नपं अध्यक्ष बैरिया व विधायक समर्थकों में मारपीट मामले ने पकड़ा तूल, एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर किया अर्धनग्न प्रदर्शन
राशन दुकान के निलंबन व बहाली को लेकर बलिया जिले की बैरिया नगर पंचायत अध्यक्ष व विधायक सुरेंद्र सिंह के समर्थकों के बीच हुई मारपीट के मामले ने बुधवार को तूल पकड़ लिया। नपं अध्यक्ष के प्रतिनिधि समेत नौ के खिलाफ एससीएसटी के तहत केस दर्ज होने के बाद समर्थक आक्रोशित हो गए। हजारों की संख्या में लोग थाने का घेराव करने पहुंचे नपं अध्यक्ष प्रतिनिधि शिव कुमार वर्मा उर्फ मंटन थाने के सामने बैरिया-रानीगंज मार्ग पर अर्धनग्न होकर धरने पर बैठ गए।
वे विधायक पुत्र के खिलाफ केस दर्ज करने के साथ एसएचओ बैरिया थाना व चौकी प्रभारी बैरिया को हटाने की मांग पर अड़े थे। दबाव में पुलिस ने विधायक पुत्र समेत नौ के खिलाफ एससीएसटी के तहत केस दर्ज कर लिया। काफी प्रयास के बाद भी जब वे बैरिया-रानीगंज मार्ग से नहीं हटे तो मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक ने चौकी प्रभारी को हटाने का आश्वासन दिया। कहा कि एसएचओ को हटाना उनके वश में नहीं है।
इसके बाद मंटन मौके पर सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। इसकी सूचना सांसद को दी गई तो उनके प्रतिनिधि के तौर पर उनके भाई कन्हैया सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहीं से एसपी देवेंद्रनाथ से बात की तो आश्वासन मिला कि 24 घंटे में जांच कराकर एसएचओ को हटा दिया जाएगा।
इसके बाद जाम समाप्त हुआ और आवागमन शुरू हो सका। मामले में विधायक पुत्र विद्याभूषण सिंह व भतीजे चंद्रभूषण सिंह को नामजद किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने विधायक पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निहित स्वार्थ की पूर्ति नहीं होने पर बार-बार मुझे फर्जी मुकदमे में फंसवाया जा रहा है। यहां की पुलिस विधायक के दबाव में आकर प्रताड़ित कर रही है।
यह था मामला
राशन की दुकान को लेकर बैरिया तहसील में हुई मारपीट के मामले में मंगलवार को नगर पंचायत अध्यक्ष समेत नौ लोगों के खिलाफ एससीएसटी के तहत नामजद मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद नपं अध्यक्ष ओर से भी विधायक सुरेंद्र सिंह के पुत्र व भतीजे को नामजद करते हुए नौ लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई। लेकिन पुलिस ने जांच के नाम पर एफआईआर दर्ज नहीं किया।
बेटे व भतीजे के खिलाफ हुई साजिशः सुरेंद्र सिंह
बैरिया से भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि बेटे व भतीजे के खिलाफ षड़यंत्र कर फर्जी मुकदमा दर्ज कराने से वे विचलित होने वाले नहीं हैं। यदि पूरा जीवन जेल में बिताने की नौबत भी आएगी तो अनाचारी, अत्याचारी व भ्रष्टाचारियों का विरोध करते रहेंगे।