बलिया: मिट्टी के तेल के थोक लाइसेंस धारक पर एफआईआर, कई को थमाया नोटिस, जानें पूरा मामला
डीएम के आदेश के बाद भी लाइसेंसधारकों ने मिट्टी के तेल का उठान नहीं किया था। बाढ़ की वजह से पीड़ितों को इसकी सबसे ज्यादा जरूरती है।
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मिट्टी के तेल (केरोसिन ऑइल) का उठान नहीं होने के कारण बलिया जिला प्रशासन की परेशानी बढ़ रही है। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद भी लाइसेंधारी ने तेल का उठान नहीं किया। जिसके बाद पूर्ति निरीक्षक धर्मेंद्र श्रीवास्तव की तहरीर पर शहर कोतवाली में बाढ़ आपदा एक्ट के तहत थोक लाइसेंसधारी आरके बीके पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा आठ लोगों को प्रशासन ने नोटिस भी जारी किया है।
बता दें कि वर्तमान समय में जनपद में गंगा का कहर जारी है। आलम यह है कि गंगा का जलस्तर खतरा बिंदु से ऊपर है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित इलाकों में मिट्टी के तेल का वितरण होना है। शासन ने 12 हजार लीटर मिट्टी तेल का उठान करने का निर्देश दिया है, इसे लेकर जिलापूर्ति कार्यालय में लाइसेंस धारियों की बैठक हुई।
तेल उठान के लिए प्रशासन की तरफ से निर्देश दिया गया, लेकिन लाइसेंसधारियों ने एक साल से मिट्टी तेल की उठान बंद होने का हवाला दिया। संसाधन व मैन पावर की कमी बताते हुए उठान करने से इनकार कर दिया। जिससे आपदा के समय बाढ़ पीड़ितों के बीच मिट्टी तेल का वितरण करने में समस्या आ रही है।
जिला प्रशासन ने एक लाइसेंस धारक आरके बीके के खिलाफ बाढ़ आपदा एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। जबकि अन्य को नोटिस दिया है।
इस बाबत जिलापूर्ति अधिकारी कृष्ण गोपाल पांडेय ने बताया कि डीएम के आदेश के बाद भी मिट्टी तेल का उठान न करना अवहेलना है। जिसके क्रम में लाइसेंस धारक आरके बीके के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। जबकि अन्य लाइसेंस धारकों को नोटिस भेजा गया है।