फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Hospital is struggling with bad condition, lack of wheelchairs

Ballia: बदहाली से जूझ रहा अस्पताल, व्हीलचेयर की कमी स्ट्रेचर टूटेहाल, खड़े हुए सवाल, अधिकारी बोले बजट का अभाव

Fri, 08 Nov 2024 11:38 PM IST
नितीश कुमार पांडेय अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया Published by: नितीश कुमार पांडेय Updated Fri, 08 Nov 2024 11:38 PM IST
सार

इलाज के नाम पर दावे भले ही बड़े बड़े किए जा रहे हैं लेकिन हकीकत परे है। खबर बलिया से है जहां के जिला अस्पताल में व्हीलचेयर की कमी से ईलाज कराने आने वाले मरीज परेशान हो रहे हैं। शिकायत के बावजूद सुनवाई न होने से निराशा है और सवाल उठ रहे है कि आखिर ऐसा क्यों?

विज्ञापन
Hospital is struggling with bad condition, lack of wheelchairs
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बलिया जिला अस्पताल में कागजों पर तो सुविधाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन धरातल पर सुविधाओं की कमी है। छठ की छुट्टी के बाद शुक्रवार को अस्पताल खुला तो मरीजों की भीड़ उमड़ी। लेकिन व्हीलचेयर और स्ट्रेचर की कमी से मरीजों को परेशान होना पड़ा। ओपीडी में 1272 मरीज इलाज कराने पहुंचे।

विज्ञापन


कई मरीज ऐसे भी पहुंचे जो बीमारी की वजह से चलने-फिरने में लाचार थे। इमरजेंसी व ओपीडी से पैथोलॉजी व एक्स-रे कक्ष तक इन्हें ले जाने के लिए तीमारदारों को खासी परेशानी से जूझना पड़ा। व्हीलचेयर न होने की वजह से तीमारदार अपने मरीजों को गोद में उठाकर या दूसरे के भरोसे ओपीडी से पैथोलॉजी तक ले जाते दिखे।
विज्ञापन


मरीज के साथ एक तीमारदार आने से वाहन से उतारकर इमरजेंसी में ले जाने में परेशानी होती है। यह रोज की समस्या है। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन की ओर से इमरजेंसी व ओपीडी में व्हीलचेयर की प्रर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इमरजेंसी के सामने रखे अधिकतर स्ट्रेचर खराब
इमरजेंसी के सामने दो तीन स्ट्रेचर रखे जाते हैं। लेकिन किसी का पहिया टूटा है तो किसी की पाइप टूटी है। स्ट्रेचर पर मरीज को ले जाने के लिए दो से तीन तीमारदार की जरूरत होती है। जिससे तीमारदार व्हीलचेयर की मांग करते हैं। पूरे अस्पताल में सिर्फ दो व्हीलचेयर हैं, दोनों का पहिया टूटा है। मरीज को ले जाते समय गिरकर घायल होने का डर बना रहता है।


जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एके यादव की माने तो इमरजेंसी के सामने मरीजों की सुविधा के लिए स्ट्रेचर व व्हीलचेयर रखी जाती है। अस्पताल के दोनों परिसर के बीच रास्ता खराब होने से व्हीलचेयर व स्ट्रेचर का पहिया आए दिन खराब हो जा रहा है। इसे ठीक करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन बजट के अभाव में नहीं बन सका। कम संसाधन के बावजूद बेहतर इलाज व सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed