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ज्योतिबा फूले के रास्ते पर चलने का संकल्प
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Fri, 20 Feb 2015 10:28 PM IST
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माली महासभा और माली विकास मंच की ओर से शुक्रवार को बापू भवन टाउन हाल के क्रांति मैदान में ज्योतिबा फूले तथा सावित्री बाई फूले का यादगार दिवस मनाया गया। वक्ताओं ने समाज के विकास के लिए एकजुटता पर बल दिया। साथ ही ज्योतिबा फूले के बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व प्रधान कन्हैया माली सहित विशिष्ट अतिथियों ने ज्योतिबा फूले तथा सावित्री बाई फूले के चित्र पर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता तथा सरस्वती कन्या इंटर कालेज के प्राचार्य डा. ज्ञानेश्वर माली ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा राव फूले तथा उनकी धर्मपत्नी सावित्री बाई फूले ने सैकड़ाें वर्ष पूर्व जिस लड़ाई को शुरू किया था। उसी के चलते माली समाज के लोग सम्मान पूर्वक जी रहे हैं। कहा कि माली समाज के पिछडे़पन का मुख्य कारण अशिक्षा है। आज के दौर में महात्मा ज्योतिबा फूले द्वारा प्रांरभ किए गए अध्ययन आंदोलन की मशाल थामने के लिए आज के छात्रों और नवजवानों को आगे आने की जरूरत है। शिक्षा ही विकास की एक मात्र कुंजी है।
पूर्व प्रधान कन्हैया माली ने कहा कि ज्योतिबा फूले नारी शिक्षा एवं उनकी स्वतंत्रता की पक्षधर थे। उनके बताए रास्ते पर ही हम लोगों को चलने की जरूरत है। नारी के हक व उत्थान के लिए महात्मा ज्योतिबा फूले के आंदोलन के क्रम में सबसे पहले विधवा का विवाह कराया। इस मौके पर दीनानाथ सैनी, राजकुमार माली, जयकुमार, भरत, प्रमोद, अखिलेश, नथुनी, कन्हैया, शिवजी, डा. ए हासमी, अग्रेस मौर्य, नमोनारायण, बलवंत यादव, बच्चा लाल गोंड, सुरेश शाह, रंजीत कुमार निहाल, राधेश्याम माली, गीता देवी, विद्यावती देवी, उर्मिला आदि
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मौजूद रहीं।
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कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व प्रधान कन्हैया माली सहित विशिष्ट अतिथियों ने ज्योतिबा फूले तथा सावित्री बाई फूले के चित्र पर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता तथा सरस्वती कन्या इंटर कालेज के प्राचार्य डा. ज्ञानेश्वर माली ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा राव फूले तथा उनकी धर्मपत्नी सावित्री बाई फूले ने सैकड़ाें वर्ष पूर्व जिस लड़ाई को शुरू किया था। उसी के चलते माली समाज के लोग सम्मान पूर्वक जी रहे हैं। कहा कि माली समाज के पिछडे़पन का मुख्य कारण अशिक्षा है। आज के दौर में महात्मा ज्योतिबा फूले द्वारा प्रांरभ किए गए अध्ययन आंदोलन की मशाल थामने के लिए आज के छात्रों और नवजवानों को आगे आने की जरूरत है। शिक्षा ही विकास की एक मात्र कुंजी है।
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पूर्व प्रधान कन्हैया माली ने कहा कि ज्योतिबा फूले नारी शिक्षा एवं उनकी स्वतंत्रता की पक्षधर थे। उनके बताए रास्ते पर ही हम लोगों को चलने की जरूरत है। नारी के हक व उत्थान के लिए महात्मा ज्योतिबा फूले के आंदोलन के क्रम में सबसे पहले विधवा का विवाह कराया। इस मौके पर दीनानाथ सैनी, राजकुमार माली, जयकुमार, भरत, प्रमोद, अखिलेश, नथुनी, कन्हैया, शिवजी, डा. ए हासमी, अग्रेस मौर्य, नमोनारायण, बलवंत यादव, बच्चा लाल गोंड, सुरेश शाह, रंजीत कुमार निहाल, राधेश्याम माली, गीता देवी, विद्यावती देवी, उर्मिला आदि
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मौजूद रहीं।