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Ballia News: मेडिकल स्टोर के कूड़े में फेंके इंजेक्शन को बच्ची को लगाया, मौत
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बलिया। रेवती नगर पंचायत के सोनबरसा निवासी गुड्डू सैनी कि सात महीने की बेटी निकिता की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। बच्ची के बाबा पंकज माली ने आरोप लगाया कि रेवती कस्बे के बीज गोदाम के पास स्थित एक मेडिकल स्टोर संचालक ने कूड़े में फेंके इंजेक्शन को बच्ची को लगाया था। हालत खराब होने पर बच्ची को जिला अस्पताल लेकर आए थे।
आरोप है कि मेडिकल संचालक ने बच्ची के सिर पर हुए फोड़े को ठीक करने का भरोसा दिया और नया इंजेक्शन इस्तेमाल करने के बजाय कूड़ेदान में रखे इंजेक्शन से घाव का मवाद निकालने लगा। इसके बाद दवा देकर बच्ची को घर भेज दिया गया। रविवार की रात रात में निकिता की तबीयत बिगड़ गई। रविवार सुबह परिजन उसे एक निजी चिकित्सक के पास ले गए, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ ने उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया, लेकिन उसकी मौत हो गई।
बच्ची के बाबा पंकज ने बताया कि मासूम के शरीर पर नीला दाग हो गया था। मासूम की मौत के बाद परिजनों ने मेडिकल स्टोर संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप है कि मामले में कार्रवाई के बजाय समझौते का प्रयास किया गया और मेडिकल संचालक पर कार्रवाई नहीं की गई। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. एके उपाध्याय ने बताया कि बच्ची के शरीर में गंभीर संक्रमण फैल चुका था, जिसके कारण उसकी मौत हुई।
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वहीं, रेवती थानाध्यक्ष अनिल सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। यदि परिजनों की ओर से तहरीर दी जाती है तो मामले की जांच कर साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
पर बच्ची को लेकर दवा लेने पहुंचे थे।
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आरोप है कि मेडिकल संचालक ने बच्ची के सिर पर हुए फोड़े को ठीक करने का भरोसा दिया और नया इंजेक्शन इस्तेमाल करने के बजाय कूड़ेदान में रखे इंजेक्शन से घाव का मवाद निकालने लगा। इसके बाद दवा देकर बच्ची को घर भेज दिया गया। रविवार की रात रात में निकिता की तबीयत बिगड़ गई। रविवार सुबह परिजन उसे एक निजी चिकित्सक के पास ले गए, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ ने उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया, लेकिन उसकी मौत हो गई।
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बच्ची के बाबा पंकज ने बताया कि मासूम के शरीर पर नीला दाग हो गया था। मासूम की मौत के बाद परिजनों ने मेडिकल स्टोर संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप है कि मामले में कार्रवाई के बजाय समझौते का प्रयास किया गया और मेडिकल संचालक पर कार्रवाई नहीं की गई। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. एके उपाध्याय ने बताया कि बच्ची के शरीर में गंभीर संक्रमण फैल चुका था, जिसके कारण उसकी मौत हुई।
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वहीं, रेवती थानाध्यक्ष अनिल सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। यदि परिजनों की ओर से तहरीर दी जाती है तो मामले की जांच कर साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
पर बच्ची को लेकर दवा लेने पहुंचे थे।