर्णय लिया कि जब तक मारपीट करने वाले किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती तब किसी भी कीमत पर सेवा बहाल नहीं की जाएगी। पीएचसी पर हुई मारपीट की घटना के चार दिन बीतने के बावजूद न तो पुलिस प्रशासन किसी आरोपी को गिरफ्तार ही कर सका। न तो किसी सक्षम अधिकारी ही पीएचसी मनियर पर सुध लेने पहुंचा।