UP: बलिया में 10 चौराहों पर वाहनों का भार लेकिन पार्किंग नहीं, जनता झेल रही समस्या; रोज हो रहा चालान
बलिया के कई इलाकों में पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने पर जाम लग जाता है। इस कारण आमजन को काफी परेशानी होती है। स्कूल-कालेज या अस्पताल जाने वाली गाड़ियां भी इसमें फंस जाती हैं।
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भले ही शहर से होकर गुजरने वाला एनएच-31 कदम चौराहा से माल्देपुर तक डबल लेन हो गया है, लेकिन इसकी पटरियों को पार्किंग बनाने की आदत अब तक लोगों ने नहीं छोड़ी है। इससे जाम की समस्या रहती है। ऊपर से शहर में रोजाना दस हजार दो और चार पहिया वाहन आते-जाते हैं।
जिला मुख्यालय आने वाले लोगों को अपने वाहन को सड़क पर ही खड़ा करना पड़ता है। लगन के चलते इस समय बड़ी संख्या में लोगों का जिला मुख्यालय पर प्रतिदिन वाहनों से आना-जाना हो रहा है। आसपास व बिहार तक के लोग कचहरी, सरकारी कार्यालय के अलावा जिला अस्पताल, निजी नर्सिंग होम में इलाज कराने और खरीदारी करने आ रहे हैं।
पार्किंग की व्यवस्था न होने से लोग अपने वाहन को सड़कों के किनारे या सड़क पर ही खड़ा कर दे रहे हैं। ऐसे में मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जा रही है। वाहनों के खड़े करने के दौरान यातायात पुलिस भी इनका चालान कर दे रही है, मगर पार्किंग की व्यवस्था नहीं की जा रही है।
शहर में जाम की समस्या से मुक्ति के लिए 48.95 करोड़ रुपये से एनएच-31 को माल्देपुर से कदम चौराहा तक करीब 4.455 किलोमीटर लंबाई तक 80 फीट चौड़ाकर फ़ोरलेन सड़क बनाई जा रही है। इस पर डिवाइडर भी बनाया जाना है। हालांकि सड़क के चौड़ीकरण का काम चल रहा है, लेकिन जिन इलाकों में सड़क का निर्माण हो गया है, उन इलाकों में लोगों ने सड़क को ही पार्किंग स्थल बना दिया है।
कुछ जगहों पर नवनिर्मित सड़क को ही लोगों ने वर्कशाॅप बना दिया है। इनमें खासकर बहेरी, चित्तू पांडेय चौराहा, स्टेशन रोड, मालगोदाम, भृगुआश्रम और कदम चौराहा के इलाके शामिल हैं। यह सब देखने के बावजूद यातायात विभाग के जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं। बता दें कि शहर में एक ओर जाम की समस्या को समाप्त करने के लिए माल्देपुर से कदम चौराहा तक सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है।
इसके तहत कार्यदायी संस्था की ओर से तेजी से कार्य कराया जा है, लेकिन जिन इलाकों में सड़क के चौड़ीकरण का कार्य पूरा हो गया है, उनमें से अधिकतर इलाकों में लोगों ने नवनिर्मित सड़क को अघोषित तौर पर पार्किंग स्थल में तब्दील कर दिया है, जिससे जाम की समस्या खत्म होने के बजाय जस की तस बनी हुई है। सड़क पर वाहन खड़ा करने पर यातायात पुलिस ने 3300 वाहनों का अप्रैल में चालान किया था। इसके बावजूद लोगों की आदत में सुधार नहीं हो रहा है।