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कहीं कविता तो कहीं चुटकुले के जरिए खूब हंसे लोग
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Tue, 03 May 2016 10:22 PM IST
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विश्व हास्य दिवस के मौके पर मंगलवार को नगर के विभिन्न संगठनों द्वारा बकायदा कार्यक्रम आयोजित कर हास्य दिवस मनाया गया। कहीं लोग कविता तो कहीं चुटकुले के माध्यम से लोगों को हंसाया गया। इस दौरान जानकारों द्वारा हंसने की जरूरत और उससे मिलने वाले आरोग्य सुख से भी लोगों को अवगत कराया गया।
नगर के हल्दी कोठी में जहां छात्रहित संघर्ष मोर्चा द्वारा प्रोजेक्टर आदि के माध्यम से चुटकुले आदि सुनाकर लोगों को हंसाया गया वहीं इस दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए जगह-जगह कृत्रिम हंसी के जरिए भी हास्य दिवस मनाया गया। उ
धर पतंजलि योग शिक्षक श्री प्रकाश पांडेय की अगुवाई में कुल 100 लोगों को कृत्रिम रूप से हंसाकर हास्य दिवस मनाया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बहुत से लोग हंसने से शर्माते हैं। लेकिन उसको अपनी शर्म हटाकर हर समय न सही, मजे के पलों पर खुलकर हंस लेना चाहिए।
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इससे रक्त संचालन तेजी से होता है। वहीं ऐसे हार्मोंस की उत्पत्ति होती है। जिससे आदमी तनाव मुक्त होने के साथ ही खुदको तरोताजा महसूस करते हैं। वहीं छात्रहित संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष मिंटू खान ने बताया कि विभिन्न दिवसों के बीच हास्य दिवस का महत्व वास्तव में लोगों के पास कम है। लोग आज भी इस पर गंभीर नहीं है। लिहाजा हम छात्रगण प्रोजेक्टर आदि में कविता, चुटकुले की प्रस्तुति से लोगों को हंसाने का काम किए है।
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नगर के हल्दी कोठी में जहां छात्रहित संघर्ष मोर्चा द्वारा प्रोजेक्टर आदि के माध्यम से चुटकुले आदि सुनाकर लोगों को हंसाया गया वहीं इस दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए जगह-जगह कृत्रिम हंसी के जरिए भी हास्य दिवस मनाया गया। उ
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धर पतंजलि योग शिक्षक श्री प्रकाश पांडेय की अगुवाई में कुल 100 लोगों को कृत्रिम रूप से हंसाकर हास्य दिवस मनाया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बहुत से लोग हंसने से शर्माते हैं। लेकिन उसको अपनी शर्म हटाकर हर समय न सही, मजे के पलों पर खुलकर हंस लेना चाहिए।
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इससे रक्त संचालन तेजी से होता है। वहीं ऐसे हार्मोंस की उत्पत्ति होती है। जिससे आदमी तनाव मुक्त होने के साथ ही खुदको तरोताजा महसूस करते हैं। वहीं छात्रहित संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष मिंटू खान ने बताया कि विभिन्न दिवसों के बीच हास्य दिवस का महत्व वास्तव में लोगों के पास कम है। लोग आज भी इस पर गंभीर नहीं है। लिहाजा हम छात्रगण प्रोजेक्टर आदि में कविता, चुटकुले की प्रस्तुति से लोगों को हंसाने का काम किए है।