{"_id":"60ccc60a8ebc3e356d7da516","slug":"jila-panchayat-ballia-ballia-news-vns5955464143","type":"story","status":"publish","title_hn":"...तो संयुक्त मोर्चा नहीं भाजपा का होगा जिपं अध्यक्ष उम्मीदवार!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
...तो संयुक्त मोर्चा नहीं भाजपा का होगा जिपं अध्यक्ष उम्मीदवार!
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिया। मुख्यमंत्री के जाने के बाद जिले का सियासी पारा काफी गरम है। सीएम के साथ हुई कोर कमेटी की बैठक में भाजपा के स्थानीय दिग्गजों ने न सिर्फ जिले की राजनीतिक स्थिती से अवगत कराया, बल्कि जिला पंचायत अध्यक्ष उम्मीदवार पर भी आम राय बनाने की कोशिश की। सूत्रों की मानें को इस निर्णय भी हो गया है, लेकिन अभी पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
जिपं अध्यक्ष के चुनाव को लेकर कोर कमेटी में पार्टी नेता दो धड़े बटे रहे। कुछ लोग अक्षयलाल यादव की पत्नी हेमवंती देवी को उम्मीदवार बनाने की पैरवी कर रहे थे। इसके परिणाम स्वरुप आनन फानन में अक्षय लाल को बगैर प्रोटोकाल के बैठक में शामिल कराया गया। यहां उन्होंने सीएम का आर्शीवाद भी लिया। वहीं, प्रदेश सरकार के एक मंत्री और एक विधायक ने सुभासपा की एक जिपं सदस्य को संयुक्त मोर्चा का उम्मीदवार बनाने की पैरवी करते रहे। उनका तर्क था कि इस मुद्दे पर पार्टी के अलावा अन्य दलों का भी साथ मिलेगा। माहौल को भांप कर सीएम ने पैरवी कर रहे मंत्री और विधायक को जिपं अध्यक्ष चुनाव की जिम्मेदारी सौंप दी। हालांकि बताया जा रहा है कि यह शर्त रखी कि उम्मीदवार भाजपा का होगा न कि संयुक्त मोर्चा का। इसके बाद से जिपं अध्यक्ष के चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी की तस्वीर साफ तो नजर आ रही है, लेकिन आधिकारिक बयान का इंतजार है।
वहीं, सपा के सूत्रों का कहना है कि बसपा को रोकने के लिए सपा कोई भी कुर्बानी देने को तैयार है। इसके लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से हरी झंडी भी मिल गई है। अब देखना है कि परस्पर विरोधी विचार धारा की प्रमुख पार्टियों का मिलन कैसे होता है।
विज्ञापन
--
23 से होगी नामांकन पत्रों की बिक्री
बलिया। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की बिक्री 23से 25 जून तक पूर्वाहन 11:00 बजे से 03:00 बजे तक होगी। यह जानकारी अपर जिलाधिकारी रामआसरे ने दी। उन्होंने बताया कि नामांकन पत्र का मूल्य सामान्य वर्ग हेतु 1500 तथा अनुसूचित जाति / अनुसूचि जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग/ महिला हेतु रूपया-750रुपया होगा। इसके अलावा जमानत धनराशि सामान्य वर्ग के लिए दस हजार तथा आरक्षित वर्ग के लिए पांच हजार तय है। बताया कि जिपं अध्यक्ष के चुनाव में खर्च की सीमा चार लाख रुपए निर्धारित की गई है। जिसका लेखा-जोखा वरिष्ठ कोषाधिकारी से जाँच कराकर निर्वाचन के उप जिला निर्वाचन कार्यालय (पंचायत एवं नगरीय निकाय) बलिया में जमा करना होगा।
विज्ञापन
जिपं अध्यक्ष के चुनाव को लेकर कोर कमेटी में पार्टी नेता दो धड़े बटे रहे। कुछ लोग अक्षयलाल यादव की पत्नी हेमवंती देवी को उम्मीदवार बनाने की पैरवी कर रहे थे। इसके परिणाम स्वरुप आनन फानन में अक्षय लाल को बगैर प्रोटोकाल के बैठक में शामिल कराया गया। यहां उन्होंने सीएम का आर्शीवाद भी लिया। वहीं, प्रदेश सरकार के एक मंत्री और एक विधायक ने सुभासपा की एक जिपं सदस्य को संयुक्त मोर्चा का उम्मीदवार बनाने की पैरवी करते रहे। उनका तर्क था कि इस मुद्दे पर पार्टी के अलावा अन्य दलों का भी साथ मिलेगा। माहौल को भांप कर सीएम ने पैरवी कर रहे मंत्री और विधायक को जिपं अध्यक्ष चुनाव की जिम्मेदारी सौंप दी। हालांकि बताया जा रहा है कि यह शर्त रखी कि उम्मीदवार भाजपा का होगा न कि संयुक्त मोर्चा का। इसके बाद से जिपं अध्यक्ष के चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी की तस्वीर साफ तो नजर आ रही है, लेकिन आधिकारिक बयान का इंतजार है।
विज्ञापन
वहीं, सपा के सूत्रों का कहना है कि बसपा को रोकने के लिए सपा कोई भी कुर्बानी देने को तैयार है। इसके लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से हरी झंडी भी मिल गई है। अब देखना है कि परस्पर विरोधी विचार धारा की प्रमुख पार्टियों का मिलन कैसे होता है।
विज्ञापन
--
23 से होगी नामांकन पत्रों की बिक्री
बलिया। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की बिक्री 23से 25 जून तक पूर्वाहन 11:00 बजे से 03:00 बजे तक होगी। यह जानकारी अपर जिलाधिकारी रामआसरे ने दी। उन्होंने बताया कि नामांकन पत्र का मूल्य सामान्य वर्ग हेतु 1500 तथा अनुसूचित जाति / अनुसूचि जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग/ महिला हेतु रूपया-750रुपया होगा। इसके अलावा जमानत धनराशि सामान्य वर्ग के लिए दस हजार तथा आरक्षित वर्ग के लिए पांच हजार तय है। बताया कि जिपं अध्यक्ष के चुनाव में खर्च की सीमा चार लाख रुपए निर्धारित की गई है। जिसका लेखा-जोखा वरिष्ठ कोषाधिकारी से जाँच कराकर निर्वाचन के उप जिला निर्वाचन कार्यालय (पंचायत एवं नगरीय निकाय) बलिया में जमा करना होगा।