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गर्दभ बाजार: जीविका के साथ मिलता हैं जीवन साथी
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ददरी मेले में लगा गधों का बाजार।
- फोटो : BALLIA
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बलिया। ऐतिहासिक ददरी मेला के नंदीग्राम में लगने वाला गर्दभ बाजार वैसे तो गदहों की खरीद-फरोख्त के लिए मशहूर है, लेकिन इस मेले के माध्यम से जाति विशेष के लोगों द्वारा रिश्तों की नई पौध भी रोपित की जाती है। इससे न सिर्फ उनका संबंध प्रगाढ़ होता है बल्कि दो व्यापारियों के बीच संबंधों की एक नई डोर भी बंध जाती है। यही कारण है कि ददरी मेला में गदर्भ बाजार के लगने का इंतजार जाति विशेष के लोगों द्वारा वर्ष भर किया जाता है।
यह बाजार पशुओं के साथ-साथ जाति विशेष के लोगों के दिलों को मिलाने का भी एक बड़ा माध्यम है। पुरातत्ववेत्ता और ददरी मेला के जानकार शिवकुमार कौशिकेय ने गर्दभ बाजार की विशेषता का जिक्र करते हुए बताया कि ददरी मेले की ऐतिहासिकता और व्यापकता को देखते हुए यहां दूर-दूर से पशु कारोबारी आते हैं, जो पशुओं की खरीद-बिक्री के साथ-साथ अपने लड़के-लड़कियों की शादी के लिए उचित वर और वधू की भी तलाश भी कर लेते हैं।
पटरी दुकानदारों के लिए अलग आवंटित होगी भूमि
बलिया। नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार विश्वकर्मा ने शनिवार को बताया कि ददरी मेला के मीना बाजार में इस बार पटरी दुकानदारों को रास्ते के मध्य में दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अलबत्ता उनके लिए मेला परिसर में अलग से कटरा बनाया गया है। ईओ ने बताया कि कुछ पटरी दुकानदारों को वहां दुकान लगाने के लिए भूमि भी आवंटित की गई है। अगर भूमि की कमी होगी तो मेला के पीछे भारतेंदु मंच के किनारे पटरी दुकानदारों के लिए अलग से भूमि आवंटित की जाएगी। बताया कि मीना बाजार के लिए बने रास्ते में पटरी दुकानदारों द्वारा दुकान लगाने से हादसे की आशंका बनी रहती है। इसके मद्देनजर इस नपा प्रशासन यह फैसला लिया है।
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यह बाजार पशुओं के साथ-साथ जाति विशेष के लोगों के दिलों को मिलाने का भी एक बड़ा माध्यम है। पुरातत्ववेत्ता और ददरी मेला के जानकार शिवकुमार कौशिकेय ने गर्दभ बाजार की विशेषता का जिक्र करते हुए बताया कि ददरी मेले की ऐतिहासिकता और व्यापकता को देखते हुए यहां दूर-दूर से पशु कारोबारी आते हैं, जो पशुओं की खरीद-बिक्री के साथ-साथ अपने लड़के-लड़कियों की शादी के लिए उचित वर और वधू की भी तलाश भी कर लेते हैं।
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पटरी दुकानदारों के लिए अलग आवंटित होगी भूमि
बलिया। नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार विश्वकर्मा ने शनिवार को बताया कि ददरी मेला के मीना बाजार में इस बार पटरी दुकानदारों को रास्ते के मध्य में दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अलबत्ता उनके लिए मेला परिसर में अलग से कटरा बनाया गया है। ईओ ने बताया कि कुछ पटरी दुकानदारों को वहां दुकान लगाने के लिए भूमि भी आवंटित की गई है। अगर भूमि की कमी होगी तो मेला के पीछे भारतेंदु मंच के किनारे पटरी दुकानदारों के लिए अलग से भूमि आवंटित की जाएगी। बताया कि मीना बाजार के लिए बने रास्ते में पटरी दुकानदारों द्वारा दुकान लगाने से हादसे की आशंका बनी रहती है। इसके मद्देनजर इस नपा प्रशासन यह फैसला लिया है।
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