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नगर के निचले इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Fri, 12 Aug 2016 11:44 PM IST
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गंगा में आई बाढ़ के दौरान शुक्रवार को गायत्री शक्तिपीठ के बाहर बने मार्ग को काटकर बहता नदी का पानी।
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नगर के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से घुसने लगा है। महावीर घाट स्थित गायत्री मंदिर एवं कंसपुर दियारा इलाके के लोगों के लिए बाढ़ मुसीबत बनता जा रहा है। वहीं डूब क्षेत्र में लोग अपने-अपने घरों को छोड़कर भागने की कोशिश में लगे हुए हैं। जिले को अभी तक बाढ़ ग्रस्त घोषित नहीं किया गया है।
नगर के निचले हिस्से में गायत्री शक्तिपीठ के समीप दर्जनों मकान डूब क्षेत्र घोषित होने के बाद बना लिए। ऐसे में नगर पालिका क्षेत्र के कंसपुर दियारा, वजीरापुर, शिवरामपुर के आसपास के इलाकों में लबालब पानी भर गया है। नाव के सहारे ही दियारे के लोग गंगा के उस पार जा रहे हैं।
बेदुआ, महावीर घाट, गायत्री मंदिर कालोनी, घनश्याम नगर सहित दर्जनों इलाकों में बने आवासीय मकानों में तेजी से गंगा के बाढ़ का पानी बढ़ने लगा है। स्कूली छात्र किसी तरह से पानी को पार करके स्कूलों में आ-जा रहे हैं। शुक्रवार सुबह में सड़क पर एक फीट पानी था वह शाम तक बढ़कर दो फीट तक हो गया।इन इलाकों में लोग मकानों को खाली कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। बीते 2013 में आई भीषण बाढ़ में भी गंगा की लहरें शहर की ओर रुख कर दिया था। इस बार भी गंगा के बाढ़ का पानी शहर की ओर तेजी से बढ़ रहा है। लोगों ने कहा कि अगर इसी तरह से नदी का पानी बढ़ता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब शहर में भी पानी पहुंच जाए।
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ामगढ़। जिले में गंगा का जलस्तर बढ़ता ही जा रहा है। शुक्रवार को जलस्तर बढ़ने से रामगढ़ के चौबे छपरा में जहां पांच घर देखते ही देखते गंगा में समा गए, वहीं जयप्रकाश नगर, बैरिया के दर्जनभर से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इसमें कई गांव टापू बन गए हैं। जयप्रकाशनगर का अठगांवा गांव पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिर गया है। सैकड़ों एकड़ खड़ी फसल जलमग्न हो गई है। चौबेछपरा में वर्षों पुराना एक कुआं गंगा में विलीन हो गया। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार, गंगा का जलस्तर शुक्रवार की शाम 4 बजे 58.80 मीटर दर्ज किया गया। प्रति घंटा आधा सेमी का बढ़ाव बना हुआ है। वहीं इन क्षेत्रों में न तो नाव और न ही कोई मुकम्मल व्यवस्था ही कराई गई है। इसको लेकर गंगा के किनारे के दर्जनों गांवों के लोगों में आक्रोश बना हुआ है।
शुक्रवार की सुबह जैसे ही कटान पीड़ित अपने सामानों को समेटते तब तक पानी सुघर छपरा, केहरपुर, चौबेछपरा लाला बगीचा में फैल गया। कटान पीड़ित अपने सामानों को लेकर नहीं निकाल सके। श्रीनगर निवासी जीतू सिंह, दिलीप सिंह, उदय सिंह, राजन सिंह व चौबेछपरा निवासी राजकुमार चौबे का घर गंगा की लहरों में समाहित हो गया । गंगा की लहरें श्रीनगर गांव को समेटते हुए अब दूबे छपरा रिंग बंधे के समीप पहुंचते चली आ रही है और बंधे से मात्र 100 मीटर की दूरी शेष रह गई है। नरहीं इलाके में गंगा, टोंस, मगई नदी का कहर जारी रहा।
