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गौरा को लगी मेहंदी, सजने लगी शिव बरात
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बलिया। महाशिवरात्रि एक मार्च को है। इस दिन भगवान भोलेनाथ की भव्य बरात बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर से गाजे-बाजे के साथ निकलेगी। रविवार की सुबह छह बजे गौरी पूजा, मेंहदी की रस्म पूरे विधि विधान से बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर में संपन्न हुई। इस दौरान महिलाओं ने शादी विवाह का मांगलिक गीत गाया तथा भगवान भोलेनाथ की भव्य आरती भी की। वहीं महाशिवरात्रि पर्व को दर्शन पूजन के लिए बैरिकेडिंग की गई। मंदिर के बाहर एवं शहीद चौक को केसरिया रंग के झंडा व फीता से पाट दिया गया था। बालेश्वर मंदिर को प्राकृतिक व अप्राकृतिक फूला मालाओं से सजाया जा रहा था। इसके साथ ही विद्युत उपकरण से सजाया जा रहा था।
प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी एक मार्च को महाशिवरात्रि पर्व के दिन नगर के बालेश्वर मंदिर, गोलारोड कैलास धाम मंदिर, मिड्ढ़ी स्थित शिव मंदिर से भोलेनाथ की बरात गाजे-बाजे के साथ निकाली जाएगी। जिसकी तैयारी श्री बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर प्रबंध कमेटी द्वारा जोरों की जा रही है। रविवार की सुबह छह बजे गौरी पूजा, मेंहदी की रस्म पूरे विधि विधान से बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर में संपन्न हुई। नगर से सटे निधरिया पंच मंदिर से भी शिव बरात निकाली जाती है। उधर, कोटवा नारायणपुर स्थित मुक्ति नाथ मंदिर से भव्य शिव बरात निकाली जाएगी। जिसमें 21 कुंवारी कन्याओं द्वारा कलश शोभा यात्रा निकाली जाएगी। इसके अलावा अमांव और नरहीं गांव में भी शिव बरात निकलेगी। नगर से सटे देवकली स्थित विमलेश्वर मंदिर पर भी महाशिवरात्रि के दिन मेला का आयोजन किया जाता है। वही चिलकहर क्षेत्र के कुकुरहा स्थित बाबा तिलेश्वर नाथ मंदिर पर शिवरात्रि के दिन भव्य मेले का आयोजन होता है। उधर, ग्रामीण क्षेत्र के नगरी स्थित नटकेश्वर मंदिर, मिड्ढा के बाजार व गोरथाना के पोखरा स्थित शिव मंदिर, हनुमानगंज स्थित कपलेश्वर मंदिर, दिउली स्थित बाबा बालखंडी नाथ, छितौनी स्थित बाबा छितेश्वर नाथ, सहतवार कस्बा स्थितपंच मंदिर, असेगा स्थित शोकहरण नाथ, कारो स्थित कामेश्वर नाथ, रसड़ा स्थित श्रीनाथ व लखनेश्वर डीह शिवालय पर भक्त बाबा का दर्शन पूजन करेंगे। वहीं बड़सरी स्थित अवनी नाथ, भड़सर स्थित दु:खहरण नाथ, ब्यासी स्थित हरिहर नाथ, नगवां स्थित नागेश्वर नाथ, इब्राहिमपट्टी स्थित अवभूतेश्वर नाथ, बांसडीहकस्बा स्थित भुटेश्वर व रघुवेश्वर नाथ, थम्हनपुरा स्थित बाबा धर्मेश्वर नाथ मंदिर पर बाबा के भक्त जुटेंगे।
पंचग्रही योग में होगा महादेव का जलाभिषेक
बलिया। जनपद में भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन उत्सव के रूप में मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि की तैयारियां जोरों पर हैं। महाशिवरात्रि पर इस बार ग्रहों का विशेष योग बन रहा है। यह विशेष योग एक मार्च मंगलवार सुबह तीन बजकर सोलह मिनट से अगले दिन दो मार्च रात एक बजे तक रहेगा। इस दिन पंचग्रह मंगल, शनि, बुध, शुक्र व चंद्रमा एक साथ मकर राशि में रहेंगे। मान्यता है कि इस दुर्लभ संयोग में शुद्ध मन से भगवान शिव की अराधना और उपासना करने वालों को निश्चित ही मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
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महाशिवरात्रि एक मार्च यानि मंगलवार को पड़ रही है। महाशिवरात्रि पर इस बार ग्रहों का विशेष योग बन रहा है। थमहनपुरा गांव निवासी ज्योतिषी पंडित अखिलेश उपाध्याय का कहना है कि इस दुर्लभ संयोग में शुद्ध चित्त व शांत मन से शिव की आराधना कल्याणकारी होगी। पंडित उपाध्याय के मुताबिक महाशिवरात्रि पर इस बार घनिष्ठा नक्षत्र में परिध योग रहेगा। परिध योग में शत्रुओं के खिलाफ बनाई रणनीतियों में सफलता मिलती है। यानी शत्रुओं पर विजय हासिल करने के लिए इसे बहुत महत्वपूर्ण समझा जाता है। महाशिवरात्रि के दिन सुबह 11.47 से दोपहर 12.34 तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। वहीं इसके बाद दोपहर 02.07 से लेकर 02.53 तक विजय मुहूर्त रहेगा। पूजा या कोई शुभ कार्य करने के लिए ये दोनों ही मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ हैं।
