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Ballia News: लाल निशान से 87 सेमी नीचे पहंुचा गंगा का जलस्तर, चक्की नौरंगा में 11 और मकान समाए
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गंगा नदी के बाढ़ के पानी से घिरा उदईछपरा गांव।संवाद
- फोटो : विद्यालय
मझौवां/दयाछपर। गंगा नदी का जलस्तर लाल निशान से 87 सेमी नीचे पहंुच गया है लेकिन कटान तेज हो गई। खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर बह रही है। चक्की नौरंगा में कटान से 11 मकान कटकर नदी में समा गए। चक्की नौरंगा में अब तक 111 मकान गंगा में विलीन हो गए हैं।
बाढ़ से अब भी दर्जनों गांव टापू बने हुए हैं। सैकड़ों लोग घरों को छोड़कर दूसरी जगह शरण लिए हुए हैं। बाढ़ पीड़ित भोजन और पानी के लिए तरस रहे है। सुघर छपरा गांव के लोगों की स्थिति सबसे दयनीय हो गई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गायघाट गेज पर बृहस्पतिवार की शाम 4 बजे गंगा नदी का जलस्तर 59.520 मीटर पर ठहर गया। यहां वार्निंग लेवल 56.615 है। खतरा बिंदु 57.615 मीटर है। गंगा नदी इस समय खतरे के निशान से 1.905 मीटर ऊपर बह रही है।
मझौवां संवाददाता के अनुसार चक्की नौरंगा में बृहस्पतिवार को 11 मकान गंगा में समा गए। इसमें मनोज ठाकुर, सुनील ठाकुर, सुधीर ठाकुर, राजकुमारी, विजय राम, सुग्रीव राम, बुधन राम आदि लोगों के मकान थे। यूपी और बिहार को जोड़ने वाली सड़क भी 300 मीटर बह गई। चक्की नौरंगा में कटान पीड़ितों के बीच एसडीएम बैरिया आलोक प्रताप सिंह ने पहुंचकर कटान का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ितों को 24 घंटे में सहायता राशि उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
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बिहार जाने वाली सड़क कटकर बह गई: मझौंवा। यूपी-बिहार को जोड़ने वाली सड़क के कटने से चक्की नौरंगा, उपाध्याय टोला, भुआल छपरा, नौरंगा, भगवानपुर गांव का आगमन बंद हो गया। अब वहां के बाढ़ व कटान पीड़ितों का रोजमर्रा की खरीदारी करने के लिए बाध्य होकर रामगढ़, बैरिया अथवा बलिया जाना पड़ेगा, क्योंकि बिहार जाने का अब कोई रास्ता नहीं बच पाया है। संवाद
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देवपुर मठिया में पहुंचे एसडीएम, सहायता का दिया आश्वासन
बैरिया। सरयू नदी के बाढ़ के पानी में घिरे देवपुर मठिया के लोगों की समस्याओं को देखने हुए बृहस्पतिवार को एसडीएम नाव से पीड़ितों के बीच पहुंचे। उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुनने के बाद उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। बाढ़ पीड़ितों ने बताया कि हम लोग एक पखवाड़े से बाढ़ के पानी में घिरे हुए हैं। 24 लोगों के मकान में पानी घुसा हुआ है। एसडीएम आलोक प्रताप सिंह ने बताया कि देवपुर मठिया के 24 परिवार है, जहां अभी भी लोग नाव से आ जा रहे है। पीड़ितों को सरकारी सहायता के साथ-साथ पशु चिकित्सक की टीम भेजी जाएगी। संवाद
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गंगा की लहरों ने चार बार पार किया खतरे का निशान
तिथि-- -- -- -- बढ़ाव की गति-- -- -- -- प्रभावित
15 जुलाई-- -दो सेमी प्रति घंटा-- 5 हजार आबादी
30 जुलाई-- -दो सेमी प्रति घंटा-- 71 गांव
26 अगस्त-- -चार सेमी प्रति घंटा-- 60 हजार आबादी
06 सितंबर-- एक सेमी प्रति घंटा-- 50 हजार आबादी
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बाढ़ से अब भी दर्जनों गांव टापू बने हुए हैं। सैकड़ों लोग घरों को छोड़कर दूसरी जगह शरण लिए हुए हैं। बाढ़ पीड़ित भोजन और पानी के लिए तरस रहे है। सुघर छपरा गांव के लोगों की स्थिति सबसे दयनीय हो गई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गायघाट गेज पर बृहस्पतिवार की शाम 4 बजे गंगा नदी का जलस्तर 59.520 मीटर पर ठहर गया। यहां वार्निंग लेवल 56.615 है। खतरा बिंदु 57.615 मीटर है। गंगा नदी इस समय खतरे के निशान से 1.905 मीटर ऊपर बह रही है।
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मझौवां संवाददाता के अनुसार चक्की नौरंगा में बृहस्पतिवार को 11 मकान गंगा में समा गए। इसमें मनोज ठाकुर, सुनील ठाकुर, सुधीर ठाकुर, राजकुमारी, विजय राम, सुग्रीव राम, बुधन राम आदि लोगों के मकान थे। यूपी और बिहार को जोड़ने वाली सड़क भी 300 मीटर बह गई। चक्की नौरंगा में कटान पीड़ितों के बीच एसडीएम बैरिया आलोक प्रताप सिंह ने पहुंचकर कटान का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ितों को 24 घंटे में सहायता राशि उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
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बिहार जाने वाली सड़क कटकर बह गई: मझौंवा। यूपी-बिहार को जोड़ने वाली सड़क के कटने से चक्की नौरंगा, उपाध्याय टोला, भुआल छपरा, नौरंगा, भगवानपुर गांव का आगमन बंद हो गया। अब वहां के बाढ़ व कटान पीड़ितों का रोजमर्रा की खरीदारी करने के लिए बाध्य होकर रामगढ़, बैरिया अथवा बलिया जाना पड़ेगा, क्योंकि बिहार जाने का अब कोई रास्ता नहीं बच पाया है। संवाद
देवपुर मठिया में पहुंचे एसडीएम, सहायता का दिया आश्वासन
बैरिया। सरयू नदी के बाढ़ के पानी में घिरे देवपुर मठिया के लोगों की समस्याओं को देखने हुए बृहस्पतिवार को एसडीएम नाव से पीड़ितों के बीच पहुंचे। उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुनने के बाद उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। बाढ़ पीड़ितों ने बताया कि हम लोग एक पखवाड़े से बाढ़ के पानी में घिरे हुए हैं। 24 लोगों के मकान में पानी घुसा हुआ है। एसडीएम आलोक प्रताप सिंह ने बताया कि देवपुर मठिया के 24 परिवार है, जहां अभी भी लोग नाव से आ जा रहे है। पीड़ितों को सरकारी सहायता के साथ-साथ पशु चिकित्सक की टीम भेजी जाएगी। संवाद
गंगा की लहरों ने चार बार पार किया खतरे का निशान
तिथि
15 जुलाई
30 जुलाई
26 अगस्त
06 सितंबर

गंगा नदी के बाढ़ के पानी से घिरा उदईछपरा गांव।संवाद- फोटो : विद्यालय

गंगा नदी के बाढ़ के पानी से घिरा उदईछपरा गांव।संवाद- फोटो : विद्यालय