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उमाशंकर की हैट्रिक, भाजपा ने किया सरेंडर
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बलिया। जनपद की रसड़ा विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी उमाशंकर सिंह ने लगातार तीसरी जीत दर्ज कर हैट्रिक लगाने में कामयाब रहे। इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी एवं पूर्व सांसद बब्बन राजभर लड़ाई से एकदम बाहर दिखे। सुभासपा-सपा गठबंधन के महेंद्र चौहान ही अंत तक उमाशंकर सिंह को न सिर्फ टक्कर देते नजर आए बल्कि शुरुआत के कुछ राउंड में उमाशंकर सिंह बढ़त भी बनाए रखी। अंतत: उमाशंकर सिंह ने उन्हें 6583 मतों से हराकर विधानसभा का रास्ता तय किया।
जनपद की हॉट सीटों में शुमार रसड़ा विधानसभा सीट पर पिछले दो विधानसभा चुनाव से बसपा का उमाशंकर सिंह का कब्जा था। इसके पहले के दो चुनावों में भी सीट बसपा के ही कब्जे में रही है, हालांकि तब इसका प्रतिनिधित्व घूरा राम ने किया था। इस विधानसभा सीट पर 1996 में एक बार कमल खिला चुकी भाजपा इस बार कहीं भी लड़ाई में नहीं दिखे। पार्टी प्रत्याशी की जमानत भी जब्त हो गई। सपा ने इस सीट गठबंधन की दशा में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को दी थी। यहां से सुभासपा से चुनाव लड़े महेंद्र चौहान ने उमाशंकर सिंह को कड़ी टक्कर दी। शुरुआत के राउंड वो उमाशंकर सिंह से आगे चल रहे थे, लेकिन एक बार उमाशंकर सिंह आगे निकले तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखे। बीच में बढ़त का अंतर जरूर कम ज्यादा होता रहा, लेकिन इससे उमाशंकर सिंह की सेहत पर कोई असर नहीं दिखा।
छह बार बसपा के खाते में रही सीट
बलिया। रसड़ा विधानसभा सीट वर्ष 2007 तक सुरक्षित सीट रही है। 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से बसपा के उमाशंकर सिंह विधायक बने थे। 2007 और 2002 में इस सीट से बसपा के घूरा राम विधायक रहे। इससे पहले 1993 और 1991 के चुनाव में भी इस सीट पर घूरा राम का बसपा से कब्जा रहा। उमाशंकर सिंह ने लगातार तीसरी जीत दर्ज कर यहां से बसपा को छठी बार जीत दिलाई है।
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किसे मिले कितने मत
विधानसभा-रसड़ा
कुल प्रत्याशी-09
कुल मतदाता-356377
कुल पड़े मत-200957
प्रत्याशी-दल-मिले मत
उमाशंकर सिंह-बसपा-87887
महेंद्र चौहान-सुभासपा-81304
बब्बन राजभर-भाजपा-24235
राज उर्फ ओमलता राज-कांग्रेस-1294
चंदन-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम)-2605
अशोक-निर्दलीय-662
राजाराम-निर्दलीय-259
राम आशीष-निर्दलीय-411
संतोष कुमार पांडेय-निर्दलीय-576
नोटा-1339
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जनपद की हॉट सीटों में शुमार रसड़ा विधानसभा सीट पर पिछले दो विधानसभा चुनाव से बसपा का उमाशंकर सिंह का कब्जा था। इसके पहले के दो चुनावों में भी सीट बसपा के ही कब्जे में रही है, हालांकि तब इसका प्रतिनिधित्व घूरा राम ने किया था। इस विधानसभा सीट पर 1996 में एक बार कमल खिला चुकी भाजपा इस बार कहीं भी लड़ाई में नहीं दिखे। पार्टी प्रत्याशी की जमानत भी जब्त हो गई। सपा ने इस सीट गठबंधन की दशा में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को दी थी। यहां से सुभासपा से चुनाव लड़े महेंद्र चौहान ने उमाशंकर सिंह को कड़ी टक्कर दी। शुरुआत के राउंड वो उमाशंकर सिंह से आगे चल रहे थे, लेकिन एक बार उमाशंकर सिंह आगे निकले तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखे। बीच में बढ़त का अंतर जरूर कम ज्यादा होता रहा, लेकिन इससे उमाशंकर सिंह की सेहत पर कोई असर नहीं दिखा।
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छह बार बसपा के खाते में रही सीट
बलिया। रसड़ा विधानसभा सीट वर्ष 2007 तक सुरक्षित सीट रही है। 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से बसपा के उमाशंकर सिंह विधायक बने थे। 2007 और 2002 में इस सीट से बसपा के घूरा राम विधायक रहे। इससे पहले 1993 और 1991 के चुनाव में भी इस सीट पर घूरा राम का बसपा से कब्जा रहा। उमाशंकर सिंह ने लगातार तीसरी जीत दर्ज कर यहां से बसपा को छठी बार जीत दिलाई है।
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किसे मिले कितने मत
विधानसभा-रसड़ा
कुल प्रत्याशी-09
कुल मतदाता-356377
कुल पड़े मत-200957
प्रत्याशी-दल-मिले मत
उमाशंकर सिंह-बसपा-87887
महेंद्र चौहान-सुभासपा-81304
बब्बन राजभर-भाजपा-24235
राज उर्फ ओमलता राज-कांग्रेस-1294
चंदन-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम)-2605
अशोक-निर्दलीय-662
राजाराम-निर्दलीय-259
राम आशीष-निर्दलीय-411
संतोष कुमार पांडेय-निर्दलीय-576
नोटा-1339