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पांच लाख तक पॉलिथीन पकड़वाएं, इनाम पाएं
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बलिया। वन टाइम यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही अब इनामी योजना शुरू की है। इसके तहत अब पांच लाख तक प्लास्टिक पकड़वाने वालों को जिला प्रशासन की ओर 11 हजार का इनाम दिया जाएगा। साथ ही उनका नाम भी गोपनीय रखा जाएगा। बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए तीन चरणों में अभियान चलेगा। अभियान की शुरूआत गंगा यात्रा के साथ ही होगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि पहले चरण में 10 फरवरी तक बडे व्यापारियों व थोक विक्रेताओं के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की जाएगी। 11 से 20 फरवरी तक के दूसरे चरण में मैरेज हॉल, होटल, रेस्टोरेंट व ढाबा आदि के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। तीसरे चरण में 20 फरवरी के बाद लगातार छोटे दुकानदार/ठेले वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जिले में आने वाला प्लास्टिक कहां से और किस कंपनी से बन कर आ रहा है, इसकी पड़ताल कर वहां भी कार्रवाई कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि प्लास्टिक भण्डारण आदि के बारे में गोपनीय सूचना 7080378800 पर कोई भी दे सकता है। सूचना पर छापेमारी होगी और पांचकुंतल से अधिक प्लास्टिक पकड़े जाने पर सूचना देने वाले को 11 हजार पुरस्कार दिया जाएगा।
कहा कि सभी कबाड़खानों को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। यह रजिस्ट्रेशन नि:शुल्क होगा। कूडा बिनने वालों को सूचीबद्ध किया जाएगा। बिना रजिस्ट्रेशन कबाड़खाना पकड़ा गया तो बड़ी कार्रवाई होगी। बताया कि 50 माइक्रोन से कम नॉन-रिसाइक्लेबल प्लास्टिक को नगरपालिका भी उचित मूल्य पर खरीदेगी।
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सड़क निर्माण में करेंगे सदुपयोग
बलिया। जिलाधिकारी ने कहा कि प्लास्टिक के उचित निस्तारण के लिए नगरपालिका द्वारा थ्रेडर मशीन (प्लास्टिक या थर्माकोल को छोटे-छोटे टुकड़ों में करने वाली मशीन) स्थापित की जाएगी। प्लास्टिक के छोटे-छोटे टुकड़े करने के बाद इसका प्रयोग सड़क निर्माण में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि देश के दक्षिणी प्रांतों में इसके प्रयोग से काफी सड़के बनी हैं जो टिकाऊ साबित हुई हैं।
लोगों की जरूरतों का भी रखेंगे ख्याल
बलिया। जिलाधिकारी ने बताया कि प्लास्टिक या थर्माकोल बंद होने के बाद आयोजनों पर लोगों की आवश्यकताओं का भी ख्याल रखा जाएगा। इसके लिए डूडा के परियोजना अधिकारी के माध्यम से स्वयं सहायता समूह को प्रोत्साहित कर जूट व कपडों के थैले का प्रयोग प्लास्टिक के विकल्प के तौर पर कराया जाएगा। कैटरिंग या टेंट वालों को भी पेपर या फाइबर प्लेट्स व दोना-पत्तल के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
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जिलाधिकारी ने बताया कि पहले चरण में 10 फरवरी तक बडे व्यापारियों व थोक विक्रेताओं के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की जाएगी। 11 से 20 फरवरी तक के दूसरे चरण में मैरेज हॉल, होटल, रेस्टोरेंट व ढाबा आदि के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। तीसरे चरण में 20 फरवरी के बाद लगातार छोटे दुकानदार/ठेले वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जिले में आने वाला प्लास्टिक कहां से और किस कंपनी से बन कर आ रहा है, इसकी पड़ताल कर वहां भी कार्रवाई कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि प्लास्टिक भण्डारण आदि के बारे में गोपनीय सूचना 7080378800 पर कोई भी दे सकता है। सूचना पर छापेमारी होगी और पांचकुंतल से अधिक प्लास्टिक पकड़े जाने पर सूचना देने वाले को 11 हजार पुरस्कार दिया जाएगा।
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कहा कि सभी कबाड़खानों को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। यह रजिस्ट्रेशन नि:शुल्क होगा। कूडा बिनने वालों को सूचीबद्ध किया जाएगा। बिना रजिस्ट्रेशन कबाड़खाना पकड़ा गया तो बड़ी कार्रवाई होगी। बताया कि 50 माइक्रोन से कम नॉन-रिसाइक्लेबल प्लास्टिक को नगरपालिका भी उचित मूल्य पर खरीदेगी।
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सड़क निर्माण में करेंगे सदुपयोग
बलिया। जिलाधिकारी ने कहा कि प्लास्टिक के उचित निस्तारण के लिए नगरपालिका द्वारा थ्रेडर मशीन (प्लास्टिक या थर्माकोल को छोटे-छोटे टुकड़ों में करने वाली मशीन) स्थापित की जाएगी। प्लास्टिक के छोटे-छोटे टुकड़े करने के बाद इसका प्रयोग सड़क निर्माण में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि देश के दक्षिणी प्रांतों में इसके प्रयोग से काफी सड़के बनी हैं जो टिकाऊ साबित हुई हैं।
लोगों की जरूरतों का भी रखेंगे ख्याल
बलिया। जिलाधिकारी ने बताया कि प्लास्टिक या थर्माकोल बंद होने के बाद आयोजनों पर लोगों की आवश्यकताओं का भी ख्याल रखा जाएगा। इसके लिए डूडा के परियोजना अधिकारी के माध्यम से स्वयं सहायता समूह को प्रोत्साहित कर जूट व कपडों के थैले का प्रयोग प्लास्टिक के विकल्प के तौर पर कराया जाएगा। कैटरिंग या टेंट वालों को भी पेपर या फाइबर प्लेट्स व दोना-पत्तल के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।