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धनुष यज्ञ मेला : कांच व रोगन वाली चूड़ियों की दुकानों पर जुट रही भीड़
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बैरिया। सुदिष्ट बाबा की समाधि स्थल परिसर में लगे धनुष यज्ञ मेले के मीना बाजार में सजी चूड़ियों की दुकानें महिलाओं के आकर्षक का केंद्र बनी हैं। महिलाओं की पहली पसंद फिरोजाबाद की रोगन चूड़ियां पहली पसंद हैं। महिलाएं खुद के लिए और बेटियों की शादी में देने के लिए चूड़ियां खरीद रही हैं।
रोगन वाली इन चूड़ियों की खासियत होती है कि इनमें जरकन का इस्तेमाल होता है जिनमें हीरे जैसी चमक होती है। ये चूड़ियां ऐसे तो सभी शहरों में मिलती हैं लेकिन मेले में चूड़ियों की वैराइटी अधिक है। रोगन चूड़ियां कई रंग की जरकन में आती हैं। मेले में 100 रुपये से लेकर 5000 रुपए तक की चूड़ियां मिल रही हैं। महिलाओं को राजस्थान के जयपुर की खूबसूरत लाख की चूड़ियां भी भा रही हैं। जयपुर की चूड़ियां 50 रुपए से लेकर चार हजार रुपये तक की लाख की चूड़ियां उपलब्ध हैं। रंग बिरंगी होने के साथ ही इन चूड़ियों में कुंदन वर्क भी किया गया है।
मीना बाजार में इस बार खास तरह की कांच की फैंसी चूड़ियां, कंगन, बिंदी की भी दुकानेें लगी हैं। शुक्रवार को चूड़ियों व फैंसी सौंदर्य सामग्री की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ जुटी रही। दुकानदारों का कहना है कि धनुषयज्ञ मेला में हम लोग वर्षों से दुकान लगाते हैं। अभी तो शुरुआती मेला है और जिले का मशहूर ददरी मेला जल्द ही समाप्त हुआ है, ऐसे में कुछ दिनों के बाद इस मेले में रौनक होगी। इसके बाद अच्छी बिक्री होने की उम्मीद है। दुकानदारों के मुताबिक पहले बाजार में मेटल के कड़े ज्यादा पसंद किए जाते थे, लेकिन इस बार महिलाओं में कांच के कड़े पहली पसंद बने हैं। इस बार नगों वाले हर रंग की साड़ियों के रंगों से मैच करते हुए कड़े, मल्टी कलर वाले कड़े बाजार में 50 रुपये से लेकर 300 रुपये तक उपलब्ध हैं। कांच के कड़े दिखने में सुंदर होने के कारण महिलाओं को आकर्षित कर रहे हैं। जबकि जरकन वाली फैंसी चूड़ियों की बिक्री ज्यादा है। मेला प्रबंधक व पूर्व प्रधान गौरीशंकर प्रसाद ने कहा कि हर साल शुरुआती दौर में मेला कुछ फीका होता है लेकिन एक सप्ताह बाद भीड़ जुटती है।
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रोगन वाली इन चूड़ियों की खासियत होती है कि इनमें जरकन का इस्तेमाल होता है जिनमें हीरे जैसी चमक होती है। ये चूड़ियां ऐसे तो सभी शहरों में मिलती हैं लेकिन मेले में चूड़ियों की वैराइटी अधिक है। रोगन चूड़ियां कई रंग की जरकन में आती हैं। मेले में 100 रुपये से लेकर 5000 रुपए तक की चूड़ियां मिल रही हैं। महिलाओं को राजस्थान के जयपुर की खूबसूरत लाख की चूड़ियां भी भा रही हैं। जयपुर की चूड़ियां 50 रुपए से लेकर चार हजार रुपये तक की लाख की चूड़ियां उपलब्ध हैं। रंग बिरंगी होने के साथ ही इन चूड़ियों में कुंदन वर्क भी किया गया है।
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मीना बाजार में इस बार खास तरह की कांच की फैंसी चूड़ियां, कंगन, बिंदी की भी दुकानेें लगी हैं। शुक्रवार को चूड़ियों व फैंसी सौंदर्य सामग्री की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ जुटी रही। दुकानदारों का कहना है कि धनुषयज्ञ मेला में हम लोग वर्षों से दुकान लगाते हैं। अभी तो शुरुआती मेला है और जिले का मशहूर ददरी मेला जल्द ही समाप्त हुआ है, ऐसे में कुछ दिनों के बाद इस मेले में रौनक होगी। इसके बाद अच्छी बिक्री होने की उम्मीद है। दुकानदारों के मुताबिक पहले बाजार में मेटल के कड़े ज्यादा पसंद किए जाते थे, लेकिन इस बार महिलाओं में कांच के कड़े पहली पसंद बने हैं। इस बार नगों वाले हर रंग की साड़ियों के रंगों से मैच करते हुए कड़े, मल्टी कलर वाले कड़े बाजार में 50 रुपये से लेकर 300 रुपये तक उपलब्ध हैं। कांच के कड़े दिखने में सुंदर होने के कारण महिलाओं को आकर्षित कर रहे हैं। जबकि जरकन वाली फैंसी चूड़ियों की बिक्री ज्यादा है। मेला प्रबंधक व पूर्व प्रधान गौरीशंकर प्रसाद ने कहा कि हर साल शुरुआती दौर में मेला कुछ फीका होता है लेकिन एक सप्ताह बाद भीड़ जुटती है।
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