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एंबुलेंस के इंतजार में मासूम ने तोड़ा दम

Thu, 15 Jul 2021 10:18 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jul 2021 10:18 PM IST
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Innocent died while waiting for ambulance
बैरिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा से लगातार तीन घंटे तक पिता अपने नवजात को बलिया ले जाने के लिए एंबुलेंस वाले को फोन मिलाकर इंतजार करता रहा। समय से एंबुलेंस के न पहुंचने से नवजात ने मां की गोद में पड़े दम तोड़ दिया। बार-बार पिता को तसल्ली दी जा रही थी कि एंबुलेंस सोनबरसा अस्पताल पर पहुंच रही है, लेकिन घंटों बाद भी एंबुलेंस अस्पताल पर नहीं पहुंचीं।
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बैरिया थाना क्षेत्र के उपाध्यायपुर निवासी रंजय तिवारी की पत्नी को एक दिन पहले पुत्र हुआ था। कोटवां अस्पताल पर नार्मल प्रसव के बाद दूसरे दिन अचानक नवजात की तबियत खराब होने लगी। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। बृहस्पतिवार को रंजय अपने परिजनों के साथ बच्चे को लेकर सोनबरसा अस्पताल पहुंचा।
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वहां डॉ. विजय यादव ने प्राथमिक उपचार कर बच्चे को शिशु रोग विशेषज्ञ से दिखाने के लिए बलिया रेफर कर दिया। चिकित्सक ने एंबुलेंस से ले जाने की सलाह दी। एंबुलेंस में ऑक्सीजन की व्यवस्था रहती है। परिजन भी एंबुलेंस को फोन कर इंतजार करने लगे। एंबुलेंस संचालक रंजय को 10 मिनट, 15 मिनट इंतजार की सलाह देता रहा। तब तक नवजात ने इलाज के अभाव में मां की गोद में ही दम तोड़ दिया।
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रंजय व उसके परिजनों ने घंटों सोनबरसा अस्पताल में हंगामा किया। तीन घंटे से भी अधिक समय तक अस्पताल के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठे रहे। जानकारी होने पर उप जिलाधिकारी प्रशांत नायक ने रंजय को संबंधितों के खिलाफ थाना में तहरीर देने की बात कही। किसी तरह वहां उपस्थित लोगों व चिकित्सकों ने रंजय व उसके परिजनों को समझा बुझाकर घर भेज दिया। रंजय उपाध्याय ने इस संबंध में बैरिया पुलिस को एंबुलेंस संचालकों के खिलाफ लिखित तहरीर दी है।

मैंने स्वंय 108 नंबर पर एंबुलेंस को फोन किया था। इसके बाद इमरजेंसी में व्यस्त हो गया, लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। ऐसा कई बार हुआ है। कई बार एंबुलेंस के ड्राइवर कहते हैं कि हमें तेल नहीं मिलता है। कुछ तो खुद से लापरवाही करते हैं। एंबुलेंस के न आने से मासूम की मौत हो गई। इसकी रिपोर्ट 108 एंबुलेंस के उच्च अधिकारियों को कार्रवाई के लिए भेजी जाएगी। - डा. विजय कुमार यादव, एसीएमओ
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