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प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी एक मार्च को महाशिवरात्रि पर्व के दिन नगर के बालेश्वर मंदिर, गोलारोड कैलास धाम मंदिर, मिड्ढ़ी स्थित शिव मंदिर से भोलेनाथ की बरात गाजे-बाजे के साथ निकाली जाएगी। जिसकी तैयारी श्री बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर प्रबंध कमेटी द्वारा जोरों की जा रही है। रविवार की सुबह छह बजे गौरी पूजा, मेंहदी की रस्म पूरे विधि विधान से बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर में संपन्न हुई। नगर से सटे निधरिया पंच मंदिर से भी शिव बरात निकाली जाती है। उधर, कोटवा नारायणपुर स्थित मुक्ति नाथ मंदिर से भव्य शिव बरात निकाली जाएगी। जिसमें 21 कुंवारी कन्याओं द्वारा कलश शोभा यात्रा निकाली जाएगी। इसके अलावा अमांव और नरहीं गांव में भी शिव बरात निकलेगी। नगर से सटे देवकली स्थित विमलेश्वर मंदिर पर भी महाशिवरात्रि के दिन मेला का आयोजन किया जाता है। वही चिलकहर क्षेत्र के कुकुरहा स्थित बाबा तिलेश्वर नाथ मंदिर पर शिवरात्रि के दिन भव्य मेले का आयोजन होता है। उधर, ग्रामीण क्षेत्र के नगरी स्थित नटकेश्वर मंदिर, मिड्ढा के बाजार व गोरथाना के पोखरा स्थित शिव मंदिर, हनुमानगंज स्थित कपलेश्वर मंदिर, दिउली स्थित बाबा बालखंडी नाथ, छितौनी स्थित बाबा छितेश्वर नाथ, सहतवार कस्बा स्थितपंच मंदिर, असेगा स्थित शोकहरण नाथ, कारो स्थित कामेश्वर नाथ, रसड़ा स्थित श्रीनाथ व लखनेश्वर डीह शिवालय पर भक्त बाबा का दर्शन पूजन करेंगे। वहीं बड़सरी स्थित अवनी नाथ, भड़सर स्थित दु:खहरण नाथ, ब्यासी स्थित हरिहर नाथ, नगवां स्थित नागेश्वर नाथ, इब्राहिमपट्टी स्थित अवभूतेश्वर नाथ, बांसडीहकस्बा स्थित भुटेश्वर व रघुवेश्वर नाथ, थम्हनपुरा स्थित बाबा धर्मेश्वर नाथ मंदिर पर बाबा के भक्त जुटेंगे।
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पंचग्रही योग में होगा महादेव का जलाभिषेक
बलिया। जनपद में भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन उत्सव के रूप में मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि की तैयारियां जोरों पर हैं। महाशिवरात्रि पर इस बार ग्रहों का विशेष योग बन रहा है। यह विशेष योग एक मार्च मंगलवार सुबह तीन बजकर सोलह मिनट से अगले दिन दो मार्च रात एक बजे तक रहेगा। इस दिन पंचग्रह मंगल, शनि, बुध, शुक्र व चंद्रमा एक साथ मकर राशि में रहेंगे। मान्यता है कि इस दुर्लभ संयोग में शुद्ध मन से भगवान शिव की अराधना और उपासना करने वालों को निश्चित ही मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
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महाशिवरात्रि एक मार्च यानि मंगलवार को पड़ रही है। महाशिवरात्रि पर इस बार ग्रहों का विशेष योग बन रहा है। थमहनपुरा गांव निवासी ज्योतिषी पंडित अखिलेश उपाध्याय का कहना है कि इस दुर्लभ संयोग में शुद्ध चित्त व शांत मन से शिव की आराधना कल्याणकारी होगी। पंडित उपाध्याय के मुताबिक महाशिवरात्रि पर इस बार घनिष्ठा नक्षत्र में परिध योग रहेगा। परिध योग में शत्रुओं के खिलाफ बनाई रणनीतियों में सफलता मिलती है। यानी शत्रुओं पर विजय हासिल करने के लिए इसे बहुत महत्वपूर्ण समझा जाता है। महाशिवरात्रि के दिन सुबह 11.47 से दोपहर 12.34 तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। वहीं इसके बाद दोपहर 02.07 से लेकर 02.53 तक विजय मुहूर्त रहेगा। पूजा या कोई शुभ कार्य करने के लिए ये दोनों ही मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ हैं।