फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Farmers suffering from the ghagra cutan

घाघरा के कटान से तबाह हो रहे किसान

Sat, 12 Aug 2017 12:14 AM IST
ballia
ballia Updated Sat, 12 Aug 2017 12:14 AM IST
विज्ञापन
Farmers suffering from the ghagra cutan
बाढ़ - फोटो : amar ujala

विज्ञापन
जिले के पूर्वी छोर पर स्थित इब्राहिमाबाद नौबरार (अठगांवा) पंचायत में घाघरा के  कटान से किसान तबाह हैं । लगातार उनकी जमीन घाघरा निगल रही है। किसानों को खेती के लायक भी जमीन नहीं रह गई। आलम यह है कि एक तरफ विभाग कटानरोधी कार्य में लगे हैं तो दूसरी तरफ से कटान जारी है। जिससे विभाग कटान का मंजर खुद देख रहे हैं, सबक तो लेना है, बावजूद विभाग हर बार काम बाढ़ के कुछ दिन पहले ही शुरू करता है। जानकारों की मानें तो जनप्रतिनिधि तथा विभागीय अधिकारी जानबूझकर इस समय टेंडर कराते हैं, ताकि धन का बंदरबांट किया जा सके।

इब्राहिमाबाद नौबरार में कटानरोधी कार्यों का असली सच यह है कि यहां घाघरा में एक माह पहले से भयंकर कटान शुरू हुआ। इब्राहिमाबाद नौबरार से लेकर चांददियर तक लगभग छह किमी लंबाई में घाघरा किसानों के जमीन को निगलने लगी। तब विभाग चुपचाप बैठ कर चैन की वंशी बजा रहा था । काफी शोर होने के बाद विभाग ने लोगों के शोर को शांत करने के लिए यहां सठिया ढाला के सीध में लगभग 400 मीटर में फ्लड फाईटिंग का एक निरर्थक कार्य शुरू किया । इसके तहत कटान स्थल पर जेसीबी से स्लोप बनाकर, उसमें झाड़-झंखाड़ डाला जा रहा था। यह कार्य एक तरफ से हो रहा था और दूसरी ओर से घाघरा घंटा भर में ही उसे अपने गर्भ में समाहित कर लेती थी।
विज्ञापन


आमलोगों के साथ विभागीय अधिकारी भी यह नजारा देख रहे थे। अंतोगत्वा विभाग थक कर फाइटिंग का कार्य बंद कर दिया और नए तरीके से गत बुधवार से विभाग द्वारा कटान को रोकने के लिए नए तरीके के तहत तीन कटर बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। लेकिन घाघरा भी अपना रौद्र रूप दिखाने से बाज नहीं आ रही है। पंचायत के ग्राम प्रधान बच्चा जी यादव का कहना है कि यहां आज तक विभाग समय रहते नहीं चेतता जब कटान शुरू हो जाता है तो खाना पूर्ति के नाम पर कटाव रोधी कार्य करवाता है ।विभाग जब तक यहां का कटान रोकने के लिए  कोई स्थाई  प्रोजेक्ट बनाकर कार्य नही कराएगा ,तब तक यहां सफलता मिलने की उम्मीद नही है ।साथ  ही बंधा टूटते ही विभाग की इस लापरवाही के शिकार  क्षेत्र के सैकड़ों गावों को भुगतना पड़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed