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मेला में झूला व ब्रेक डांस की बढ़ी डिमांड
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जैसे-जैसे दिन बीतता जा रहा है वैसे-वैसे ऐतिहासिक ददरी मेले की रौनक बढ़ती जा रही है। सामान की खरीदारी के साथ ही लोग मेले का जमकर लुत्फ उठा रहे हैं। हल्की ठंड के बावजूद लोग अपने परिवार के सदस्यों के साथ मेले में आ रहे हैं। मेले में बाहर से आए दुकानदार आने वाले संडे को देखते हुए सामान की खेप मंगा लिए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार संडे को अत्यधिक भीड़ होगी। मेला में झूला और ब्रेक डांस आकर्षण का केंद्र है।
मेले सबसे अधिक ऊनी कपड़ों व दहेज में देने वाले सामान की बिक्री हो रही है। मेले में झूले व ब्रेक डांस व ड्रैगन झूला वाले आइटम को ग्रामीण क्षेत्र से आए लोग ज्यादा पसंद कर रहे हैं। मेले में लोगों की सबसे अधिक भीड़ गर्म कपड़ों की दुकानों पर रही। इसके अलावा वे जलेबी, चाट, समोसा, खजला का भी आनंद लेते रहे। हर माल 10 रुपये से लेकर सौ रुपये वाली दुकानों पर महिलाओं की भारी भीड़ हो रही है। मेले में भीड़ को देखते हुए दुकानदारों के चेहरे खिले हुए हैं। मीना बाजार एसओ नंद कुमार तिवारी मेले में आने-जाने वालों पर पैनी नजर रखे हुए थे। वहीं नगरपालिका के अध्यक्ष अजय कुमार समाजसेवी मेले की साफ-सफाई के लिए अपने कर्मचारियों को लेकर चक्रमण करते रहे।
खूब भा रही सहारनपुर की काष्ठ कला
ददरी मेले में तो दूरदराज से कई दुकानें एक से बढ़कर एक आइटम लेकर आई हुई हैं, लेकिन सहारनपुर की काष्ठ कला का कोई जवाब नहीं है। इसमें किचेन से लेकर घर सजाने के सामान हैं। लकड़ी के हस्त निर्मित आइटम लोगों को खूब भा रहे हैं। हाथी, ऊंट, घोड़ा, फोटो फ्रेम, चौकी, बेलना, मछली, पल्टा, फल रखने की टोकरी आदि अनेक आइटम हैं, जिनकी डिमांड काफी है। सहारनपुर से आए दुकानदारों ने बताया कि इन आइटमों का निर्माण हाथ से होता है। इसमें पचास रुपये से लेकर चार हजार रुपये तक के आइटम हैं।
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मेले में एक दूसरे का होता है मिलन
ददरी मेला में सिर्फ खरीदारी ही नहीं होती बल्कि रिश्तों की परंपरा को भी कायम रखने में सहयोग मिलता है। मेले में कई परिवारों का मिलन भी होता है। वहीं दूल्हा व दुल्हन एक दूसरे को देख भी लेते हैं। सहालग का मौसम होने के कारण इसमें भी काफी तेजी आई है।
ददरी महोत्सव आज, गोलू राजा संग 11 लोक गायक सजाएंगे महफिल
ददरी महोत्सव के समापन के दो दिन पूर्व शनिवार को आयोजित होने वाले ददरी महोत्सव में भारतेंदु मंच पर लोक गायक गोलू राजा समेत 11 फनकार अपने सुरों से लोगों का मनोरंजन करेंगे। यह जानकारी अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार विश्वकर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि ददरी महोत्सव में शिकरत करने वालों में प्रमुख रुप से मशहूर लोक गायक विष्णु ओझा, गोलू राजा, निशा उपाध्याय, अमलेश शुक्ला, अनुभा राय, आशुतोष यादव, मुकेश राय अंकर, अंजनी सिंह, अंकित पाठक, सन्नी पांडेय और अंजनी उपाध्याय शामिल है।
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मेले सबसे अधिक ऊनी कपड़ों व दहेज में देने वाले सामान की बिक्री हो रही है। मेले में झूले व ब्रेक डांस व ड्रैगन झूला वाले आइटम को ग्रामीण क्षेत्र से आए लोग ज्यादा पसंद कर रहे हैं। मेले में लोगों की सबसे अधिक भीड़ गर्म कपड़ों की दुकानों पर रही। इसके अलावा वे जलेबी, चाट, समोसा, खजला का भी आनंद लेते रहे। हर माल 10 रुपये से लेकर सौ रुपये वाली दुकानों पर महिलाओं की भारी भीड़ हो रही है। मेले में भीड़ को देखते हुए दुकानदारों के चेहरे खिले हुए हैं। मीना बाजार एसओ नंद कुमार तिवारी मेले में आने-जाने वालों पर पैनी नजर रखे हुए थे। वहीं नगरपालिका के अध्यक्ष अजय कुमार समाजसेवी मेले की साफ-सफाई के लिए अपने कर्मचारियों को लेकर चक्रमण करते रहे।
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खूब भा रही सहारनपुर की काष्ठ कला
ददरी मेले में तो दूरदराज से कई दुकानें एक से बढ़कर एक आइटम लेकर आई हुई हैं, लेकिन सहारनपुर की काष्ठ कला का कोई जवाब नहीं है। इसमें किचेन से लेकर घर सजाने के सामान हैं। लकड़ी के हस्त निर्मित आइटम लोगों को खूब भा रहे हैं। हाथी, ऊंट, घोड़ा, फोटो फ्रेम, चौकी, बेलना, मछली, पल्टा, फल रखने की टोकरी आदि अनेक आइटम हैं, जिनकी डिमांड काफी है। सहारनपुर से आए दुकानदारों ने बताया कि इन आइटमों का निर्माण हाथ से होता है। इसमें पचास रुपये से लेकर चार हजार रुपये तक के आइटम हैं।
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मेले में एक दूसरे का होता है मिलन
ददरी मेला में सिर्फ खरीदारी ही नहीं होती बल्कि रिश्तों की परंपरा को भी कायम रखने में सहयोग मिलता है। मेले में कई परिवारों का मिलन भी होता है। वहीं दूल्हा व दुल्हन एक दूसरे को देख भी लेते हैं। सहालग का मौसम होने के कारण इसमें भी काफी तेजी आई है।
ददरी महोत्सव आज, गोलू राजा संग 11 लोक गायक सजाएंगे महफिल
ददरी महोत्सव के समापन के दो दिन पूर्व शनिवार को आयोजित होने वाले ददरी महोत्सव में भारतेंदु मंच पर लोक गायक गोलू राजा समेत 11 फनकार अपने सुरों से लोगों का मनोरंजन करेंगे। यह जानकारी अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार विश्वकर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि ददरी महोत्सव में शिकरत करने वालों में प्रमुख रुप से मशहूर लोक गायक विष्णु ओझा, गोलू राजा, निशा उपाध्याय, अमलेश शुक्ला, अनुभा राय, आशुतोष यादव, मुकेश राय अंकर, अंजनी सिंह, अंकित पाठक, सन्नी पांडेय और अंजनी उपाध्याय शामिल है।