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अपराधिक रिकार्ड छुपाकर जारी कराया चरित्र प्रमाण पत्र
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बलिया। जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने समर बहादुर सिंह पुत्र ध्रुपनारायण सिंह निवासी स्टेशन मालगोदाम रोड का चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया है। खाद्यान्न घोटाले में मुकदमा दर्ज होने और इस तथ्य को छुपाकर चरित्र प्रमाण पत्र निर्गत कराने की बात संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी ने यह कार्रवाई की है।
लक्ष्मीकुंड, वाराणसी निवासी वीरेंद्र चौरसिया ने 20 जुलाई, 2018 को शिकायत की थी कि समर बहादुर सिंह के विरुद्ध खाद्यान्न घोटाले के मामले में सुखपुरा थाने में मुकदमा दर्ज है। इसके बावजूद डीएम और एसपी के यहां झूठा शपथ पत्र देकर चरित्र प्रमाण पत्र निर्गत करा लिया गया। इसकी जांच पुलिस अफसर से कराई गई तो पाया गया कि सुखपुरा थाने में मुकदमा दर्ज है जिसकी विवेचना ईओडब्ल्यू वाराणसी द्वारा की जा रही है। लेकिन गंभीर तथ्य यह है कि पूर्व में चरित्र प्रमाण पत्र जारी करने के लिए दिए गए शपथ पत्र में कहीं भी दर्ज आपराधिक मुकदमे की जानकारी नहीं दी गई। यानी पूर्व में भी गुमराह करके समर बहादुर सिंह द्वारा अपने पक्ष में चरित्र प्रमाण पत्र जारी कराया गया। पूरी जांच-पड़ताल के बाद जिलाधिकारी में उनके चरित्र प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया है।
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लक्ष्मीकुंड, वाराणसी निवासी वीरेंद्र चौरसिया ने 20 जुलाई, 2018 को शिकायत की थी कि समर बहादुर सिंह के विरुद्ध खाद्यान्न घोटाले के मामले में सुखपुरा थाने में मुकदमा दर्ज है। इसके बावजूद डीएम और एसपी के यहां झूठा शपथ पत्र देकर चरित्र प्रमाण पत्र निर्गत करा लिया गया। इसकी जांच पुलिस अफसर से कराई गई तो पाया गया कि सुखपुरा थाने में मुकदमा दर्ज है जिसकी विवेचना ईओडब्ल्यू वाराणसी द्वारा की जा रही है। लेकिन गंभीर तथ्य यह है कि पूर्व में चरित्र प्रमाण पत्र जारी करने के लिए दिए गए शपथ पत्र में कहीं भी दर्ज आपराधिक मुकदमे की जानकारी नहीं दी गई। यानी पूर्व में भी गुमराह करके समर बहादुर सिंह द्वारा अपने पक्ष में चरित्र प्रमाण पत्र जारी कराया गया। पूरी जांच-पड़ताल के बाद जिलाधिकारी में उनके चरित्र प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया है।
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