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इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तथा सर्विलांस सेल का गठन

Sat, 18 Jul 2020 09:00 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jul 2020 09:00 PM IST
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Integrated Command and Control Center and Surveillance Cell formed
बलिया। जनपद में कोरोना की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तथा सर्विलांस सेल का गठन कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने दोनों समिति का प्रभारी व अपर प्रभारी नामित करते हुए जिम्मेदारी भी तय कर दी है।
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इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का प्रभारी संयुक्त मजिस्ट्रेट विपिन कुमार जैन व अपर प्रभारी डीआईओएस भास्कर मिश्रा को बनाया गया है। इसमें सदस्य के रूप में राजकीय महिला पॉलिटेक्निक के प्रधानाचार्य मलिक मोहम्मद सलीम व नायब तहसीलदार बांसडीह अंजू यादव हैं। विकास भवन से इसका संचालन होगा। यह समिति टेलीफोन की व्यवस्था के साथ 24 घंटे कंट्रोल रूम के रूप में काम करेगी। आम लोगों से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार अन्य सभी विभागों से समन्वय बनाना, प्रतिदिन की हेल्थ बुलेटिन मीडिया व जन सामान्य की जानकारी के लिए जारी करना, महामारी से संबंधित कार्य कर रहे विभिन्न विभागों जैसे स्वास्थ्य, पुलिस, नगर विकास, ग्राम्य विकास की सूचना का संकलन करना तथा शासन में उच्चधिकारियों के स्तर से अपेक्षित दैनिक सूचना भेजना इस समिति का काम होगा।
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इसी प्रकार सर्विलांस सेल का प्रभारी एसडीएम सदर/संयुक्त मजिस्ट्रेट अन्नपूर्णा गर्ग को तथा अपर प्रभारी डिप्टी कलेक्टर सर्वेश यादव को बनाया गया है। सर्विलांस सेल में जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ एके मिश्रा, बीएसए शिव नारायण सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी सेराज अहमद सदस्य के रूप में होंगे। यह समिति प्रभावी कांटेक्ट ट्रेसिंग, सैम्पलिंग तथा शीघ्र जांच रिपोर्ट प्राप्त हो, इसके लिए समन्वय एवं पत्राचार का काम करेगी। समस्त एल-1 फैसिलिटी हॉस्पिटल में भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज होने तक का तिथिवार अपडेट रखेगी। साथ ही हॉस्पिटल में खानपान व अन्य सुविधाओं से संबंधित व्यवस्था का परीक्षण, रोगियों का फीडबैक नियमित रूप से प्राप्त कर उसके अनुसार सुधार करने की कार्यवाही भी करेगी। डीएसओ पोर्टल का अपडेटशन, कांटेक्ट ट्रेसिंग व सैम्पलिंग कार्य का फील्ड में सत्यापन भी सर्विलांस सेल का ही काम होगा।
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किसी भी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी से ले सकते हैं काम
बलिया। जिलाधिकारी ने यह भी कहा है कि दोनों समिति के प्रभारी अधिकारी कार्य का आकलन कर उसके हिसाब से अन्य विभाग के स्टॉफ व संसाधनों का उपयोग भी कर सकेंगे। दोनों अधिकारी चाहें तो आवश्यकतानुसार अन्य विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों को भी सम्मिलित कर सकते हैं। सीएमओ द्वारा दोनों प्रभारी अधिकारी से संपर्क कर प्रत्येक टीम में एसीएमओ स्तर के अधिकारी व स्वास्थ्य विभाग के अन्य स्टाफ को भी नामित किया जाएगा। नियमित रूप से इन दोनों समितियों से स्वास्थ विभाग से संबंधित व्यवस्थाओं का परीक्षण सुनिश्चित कराया जाएगा।
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गलत नाम पता व मोबाइल नम्बर दिया तो होगा मुकदमा
बलिया। जिलाधिकारी एसपी शाही ने एक बार फिर साफ किया है कि कोरोना की जांच के लिए सैम्पल देने में अगर गलत नाम, पता या मोबाइल नम्बर दिया तो आपदा अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस पर रोक लगाने के लिए सैम्पलिंग में कुछ अलग व्यवस्था करने का निर्देश सीएमओ को दिया है। दरअसल, जिले में कोरोना की जांच के लिए टसैंपलिंग, परिणाम तथा हॉस्पिटलाइजेशन की प्रक्रिया के दौरान ऐसा देखा जा रहा है कि किसी व्यक्ति द्वारा अपना नाम पता व मोबाइल नंबर गलत लिखवाया जा रहा है। इस वजह से ट्रेस करने में दिक्कत आ रही है। इसी प्रकार पॉजिटिव आने की सूचना पर कुछ लोग अन्य शहर या महानगर में चले जा रहे हैं और वहां के मेडिकल फैसिलिटी में भर्ती हो जा रहे हैं। इससे ऐसा लगता है कि संबंधित व्यक्ति हॉस्पिटल में जाने से बचने के लिए ऐसा कर रहे हैं। इससे महामारी फैलने की आशंका और बढ़ जा रही है। स्पष्ट किया है कि यह महामारी व आपदा अधिनियम के अंतर्गत दंडनभय अपराध है।

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सैम्पल लेते समय देखी जाए आईडी, नम्बर पर तुरन्त मिलाकर कर लें सत्यापित
बलिया। डीएम श्री शाही ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया है कि अब सैंपल देने वाले प्रत्येक व्यक्ति का पहचान पत्र देखकर मिलान किया जाए। साथ ही नोट कराए गए मोबाइल नंबर को तुरंत डॉयल कर सत्यापित कर लिया जाए। जांच के बाद अगर कोई अपने घर पर नहीं मिल रहा है या खुद को महानगर में होने की बात कह रहा है तो ऐसे संदिग्ध व्यक्ति का नाम और पूर्ण विवरण समाचार पत्रों व सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचारित प्रसारित करा दिया जाए। निगरानी समिति के संज्ञान में लाने के बाद उसका मोबाइल लोकेशन भी पता किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि इन दोनों स्थितियों में गलत सूचना देने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई होगी।
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