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समाचार मिथिलापति पाए, विश्वामित्र महामुनि आए...

Sat, 09 Oct 2021 11:18 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 09 Oct 2021 11:18 PM IST
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Get the news Mithilapati, Vishwamitra Mahamuni came...
भीमपुरा। क्षेत्र के बरौली की ऐतिहासिक रामलीला के पांचवें दिन व्यास बृजेश सिंह के निर्देशन में कलाकारों ने राम-लक्ष्मण के जनकपुर और फुलवारी के भ्रमण का सजीव प्रस्तुति कर उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। रामलीला में राजा जनक जानकी के स्वयंवर रखते हैं। इसमें महर्षि विश्वामित्र को भी आमंत्रण भेजते हैं। विश्वामित्र राम-लक्ष्मण को लेकर मिथिला के लिए निकलते हैं। गुरु विश्वामित्र के आदेश पर रास्ते में पत्थर बनी अहिल्या को पैर से छूकर उद्धार करते हैं। समाचार मिथिलापति पाए, विश्वामित्र महामुनि आए... के साथ ही राजा जनक विश्वामित्र का स्वागत करते हैं। राम-लक्ष्मण के बारे में पूछते हैं। लखन हृदय लालसा विषेखी, जाई जनकपुर आई देखी...लक्ष्मण के मन में जनकपुर घूमने की इच्छा जागती। राम नगर भ्रमण को लक्ष्मण के साथ निकलते हैं। दोनों भाई फुलवारी में पुष्प चुनने जाते हैं। वहां, सीता माता भी गौरी पूजन के लिए पहुंचती हैं। राम और सीता की नजरें आपस में मिलती हैं। कलाकारों ने दर्शकों का मन मोह लिया। आयोजक आशीष सिंह ने सबके प्रति आभार व्यक्त किया। पात्रों में मयंक, अंकुर, अभय, शशांक, आकाश सिंह, राजबिहारी, करुणाकर उपाध्याय आदि मौजूद रहे। बेल्थरारोड/रतसर: श्रीरामलीला समिति की ओर से बीचला पोखरा स्थित मैदान में मुकुट पूजन के साथ लीला प्रारंभ हुई। पं. कृष्ण कुमार मिश्र ने मुकुट पूजन कराया। चेयरमैन दिनेश कुमार गुप्त ने नारद मोह से लीला का शुभारंभ कराया। देवर्षि नारद प्रकृति के सुरम्य वातावरण में घोर तप करने लगे। देवराज इंद्र को चिंता हुई और उन्होंने नारद की तपस्या भंग करने के लिए कामदेव को भेजा। कामदेव नारद की तपस्या भंग करने में विफल रहे। नारद को कामदेव पर विजय का घमंड हो गया। विष्णु ने नारद का अहंकार तोड़ने के लिए मायानगरी का निर्माण कर विश्वमोहिनी का स्वयंवर रचा। विश्वमोहिनी अचानक प्रकट हुईं और स्वयंवर हाल का परिक्रमा कर विष्णु के गले में वरमाला डाल दी। यह देख नारद आग बबूला हो गए और उन्होंने विष्णु को श्राप दिया कि जिस तरह मैं पत्नी के वियोग में तड़प रहा हूं, इसी प्रकार तुम भी त्रेतायुग में पत्नी के लिए पृथ्वी पर भटकोगे। नारद मोह की भावपूर्ण प्रस्तुति देख लीला प्रेमियों ने राम के जयकारे लगाए। उधर, रतसर कस्बा के भगत शिव मंदिर परिसर स्थित रामलीला चबूतरे पर शुक्रवार की रात रामलीला की प्रस्तुति हुई। मोहिनी स्वयंवर और नारद मोह प्रसंग का भावपूर्ण मंचन कर उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वरिष्ठ कलाकार स्व. शिवलोचन यादव व रामलीला कमेटी के संस्थापक सदस्य स्व. विश्वनाथ सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर सुग्रीव राजभर, अजय राजभर, सुनील पांडेय, अशोक पांडेय, आलोक पांडेय, नंदू सिंह आदि रहे। मंच का संचालन विजय यादव ने किया।
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में श्रद्धालु नर नारी अभिभूत रहे।
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