किसानों की करीब 300 एकड़ फसल डूब चुकी है, जिससे किसानों का भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। शुक्रवार को भी बैरिया, चांदनाला में पानी गिरने का सिलसिला जारी रहा। प्रसादछपरा, उदईछपरा, गोपालपुर के लोगों ने क्षेत्रीय विधायक जयप्रकाश अंचल से रिंग बंधे व बाढ़ के कटान से निजात दिलाने के लिए तत्काल स्पर बनाने की मांग की। इस मौके पर मुन्न यादव, अमित दूबे, वीरेन्द्र यादव, हरेराम यादव, राजकिशोर उपाध्याय, अयोध्या प्रसाद, हिन्द जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि आदि मौजूद रहे।
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नगर के निचले हिस्से में गायत्री शक्तिपीठ के समीप दर्जनों मकान डूब क्षेत्र घोषित होने के बाद बना लिए। ऐसे में नगर पालिका क्षेत्र के कंसपुर दियारा, वजीरापुर, शिवरामपुर के आसपास के इलाकों में लबालब पानी भर गया है। नाव के सहारे ही दियारे के लोग गंगा के उस पार जा रहे हैं।
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बेदुआ, महावीर घाट, गायत्री मंदिर कालोनी, घनश्याम नगर सहित दर्जनों इलाकों में बने आवासीय मकानों में तेजी से गंगा के बाढ़ का पानी बढ़ने लगा है। स्कूली छात्र किसी तरह से पानी को पार करके स्कूलों में आ-जा रहे हैं। शुक्रवार सुबह में सड़क पर एक फीट पानी था वह शाम तक बढ़कर दो फीट तक हो गया।इन इलाकों में लोग मकानों को खाली कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। बीते 2013 में आई भीषण बाढ़ में भी गंगा की लहरें शहर की ओर रुख कर दिया था। इस बार भी गंगा के बाढ़ का पानी शहर की ओर तेजी से बढ़ रहा है। लोगों ने कहा कि अगर इसी तरह से नदी का पानी बढ़ता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब शहर में भी पानी पहुंच जाए।
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ामगढ़। जिले में गंगा का जलस्तर बढ़ता ही जा रहा है। शुक्रवार को जलस्तर बढ़ने से रामगढ़ के चौबे छपरा में जहां पांच घर देखते ही देखते गंगा में समा गए, वहीं जयप्रकाश नगर, बैरिया के दर्जनभर से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इसमें कई गांव टापू बन गए हैं। जयप्रकाशनगर का अठगांवा गांव पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिर गया है। सैकड़ों एकड़ खड़ी फसल जलमग्न हो गई है। चौबेछपरा में वर्षों पुराना एक कुआं गंगा में विलीन हो गया। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार, गंगा का जलस्तर शुक्रवार की शाम 4 बजे 58.80 मीटर दर्ज किया गया। प्रति घंटा आधा सेमी का बढ़ाव बना हुआ है। वहीं इन क्षेत्रों में न तो नाव और न ही कोई मुकम्मल व्यवस्था ही कराई गई है। इसको लेकर गंगा के किनारे के दर्जनों गांवों के लोगों में आक्रोश बना हुआ है।
शुक्रवार की सुबह जैसे ही कटान पीड़ित अपने सामानों को समेटते तब तक पानी सुघर छपरा, केहरपुर, चौबेछपरा लाला बगीचा में फैल गया। कटान पीड़ित अपने सामानों को लेकर नहीं निकाल सके। श्रीनगर निवासी जीतू सिंह, दिलीप सिंह, उदय सिंह, राजन सिंह व चौबेछपरा निवासी राजकुमार चौबे का घर गंगा की लहरों में समाहित हो गया । गंगा की लहरें श्रीनगर गांव को समेटते हुए अब दूबे छपरा रिंग बंधे के समीप पहुंचते चली आ रही है और बंधे से मात्र 100 मीटर की दूरी शेष रह गई है। नरहीं इलाके में गंगा, टोंस, मगई नदी का कहर जारी रहा।
किसानों की करीब 300 एकड़ फसल डूब चुकी है, जिससे किसानों का भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। शुक्रवार को भी बैरिया, चांदनाला में पानी गिरने का सिलसिला जारी रहा। प्रसादछपरा, उदईछपरा, गोपालपुर के लोगों ने क्षेत्रीय विधायक जयप्रकाश अंचल से रिंग बंधे व बाढ़ के कटान से निजात दिलाने के लिए तत्काल स्पर बनाने की मांग की। इस मौके पर मुन्न यादव, अमित दूबे, वीरेन्द्र यादव, हरेराम यादव, राजकिशोर उपाध्याय, अयोध्या प्रसाद, हिन्द जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि आदि मौजूद रहे।