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ाल बालू के खेल में उतर रही है जयप्रभा सेतु की ‘खाल’

Sun, 19 Jan 2020 10:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jan 2020 10:51 PM IST
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If not warns, a big accident can happen
जयप्रभा सेतु पर ओभर लोड ट्रको का जमावड़ा। - फोटो : BALLIA
जयप्रकाश नगर। राष्ट्रीय राजमार्ग 31 के बैरिया-मांझी मार्ग पर यूपी-बिहार को जोड़ने वाले जयप्रभा सेतु का एक पिलर क्षतिग्रस्त होने के बाद हादसे की आशंका जताई जा रही है। जिला प्रशासन या एनएचएआई की ओर से पुल पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक नहीं लगाई जा सकी है। स्थिति यह है कि बालू और अन्य माल लदे करीब एक हजार ट्रक प्रतिदिन पुल से गुजर रहे हैं। अगर प्रशासन और एनएचएआई नहीं चेता तो बड़ी दुर्घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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इलाके के लोगों की मानें तो इस पुल से प्रतिदिन 90 टन तक लाल बालू लादकर पांच सौ से अधिक ट्रक इस समय गुजर रहे हैं। इसके अलावा अन्य माल से लदे करीब पांच सौ ओवरलोड ट्रक गुजरते हैं। आसपास के लोगों के अनुसार प्रतिदिन करीब एक हजार ओवरलोड ट्रक पुल से गुजर रहे हैं जिससे पुल जर्जर होता जा रहा है। गौरतलब है कि पांच साल पहले तक लाल बालू लदे ट्रकों का मेन रास्ता बक्सर-भरौली पुल था। यही वजह थी कि उस पुल पर भी बिहार सरकार को बड़े वाहनों का प्रवेश रोकने में काफी पापड़ बेलना पड़ा था। काफी जद्दोजहद बिहार के अधिकारी पुल पर बड़े वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर सके थे। इसके बाद लाल बालू के तस्कर जनेश्वर मिश्र सेतु से गुजरने लगे। इसी पुल पर पिछले दिनों राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार आनंद स्वरूप शुक्ल ने पैसा लेकर ओवरलोड ट्रकों को गुजारते पुलिसकर्मियों को पकड़ा था। इस मामले दुबहर थाना के एसएचओ समेत कुल 13 निलंबित हुए थे और दो सिपाहियों को लाइन हाजिर किया गया था। अब तस्कर जयप्रभा सेतु से गुजरने लगे हैं।
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मुझे खेद है अपनी सरकार में नहीं सुधरी एनएच और पुल की दशा: सुरेंद्र सिंह
जयप्रकाशनगर। जयप्रभा सेतु के जर्जर होने के सवाल पर बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें खेद है कि केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बाद भी न तो पुल की स्थिति सुधर सकी है और न ही एनएच की मरम्मत हो पा रही है। क्षेत्र की सड़कों को देखकर दुखी हूं कि अपनी सरकार में भी कुछ करा नहीं सका। अब तय किया है कि इस साल होली नहीं मनाएंगे। क्षेत्र की जनता से अपील है कि वे उनके समर्थन में इस बार होली का त्योहार न मनाएं। सरकारों की उदासीनता अब बर्दाश्त से बाहर है और इसके विरोध में मैं होली से एक दिन पूर्व से 101 घंटे का उपवास शुरू करेंगे। ताकि केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी का ध्यान क्षेत्र की सड़कों की तरफ हो सके। द्वाबावासियों से अपील है कि मेरे इस उपवास में मेरा साथ देकर केंद्र व प्रदेश की सरकारों को उनकी गलती का अहसास कराएं।
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कोट
लाल बालू लदे ओवरलोड ट्रकों के कारण पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। इसकी अनदेखी से जयप्रभा सेतु जर्जर हो गया है। रणधीर सिंह नन्हे
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जयप्रभा सेतु की मरम्मत के लिए हम आंदोलन कर चुके हैं लेकिन अधिकारी और जनप्रतिनिधि गंभीर नहीं है।-दुर्गविजय सिंह झलन
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जयप्रभा सेतु के जर्जर होने का मुख्य कारण लाल बालू लदे ओवरलोड ट्रक हैं। इससे लाभ होने के कारण मिलीभगत से ट्रक पास कराए जा रहे हैं। ट्रकों का आवागमन नहीं रुका तो बड़ा हादसा हो जाएगा।-मनोज कुमार ओझा, क्षेत्र के निवासी

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जयप्रभा सेतु से करीब तीन हजार वाहन रोज गुजर रहे हैं। इनमें एक हजार से अधिक ओवरलोड चलने वाले लाल बालू के ट्रक हैं। रोक के बाद भी भारी वाहनों का आवागमन जारी है।-विनीत सिंह, सभासद, नगर पंचायत बैरिया
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