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गांवों में हाईस्पीड इंटरनेट सेवा आज भी अधर में
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बलिया। करीब दो वर्ष पहले भारत सरकार ने गांवों को हाईस्पीड इंटरनेट सेवा से जोड़ने की कवायद की। इसके तहत जिले के सभी 940 ग्राम पंचायतों को हाईस्पीड इंटरनेट सेवा से जोड़ने के लिए ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाया जाना था। केबल बिछाने के लिए बतौर कार्यदायी संस्था बीएसएनएल को जिम्मेदारी दी गई। हालांकि पहले चरण केवल सात ब्लॉक के गांवों में केबल बिछाना था। बीएसएनएल ने करीब एक वर्ष पहले कार्य पूरा कर हैंडओवर कर दिया लेकिन कनेक्टिविटी नहीं मिली और वाई-फाई की शुरुआत नहीं हो सकी। भारत सरकार की योजना थी कि पंचायत भवनों तक पहुंचने वाले इस इंटरनेट से गांव में बैठकर ही ग्रामीणों के तमाम काम हो सकते हैं। लेकिन वर्षों पहले शुरू हुई यह कवायद अब तक अधूरी है। बीएसएनएल की तरफ से सात ब्लॉकों के ग्राम पंचायतों के पंचायत भवन, या सरकारी स्कूलों तक ऑप्टिकल फाइबर केबल तो बिछा दिया गया है लेकिन इसका कनेक्शन आज तक कहीं नहीं हो सका है।
सभी गांवों में मोबाइल या अन्य व्यवस्था से हो रहा काम
जिले में कुल 1192 जनसेवा केंद्रों को संचालन किया जाता है। इसके अलावा 347 गांवों में पंचायत भवनों पर भी ऑनलाइन कार्य किए जाते हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी की माने तो जिले में ग्राम सचिवालयों के संचालन के लिए कुल 929 पंचायत सहायकों की तैनाती की जा चुकी है। लेकिन कहीं भी ऑप्टिकल फाइबर केबल से वाई-फाई की व्यवस्था नहीं की गई है। आलम यह है कि पंचायत भवनों का कार्य हो या जनसेवा केंद्रों का, सभी मोबाइल से अन्य व्यवस्थाओं से ही इंटरनेट सेवा से जुड़े कार्य करते हैं।
इन ब्लॉकों के गांवों तक पहुंची है आप्टिकल फाइबर केबल
बीएसएनएल के अधिकारियों की मानें तो जिले के सात ब्लॉकों के गांवों तक आप्टिकल फाइबर केबल बिछाया गया है। बताया कि यह भारत सरकार की योजना के तहत बतौर कार्यदायी संस्था कार्य पूरा कर हैंडओवर कर दिया गया। कनेक्शन करने की जिम्मेदारी सीएससी को दी गई थी। इसके बाद आगे के कार्य को लेकर कोई निर्देश नहीं मिला। यह कार्य गड़वार, चिलकहर, नगरा, मुरली छपरा, नवानगर, सोहांव व हनुमानगंज ब्लॉक के गांवों में पूरा किया गया है।
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जिले में कुल 940 ग्राम पंचायतें हैं। 347 गांवों में तो ग्राम सचिवालयों का संचालन भी शुरु हो चुका है। गांवों में ऑप्टिकल फाइबर केबल तो पहुंचा है लेकिन कनेक्शन नहीं मिल सका है। इसके चलते हाईस्पीड इंटरनेट सुविधा नहीं मिल रही है। इंटरनेट का कार्य अन्य विकल्पों से किया जा रहा है।
- एके श्रीवास्तव, डीपीआरओ, बलिया
जिले के सात ब्लॉकों के गांवों तक फाइबर केबल बिछाने का कार्य करीब एक वर्ष पहले पूरा किया जा चुका है। इस कार्य को हैंडओवर भी किया जा चुका है। अन्य गांवों में कार्य के लिए सरकार की ओर से कोई लोकेशन नहीं मिला। कनेक्शन करने की जिम्मेदारी सीएससी के जिम्मे थी।
- ब्रज भूषण, टीडीएम, बलिया
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सभी गांवों में मोबाइल या अन्य व्यवस्था से हो रहा काम
जिले में कुल 1192 जनसेवा केंद्रों को संचालन किया जाता है। इसके अलावा 347 गांवों में पंचायत भवनों पर भी ऑनलाइन कार्य किए जाते हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी की माने तो जिले में ग्राम सचिवालयों के संचालन के लिए कुल 929 पंचायत सहायकों की तैनाती की जा चुकी है। लेकिन कहीं भी ऑप्टिकल फाइबर केबल से वाई-फाई की व्यवस्था नहीं की गई है। आलम यह है कि पंचायत भवनों का कार्य हो या जनसेवा केंद्रों का, सभी मोबाइल से अन्य व्यवस्थाओं से ही इंटरनेट सेवा से जुड़े कार्य करते हैं।
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इन ब्लॉकों के गांवों तक पहुंची है आप्टिकल फाइबर केबल
बीएसएनएल के अधिकारियों की मानें तो जिले के सात ब्लॉकों के गांवों तक आप्टिकल फाइबर केबल बिछाया गया है। बताया कि यह भारत सरकार की योजना के तहत बतौर कार्यदायी संस्था कार्य पूरा कर हैंडओवर कर दिया गया। कनेक्शन करने की जिम्मेदारी सीएससी को दी गई थी। इसके बाद आगे के कार्य को लेकर कोई निर्देश नहीं मिला। यह कार्य गड़वार, चिलकहर, नगरा, मुरली छपरा, नवानगर, सोहांव व हनुमानगंज ब्लॉक के गांवों में पूरा किया गया है।
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जिले में कुल 940 ग्राम पंचायतें हैं। 347 गांवों में तो ग्राम सचिवालयों का संचालन भी शुरु हो चुका है। गांवों में ऑप्टिकल फाइबर केबल तो पहुंचा है लेकिन कनेक्शन नहीं मिल सका है। इसके चलते हाईस्पीड इंटरनेट सुविधा नहीं मिल रही है। इंटरनेट का कार्य अन्य विकल्पों से किया जा रहा है।
- एके श्रीवास्तव, डीपीआरओ, बलिया
जिले के सात ब्लॉकों के गांवों तक फाइबर केबल बिछाने का कार्य करीब एक वर्ष पहले पूरा किया जा चुका है। इस कार्य को हैंडओवर भी किया जा चुका है। अन्य गांवों में कार्य के लिए सरकार की ओर से कोई लोकेशन नहीं मिला। कनेक्शन करने की जिम्मेदारी सीएससी के जिम्मे थी।
- ब्रज भूषण, टीडीएम, बलिया