बलिया। अंग्रेजी का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में गिरफ्तार पत्रकारों की रिहाई के लिए चल रहे आंदोलन के क्रम में बुधवार को ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने पूरे प्रदेश में जुलूस निकाला और जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया गया। राज्यपाल को संबोधित पत्रक देकर साथियों के रिहाई की मांग की।
ग्रापए के जिलाध्यक्ष शशिकांत मिश्रा के नेतृत्व में पत्रकारों ने लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले से जुलूस निकाला और नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां राज्यपाल को संबोधित पत्रक सौंपा। पत्रकारों की अविलंब और बाइज्जत रिहाई और जिलाधिकारी सहित दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने, सभी प्रकार के पत्रकारों को सूचीबद्ध करने, क्षेत्राधिकारी स्तर से जांच के बाद ही किसी पत्रकार की गिरफ्तारी की मांग की। ग्रापए के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ कुमार ने कहा कि पर्चा लीक होने का समाचार प्रकाशित करने वाले पत्रकारों को गिरफ्तार करना लोकतंत्र पर हमला है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सच्चाई को छापने वाले पत्रकारों की गिरफ्तारी देश व प्रदेश के लिए काफी शर्मनाक है। सरकार को इसमें हस्तक्षेप कर पत्रकारों की रिहाई के साथ दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। यदि संस्कृत के पेपर लीक होने पर प्रशासन ने कार्रवाई कर दी होती तो अंग्रेजी का पेपर लीक होता ही नहीं, लेकिन उसने ऐसा नहीं करके उल्टे पत्रकारों को गिरफ्तार करा दिया। जुलूस में जनार्दन सिंह, ग्रापए के सदर तहसील अध्यक्ष श्याम प्रकाश शर्मा, महामंत्री प्रभाकर सिंह, हरिवंश कुमार, पारस नाथ यादव, राम प्रताप तिवारी, छोटे लाल चौधरी, शकील अहमद अंसारी, रमाकांत सिंह, तिलक कुमार, बसंत पांडेय, आलोक पाण्डेय, कृष्णा शर्मा, सुनील सरदास पूरी, आचार्य सुरेश तिवारी, कैलाशपति सिंह, पंकज सिंह जुगनू, डब्लू सिंह, शिव सागर पांडेय, अनिल सिंह, सुशील कुमार मुन्ना, विनय सिंह, रविशंकर पांडेय, वीरबहादुर सिंह, राधेश्याम वर्मा, विजय शाह आदि पत्रकार शामिल रहे।